UTTARAKHAND NEWS ऊधमसिंह नगर
Uttarakhand News: रुद्रपुर अस्पताल में लापरवाही का आरोप, प्रसव के बाद महिला की मौत
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Rudrapur delivery case: Rudrapur Delivery Case|Uttarakhand Health News|Maternal Health Services डिलीवरी के कुछ घंटे बाद महिला ने तोड़ा दम, परिजनों ने जिला अस्पताल में किया हंगामा
Rudrapur Delivery Case| Uttarakhand breaking News Today|उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर जिला अस्पताल से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है, जहां डिलीवरी के कुछ घंटे बाद एक महिला की मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल में परिजनों ने जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों व अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। मृतका की पहचान सिंह कॉलोनी निवासी ज्योति पांडे के रूप में हुई है, जिन्हें प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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डॉक्टरों की गैरमौजूदगी पर उठे सवाल(Rudrapur Hospital News)
जानकारी के अनुसार ज्योति पांडे को बुधवार शाम आशा कार्यकर्ता के साथ जिला अस्पताल लाया गया था। परिजनों का आरोप है कि भर्ती के समय अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था और केवल नर्सिंग स्टाफ ही मरीज को देख रहा था। परिवार ने स्टाफ से पूछा भी कि ड्यूटी डॉक्टर कौन हैं, लेकिन बताया गया कि डॉक्टर अभी अस्पताल नहीं पहुंचे हैं।
सामान्य डिलीवरी का दिया गया भरोसा
(Delivery Negligence Case)
मृतका के पति सौरभ मिश्रा ने आरोप लगाया कि उन्होंने अस्पताल कर्मियों से साफ कहा था कि यदि स्थिति संभालना संभव नहीं है तो मरीज को तुरंत किसी बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया जाए। हालांकि स्टाफ ने भरोसा दिलाया कि सामान्य डिलीवरी कराई जाएगी। देर रात महिला को लेबर रूम में ले जाया गया और प्रसव प्रक्रिया शुरू की गई।
करीब डेढ़ बजे ज्योति ने एक बच्ची को जन्म दिया। परिजनों के मुताबिक उस समय तक महिला की हालत सामान्य थी, लेकिन कुछ देर बाद अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी।
ऑक्सीजन नहीं मिलने का आरोप
(Health System Failure)
परिजनों का आरोप है कि महिला की हालत बिगड़ने के बावजूद अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सा व्यवस्था मौजूद नहीं थी। स्टाफ ने परिवार से ब्लड की व्यवस्था करने को कहा। पति जब ब्लड लेकर लौटे तो अस्पताल में कई डॉक्टर और अधिकारी इलाज में जुटे दिखाई दिए।
इसी दौरान महिला को सांस लेने में दिक्कत शुरू हुई और ऑक्सीजन लगाने की जरूरत पड़ी। आरोप है कि अस्पताल में समय पर ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध नहीं थे। करीब एक घंटे बाद जो सिलेंडर पहुंचे, वे भी खाली निकले। परिजनों का कहना है कि लगातार अफरा-तफरी के बीच दोपहर करीब दो बजे महिला ने दम तोड़ दिया।
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परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
(Government Hospital Negligence)
मृतका की बुआ ने भी अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि परिवार ने शुरुआत में ही महिला को दूसरे अस्पताल ले जाने की बात कही थी, लेकिन स्टाफ ने सामान्य डिलीवरी का भरोसा देकर रोक लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला लगातार सांस लेने में दिक्कत की शिकायत करती रही, लेकिन समय पर ऑक्सीजन नहीं मिल सकी।
परिजनों का कहना है कि ब्लड बैंक में भी उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ा और खून लेने की प्रक्रिया में समय बर्बाद हुआ। महिला की हालत बिगड़ती रही और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
अस्पताल में मचा हड़कंप
(Uttarakhand Health News)
घटना के बाद अस्पताल परिसर में भारी हंगामा हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और आपातकालीन सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय पर डॉक्टर, ऑक्सीजन और जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होतीं, तो शायद एक महिला की जान बचाई जा सकती थी। वहीं अस्पताल प्रशासन की ओर से मामले की जांच की बात कही जा रही है।
