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Uttarakhand news today: उत्तराखण्ड बोर्ड के छात्रों को नहीं देनी होगी पालिटेक्निक प्रवेश परीक्षा
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Uttarakhand polytechnic form 2026: Uttarakhand board news today uttarakhand breaking news today uttarakhand Polytechnic Admission 2026उत्तराखंड बोर्ड के छात्रों के लिए बड़ी राहत, अब बिना प्रवेश परीक्षा मिलेगा पॉलिटेक्निक में दाखिला
Uttarakhand polytechnic form 2026: Uttarakhand Board student will not give Polytechnic entrance exam 2026 uttarakhand breaking news today: Uttarakhand Polytechnic exam Admission 2026 उत्तराखंड बोर्ड से पढ़ाई करने वाले हजारों छात्र-छात्राओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अब प्रदेश के विद्यार्थियों को पॉलिटेक्निक संस्थानों में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा की अनिवार्यता से राहत मिलने जा रही है। सरकार ने निर्णय लिया है कि पॉलिटेक्निक की खाली सीटों पर उत्तराखंड बोर्ड के छात्रों को सीधे प्रवेश दिया जाएगा।
यह घोषणा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने देहरादून में आयोजित मेधावी छात्र सम्मान समारोह के दौरान की। सरकार का मानना है कि इस पहल से तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और राज्य के अधिक से अधिक विद्यार्थियों को रोजगारपरक शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलेगा।
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खाली सीटों पर सीधे मिलेगा प्रवेश (uttarakhand Polytechnic Admission 2026 uttarakhand polytechnic exam 2026)
शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रदेश के पॉलिटेक्निक संस्थानों में हर वर्ष बड़ी संख्या में सीटें खाली रह जाती हैं। प्रथम वर्ष में करीब 10 हजार सीटें उपलब्ध होती हैं, लेकिन इनमें से लगभग 20 प्रतिशत सीटें भर नहीं पातीं। अब इन्हीं रिक्त सीटों पर उत्तराखंड बोर्ड के विद्यार्थियों को बिना प्रवेश परीक्षा सीधे दाखिला दिया जाएगा।
सरकार जल्द ही तकनीकी शिक्षा विभाग के साथ इस व्यवस्था को लागू करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करेगी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद हाईस्कूल पास छात्र प्रथम वर्ष में सीधे प्रवेश ले सकेंगे।
इंटरमीडिएट पास छात्रों को भी मिलेगा लाभ (uttarakhand Direct Admission uttarakhand Polytechnic College Admission 2026)
नई योजना के तहत इंटरमीडिएट उत्तीर्ण विद्यार्थियों को भी बड़ी राहत दी गई है। 12वीं पास छात्र-छात्राओं को पॉलिटेक्निक के द्वितीय वर्ष में सीधे प्रवेश देने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए कुल सीटों में 10 प्रतिशत सीटें आरक्षित रखने का प्रस्ताव है।
सरकार का मानना है कि इससे छात्रों का समय बचेगा और तकनीकी शिक्षा के प्रति उनका रुझान भी बढ़ेगा। खासतौर पर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को इसका सीधा फायदा मिलेगा।
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर (uttarakhand Education Policy uttarakhand Polytechnic Seat Allotment)
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार केवल परीक्षा परिणामों पर नहीं, बल्कि गुणवत्तापरक शिक्षा पर भी फोकस कर रही है। उन्होंने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं में 60 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जबकि 75 प्रतिशत से ज्यादा अंक पाने वाले छात्रों का प्रतिशत भी बेहतर हुआ है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (National Education Policy 2020) के तहत अब विद्यार्थियों को पारंपरिक ज्ञान और भारतीय संस्कृति से भी जोड़ा जा रहा है। स्कूलों में वैदिक गणित, रामायण, महाभारत, अध्यात्म और राज्य की सांस्कृतिक विरासत से संबंधित विषयों को भी महत्व दिया जा रहा है।
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मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति और शैक्षिक भ्रमण (uttarakhand Student Scholarship uttarakhand Education News Today)
सरकार प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाएं चला रही है। कक्षा छह से बारहवीं तक के करीब 25 हजार विद्यार्थियों को हर महीने 600 से 1200 रुपये तक की छात्रवृत्ति दी जा रही है।
इसके अलावा टॉपर छात्रों को देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों के भ्रमण का अवसर भी दिया जा रहा है। विद्यार्थियों को आईआईटी, एनआईटी समेत अन्य बड़े संस्थानों के शैक्षिक दौरे पर भेजा जा रहा है ताकि वे भविष्य के लिए प्रेरित हो सकें।
शिक्षकों की पदोन्नति पर भी सरकार का फोकस (uttarakhand Teacher Promotion uttarakhand Technical Skill Courses Diploma Courses After 12th)
शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों की पदोन्नति को लेकर भी बड़ा संकेत दिया। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही इस संबंध में अध्यादेश लाने की तैयारी कर रही है। प्रधानाचार्यों की पदोन्नति से जुड़ा मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है, लेकिन सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने स्कूली शिक्षा रैंकिंग में देश के शीर्ष 10 राज्यों में जगह बनाई है और यदि सभी स्कूलों में नियमित प्रधानाचार्य नियुक्त हो जाते हैं तो प्रदेश शीर्ष सात राज्यों में शामिल हो सकता है।
