UTTARAKHAND NEWS रूद्रप्रयाग
Nihang case: रुद्रप्रयाग गुरुद्वारा विवाद को लेकर पंजाब के CM ने की उत्तराखंड के CM धामी से बात
1 min read
Rudraprayag Nihang Sikhs Case: नगरासू गुरुद्वारा विवाद पर पंजाब-उत्तराखंड सरकार आमने-सामने, सीएम भगवंत मान ने धामी से की बातचीत (Nagarasu Gurudwara Dispute)
Uttarakhand: Rudraprayag Nihang Sikhs case gurudwara dispute Punjab CM speaks to uk CM Dhami: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले स्थित नगरासू गुरुद्वारे में निहंग सिखों और प्रशासन के बीच चल रहा विवाद अब दो राज्यों के मुख्यमंत्रियों तक पहुंच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami से फोन पर बातचीत कर स्थिति पर चर्चा की और शांतिपूर्ण समाधान निकालने पर जोर दिया।भगवंत मान ने बातचीत से समाधान निकालने की दी सलाह
यह भी पढ़े :Uttarakhand news : हरिद्वार में बच्चों को बेरहमी से पीटने वाले 2 आरोपी गिफ्तार
(Punjab Uttarakhand Coordination)
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी से कहा कि निहंग सिखों की जो भी मांगें हैं, उन्हें सुनना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने दोनों पक्षों के बीच संवाद का रास्ता खुला रखने और समझदारी से स्थिति संभालने की अपील की।मान ने यह भी कहा कि पंजाब सरकार इस मामले में हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि उत्तराखंड सरकार को किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता होगी तो पंजाब सरकार उसका पूरा सहयोग करेगी। साथ ही पंजाब सरकार सिख धर्मगुरुओं के साथ भी लगातार संपर्क बनाए हुए है।
सीएम धामी बोले- सभी धर्मों का सम्मान हमारी संस्कृति का हिस्सा(CM Dhami Statement)
नगरासू गुरुद्वारे में जारी तनाव के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार बिना किसी भेदभाव के कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी।धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सभी धर्मों का सम्मान करता है और सभी को साथ लेकर चलने की परंपरा रखता है। उन्होंने कहा कि राज्य में हेमकुंड साहिब, नानकमत्ता साहिब और रीठा साहिब जैसे पवित्र सिख धार्मिक स्थल मौजूद हैं, जो सिख गुरुओं की विरासत से जुड़े हैं। सभी धर्मों के प्रति सम्मान राज्य की संस्कृति और मूल्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
क्या है नगरासू गुरुद्वारा विवाद? (Nihang Sikh Protest)
पूरा विवाद 20 जून की शाम से शुरू हुआ, जब सात से आठ निहंग सिख रुद्रप्रयाग के नगरासू गुरुद्वारे में पहुंचे और वहां डेरा डाल लिया। आरोप है कि पहले दिन उन्होंने गुरुद्वारे के दो सेवादारों को बंधक बना लिया, जिससे पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया।
हालांकि 21 जून को दोनों सेवादारों को मुक्त कर दिया गया, लेकिन निहंग सिख गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिल पर अपने पारंपरिक हथियारों के साथ डटे रहे। इसके चलते पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।
दो निहंग पुलिस के कब्जे में, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
(Security Tightened In Rudraprayag)
प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के लगातार समझाने के बाद 21 जून की शाम एक निहंग सिख ने आत्मसमर्पण कर दिया था। वहीं 22 जून को एक अन्य निहंग सिख को भोजन लेने के लिए बाहर आने के दौरान पुलिस ने हिरासत में ले लिया स्थिति को देखते हुए नगरासू गुरुद्वारे के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल और आईटीबीपी के जवान तैनात किए गए हैं। बताया जा रहा है कि कई बार गुरुद्वारे की छत से पुलिस और आईटीबीपी कर्मियों पर पथराव भी किया गया, जिससे हालात और संवेदनशील हो गए।
कर्णप्रयाग विवाद से जुड़ा है पूरा मामला
(Karnaprayag Clash Case)
नगरासू गुरुद्वारे में डटे निहंग सिखों की मांगें चमोली जिले के कर्णप्रयाग में 16 जून को हुई घटना से जुड़ी हुई हैं। उस दिन हेमकुंड साहिब से लौट रहे कुछ निहंग श्रद्धालुओं का स्थानीय व्यापारियों के साथ विवाद हो गया था।देखते ही देखते मामला हिंसक झड़प में बदल गया और दो निहंग श्रद्धालुओं ने तलवार चला दी, जिससे कई लोग घायल हो गए। घटना के बाद पुलिस ने दो निहंग सिखों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
गिरफ्तार साथियों की रिहाई की मांग पर अड़े निहंग
(Demand For Release Of Nihangs)
बताया जा रहा है कि नगरासू गुरुद्वारे में मौजूद निहंग सिख अपने गिरफ्तार दो साथियों की रिहाई की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा वे कर्णप्रयाग घटना में शामिल स्थानीय लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग उठा रहे हैं।मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने कर्णप्रयाग और नगरासू क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू कर दी है। फिलहाल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और शांति बहाल करने के प्रयास जारी हैं।
यह भी पढ़े :Uttarakhand news: नानकमत्ता खकरा नदी में मगरमच्छ का आतंक, 70 वर्षीय महिला को बनाया निवाला
तनाव बरकरार, बातचीत से समाधान की उम्मीद(Uttarakhand Latest News)
नगरासू गुरुद्वारा विवाद अब राज्य से निकलकर अंतरराज्यीय स्तर का मुद्दा बन चुका है। एक ओर सुरक्षा एजेंसियां हालात पर कड़ी निगरानी रखे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर दोनों राज्यों की सरकारें बातचीत और आपसी सहमति के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रही हैं। आने वाले दिनों में इस मामले पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
