UTTARAKHAND NEWS पौड़ी गढ़वाल
Ankita Bhandari Murder Case VIP : अंकिता भंडारी हत्याकांड में आया बड़ा अपडेट
1 min read
Ankita Bhandari Murder Case : अंकिता हत्याकांड को लेकर जनता मे भारी आक्रोश, SIT ने कहा जांच में किसी VIP का नाम नही आया..
Ankita Bhandari Murder Case SIT team says no VIP involved: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड का मामला एक बार फिर से जोर पकड़ने लगा है। इतना ही नहीं बल्कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए जनता सड़कों पर उतर चुकी है जिनका कहना है कि VIP का जल्द खुलासा कर उसे हिरासत में लिया जाए। हालांकि इंटरनेट और मीडिया पर प्रसारित हो रही सूचनाओ को लेकर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह खबरें भ्रामक है इतना ही नहीं बल्कि पुलिस का कहना है कि इस प्रकरण में कोई वीआईपी शामिल नहीं है।
यह भी पढ़े :Ankita Bhandari case Pauri: पौड़ी अंकिता हत्याकांड में गट्टू की एंट्री, भाजपा नेता का इस्तीफा
आपको जानकारी देते चले अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में SIT के एसपी शेखर सुयाल और एसपी देहात जया बलूनी ने बीते शनिवार को मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि न्यायालय में प्रस्तुत सबूतों और SIT की ओर से की गई विवेचना और तथ्यों के आधार पर तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उन्हे आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है। इतना ही नहीं बल्कि उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी प्रकार के साक्ष्य नष्ट नहीं किए गए हैं और ना ही छुपाए गए है। जिस कमरे को लेकर यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि उसे सबूत मिटाने के उद्देश्य से तोड़ा गया है उस कमरे की वीडियोग्राफी समेत समस्त सबूत न्यायालय में विधिवत रूप से प्रस्तुत किए जा चुके हैं।
पुलिस का कहना VIP को लेकर फैलाई जा रही अफ़वाह
पुलिस प्रशासन का कहना है कि VIP एंगल सामने आने के बाद पुलिस ने रिसोर्ट में आने जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की गहन जांच की। जिस पर उनका कहना है कि इस मामले को लेकर अफवाह फैलाई जा रही है कोई VIP इस प्रकरण में शामिल है। SIT की ओर से रिजार्ट में कार्यरत प्रत्येक कर्मचारी से पूछताछ की गई जिसमे सभी के बयान दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत किए गए।
क्यों हो रहा VIP का बार बार जिक्र ( ankita bhandari case )
बताते चलें VIP का जिक्र अंकिता और उसके मित्र की चैट में भी किया गया था। जिसमें VIP को स्पेशल सेवाएं देने के लिए अंकिता पर दबाव बनाए जाने की बात सामने आई थी जब अंकिता ने गलत काम करने से मना किया तो उसकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले पर गहनता से जांच की गई वहीं अंकिता के मित्र पुष्प के बयान भी दर्ज किये गए। रिजार्ट के स्टाफ अंकिता के दोस्त और अन्य कागजी प्रमाणों को आधार बनाया गया जिसमें एक स्केच तैयार किया गया इसकी पहचान नोएडा निवासी धर्मेंद्र उर्फ प्रधान के रूप में हुई। अंकिता का दोस्त जो घटना से पहले रिजार्ट में आया था उसने उसे पहचान लिया। SIT ने धर्मेंद्र को भी जांच में शामिल किया हालांकि उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला। क्योंकि वह यहां जमीन खरीदने के सिलसिले में आया था और स्थानीय निवासी एक साथी उसे खाना खिलाने के लिए रिजार्ट में लेकर गया था।
SIT उर्मिला सनावर के आरोपों की भी कर रही जांच..
गौर हो अंकिता भंडारी हत्याकांड का मामला कहीं ना कहीं ठंड पड़ गया था, लेकिन इस मामले ने एक बार फिर से तूल तब पकड़ा जब एक्ट्रेस उर्मिला सनावर की ओर से फेसबुक लाइव और ऑडियो रिकॉर्डिंग के माध्यम से पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ समेत अन्य लोगों पर अंकिता प्रकरण को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT का गठन किया गया है। वहीं उर्मिला को नोटिस जारी कर हाजिर होने और अपने बयान दर्ज करने को कहा हालांकि उर्मिला अब अपनी सुरक्षा की मांग करने लगी है।
