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Rudraprayag : रुद्रप्रयाग की पहाड़ियों में सेना का शिक्रा ड्रोन क्रैश, हेलीकॉप्टर हादसे की खबर निकली गलत…
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Rudraprayag Army drone crash: रुद्रप्रयाग की पहाड़ियों में सेना का शिक्रा ड्रोन क्रैश, हेलीकॉप्टर हादसे की सूचना निकली अफवाह
Rudraprayag Army drone Crash:
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले से गुरुवार को एक ऐसी घटना सामने आई जिसने कुछ समय के लिए प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी। जिले के सारी क्षेत्र अंतर्गत बिजराकोट के पहाड़ी इलाके में भारतीय सेना का एक ड्रोन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। शुरुआती सूचना में इसे हेलीकॉप्टर हादसा बताया गया, लेकिन बाद में जांच में यह जानकारी गलत साबित हुई।
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हेलीकॉप्टर दुर्घटना की सूचना से मचा हड़कंप (Helicopter Crash Rumour)
जानकारी के अनुसार गुरुवार दोपहर करीब 2:36 बजे जिला प्रशासन को सूचना मिली कि सारी गांव से लगभग 7 से 8 किलोमीटर ऊपर पहाड़ी क्षेत्र में एक हवाई यान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। सूचना मिलते ही प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और संबंधित एजेंसियां सक्रिय हो गईं। शुरुआत में इसे हेलीकॉप्टर दुर्घटना माना जा रहा था, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
जांच में सामने आई ड्रोन क्रैश की सच्चाई (Drone Crash Investigation)
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि स्थानीय ग्रामीणों और क्षेत्रीय स्रोतों से मिली जानकारी के बाद स्पष्ट हुआ कि दुर्घटनाग्रस्त वस्तु कोई हेलीकॉप्टर नहीं बल्कि एक मानवरहित हवाई वाहन यानी यूएवी (UAV) है। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी व्यक्ति के घायल होने या संपत्ति को नुकसान पहुंचने की सूचना नहीं मिली है।
सेना का स्वदेशी शिक्रा टारगेट ड्रोन हुआ दुर्घटनाग्रस्त (Shikra Target Drone)
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दुर्घटनाग्रस्त यूएवी भारतीय सेना द्वारा उपयोग किया जाने वाला स्वदेशी ‘शिक्रा टारगेट ड्रोन’ है। इस ड्रोन का उपयोग सेना, वायु सेना और नौसेना द्वारा विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा हथियार प्रणालियों के परीक्षण के दौरान किया जाता है। रक्षा अभ्यासों में इसे लक्ष्य (टारगेट) के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है।
घटनास्थल पर जुटी लोगों की भीड़ (Rudraprayag Drone Crash)
ड्रोन के क्रैश होने की खबर फैलते ही आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। पहाड़ी क्षेत्र में क्षतिग्रस्त अवस्था में पड़े ड्रोन को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। इसके बाद प्रशासन और संबंधित एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और जांच शुरू की।
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क्रैश होने के कारणों की जांच जारी (Technical Investigation)
फिलहाल ड्रोन दुर्घटना के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। तकनीकी खराबी, नियंत्रण प्रणाली में गड़बड़ी या किसी अन्य कारण से ड्रोन क्रैश हुआ, इसकी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार (Army Drone Crash Update)
फिलहाल प्रशासन और संबंधित रक्षा एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हुई हैं। घटना में किसी प्रकार की जनहानि न होने से राहत जरूर है, लेकिन ड्रोन क्रैश होने की वजह जानने के लिए सभी की निगाहें अब आधिकारिक जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।
