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Uttarakhand Panchayat election: उत्तराखंड त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव टलने की पूरी संभावना…
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Uttarakhand Panchayat election 2025 : त्रि स्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर संशय बरकरार, मई में मुश्किल लग रहा चुनाव, प्रशांसकों से ही चलेगी व्यवस्था…
Uttarakhand Panchayat election 2025 : उत्तराखंड में इस महीने यानी मई मे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर संभावनाएं जताई जा रही थी लेकिन सरकार की चुनाव से संबंधित तैयारियां अभी तक पूरी नहीं हुई है जिसके चलते मई मे चुनाव होना मुश्किल लग रहा है। दरअसल त्रि स्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर बार-बार अटकलें पैदा हो रही है ऐसे में राज्य सरकार के स्तर पर चुनाव को लेकर औपचारिकताएं पूरा करना भी अब मुश्किल लग रहा है जिसके कारण प्रशासकों को ही कार्यकाल के रूप में कुछ समय के लिए और अधिक मौका दिए जाने की उम्मीद लग रही है।
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बता दें प्रदेश में ग्राम पंचायत क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत का कार्यकाल वर्ष 2024 के अंतिम महीने में ही पूरा हो गया था लेकिन सरकार की आधी अधूरी तैयारी के चलते चुनाव समय पर संपन्न नहीं हो पाए जिसके कारण व्यवस्थाओं को चलाने के लिए जिला पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक के तौर पर नियुक्त किया गया था ताकि व्यवस्था बनी रहे। इसके बाद पंचायत संगठनों के विरोध के कारण ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत के अध्यक्ष को भी प्रशासक का जिम्मा सौंपा गया था जिनका कार्यकाल 6 महीने के लिए रखा गया था हरिद्वार जिले को छोड़कर अन्य जिलों के ग्राम पंचायत का कार्यकाल 28 नवंबर 2024 को समाप्त हुआ जबकि क्षेत्र पंचायतों का कार्यकाल 28 नवंबर 2024 को ही समाप्त हो गया था वहीं जिला पंचायत का कार्यकाल 1 दिसंबर 2024 को समाप्त हो गया था। इसके बाद से 6 महीने के लिए प्रशासक की नियुक्ति की समय अवधि अब इसी महीने खत्म हो रही है लेकिन अभी तक सरकार चुनाव कराने के मूड में नहीं दिखाई दे रही है। बताते चले प्रदेश में 7000 से ज्यादा ग्राम पंचायत में चुनाव होने हैं जो सरकार के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। सरकार के सामने मई मे पंचायत चुनाव कराने का बड़ा सवाल है लेकिन स्थिति देखकर लगता नहीं है कि इस महीने भी चुनाव संपन्न हो पाएंगे। यदि सरकार इस महीने भी चुनाव नहीं करवा पाई तो प्रशासकों का कार्यकाल बढ़ना निश्चित लग रहा है। जानकारी के मुताबिक त्रि स्तरीय पंचायतों का कार्यकाल प्रशासनिक समिति के मुताबिक बढ़ाना चाहिए था लेकिन तीनों पंचायत को प्रशासको के हवाले कर दिया गया जिसके कारण राज्य के 15 वें वित्त की 12 जिलों में 16 करोड रुपए की धनराशि खर्च नहीं हो पा रही है। जिसके तहत सरकार को जल्द पंचायत चुनाव पर फैसला लेना होगा। राज्य सरकार को चुनाव कराने के लिए पहले ओबीसी आरक्षण को लागू करना होगा जिसके लिए करीब 20 दिन का समय लग सकता हैं। ऐसे में इस महीने चुनाव की तिथि सामने आना बेहद मुश्किल माना जा रहा है।
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