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Ration card EKYC: पिथौरागढ़ में केवाईसी कराने को मांगे रूपए, लाइसेंस हो गया निरस्त
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Uttarakhand Ration card EKYC news: fair price shop dealer didihat Pithoragarh demand money for KYC, license revoked: डीडीहाट में ई-केवाईसी के नाम पर वसूली का मामला उजागर, वायरल वीडियो के बाद सस्ता गल्ला विक्रेता पर गिरी गाज
Uttarakhand Ration card EKYC news: fair price shop dealer didihat Pithoragarh demand money for KYC, license revoked: उत्तराखण्ड समेत समूचे देश में इन दिनों राशनकार्ड की ई-केवाईसी कराने को लेकर हाय-तौबा मची हुई है। केंद्र सरकार द्वारा जहां बीते 30 नवंबर तक ई-केवाईसी कराने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी वहीं उत्तराखण्ड सरकार ने इसमें मामूली राहत देते हुए अंतिम तिथि को 15 दिसंबर तक विस्तारित कर दिया था।
वैसे तो सस्ता गल्ला की दुकानों पर ई-केवाईसी निशुल्क की जानी है परंतु फिर भी कुछ राशन विक्रेता धांधली से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसी ही एक खबर आज राज्य के सीमांत पिथौरागढ़ जिले से सामने आ रही है जहां डीडीहाट नगर में राशन कार्ड धारकों की ई-केवाईसी प्रक्रिया के दौरान अनियमितता का मामला सामने आने से प्रशासन और पूर्ति विभाग में हड़कंप मच गया है।
दरअसल सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में सस्ता गल्ला दुकान पर ई-केवाईसी के बदले 100 रुपये मांगे जाने का आरोप लगाया गया है, जिस पर उपभोक्ता खुले तौर पर विरोध करता नजर आ रहा है। वीडियो के सार्वजनिक होते ही मामला तेजी से चर्चा में आ गया और ई-केवाईसी व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूर्ति विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित सस्ता गल्ला विक्रेता की जमानत राशि जब्त कर उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया है।
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ई-केवाईसी की अनिवार्यता के बीच बढ़ी परेशानियां didihat Pithoragarh ration card KYC news
आपको बता दें कि उत्तराखंड सरकार द्वारा तय दिशा-निर्देशों के अनुसार 15 दिसंबर तक सभी राशन कार्ड यूनिट्स की ई-केवाईसी अनिवार्य है। तय समयसीमा तक प्रक्रिया पूरी न होने पर संबंधित उपभोक्ताओं को राशन से वंचित किया जा सकता है। इसी दबाव के बीच डीडीहाट की यह घटना सामने आई, जिसने आम लोगों की चिंताओं को और गहरा कर दिया।
सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल होने के तुरंत बाद एसडीएम डीडीहाट खुशबू पांडे ने मामले का संज्ञान लेते हुए तहसील क्षेत्र में निरीक्षण के लिए टीमें गठित कीं। इन टीमों ने कई सस्ता गल्ला दुकानों पर छापेमारी कर ई-केवाईसी प्रक्रिया की जांच की और दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यह सेवा पूरी तरह निशुल्क है।
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धन लिया तो लौटाना होगा, शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई uttarakhand ration card KYC news
प्रशासन को आशंका है कि ई-केवाईसी के नाम पर अन्य उपभोक्ताओं से भी धन लिया गया हो सकता है। इसे देखते हुए सभी सस्ता गल्ला दुकानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे दुकानों पर निशुल्क ई-केवाईसी संबंधी सूचना बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाएं। अधिकारियों के मुताबिक यदि किसी सस्ता गल्ला विक्रेता ने किसी भी उपभोक्ता से ई-केवाईसी के नाम पर धन लिया है तो उसे संबंधित को तुरंत लौटा दें। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी उपभोक्ता से धन वसूली की शिकायत मिली, तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम खुशबू पांडे ने कहा कि ई-केवाईसी के नाम पर धन मांगने का मामला गंभीर है और इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं सहायक खाद्य निरीक्षक आशीष गुरुरानी ने बताया कि संबंधित विक्रेता की जमानत राशि जब्त कर लाइसेंस निरस्तीकरण की संस्तुति जिला पूर्ति अधिकारी को भेज दी गई है। उन्होंने दोहराया कि ई-केवाईसी पूरी तरह मुफ्त है और उपभोक्ताओं को किसी भी तरह की अवैध मांग का विरोध करना चाहिए।
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ई-केवाईसी की धीमी प्रगति बनी चिंता, अंतिम तिथि आज, अभी तक मोबाइल एप नहीं हुआ शुरू uttarakhand ration card KYC last date
हालांकि ई-केवाईसी की आज 15 दिसंबर को अंतिम तिथि है, लेकिन प्रगति संतोषजनक नहीं है। नैनीताल जिले में जहां अब तक केवल 53 प्रतिशत राशन कार्डधारक ही ई-केवाईसी पूरी कर पाए हैं वहीं अन्य जिलों की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है। घर बैठे ई-केवाईसी के लिए प्रस्तावित मोबाइल एप अभी तक शुरू नहीं हो सका है, जिससे ग्रामीण इलाकों में दिक्कतें बनी हुई हैं।
इस संबंध में हल्द्वानी पूर्ति विभाग के एआरओ विजय जोशी ने बताया कि ई-केवाईसी की समयसीमा आज समाप्त हो रही है, हालांकि शासन स्तर से राहत मिलने की संभावना है और इस संबंध में सोमवार तक निर्णय आने की उम्मीद जताई जा रही है। बताते चलें कि केंद्र सरकार की योजना के तहत लाल और सफेद राशन कार्डधारकों को मुफ्त, जबकि पीले कार्डधारकों को रियायती दरों पर अनाज उपलब्ध कराया जाता है। ई-केवाईसी पूरी न होने पर यूनिट निरस्त होने का खतरा बना हुआ है, जिससे हजारों परिवारों की खाद्य सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
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