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Uttarakhand school news today: Children will not be burdened school bags weight breaking news live update
Image : सांकेतिक फोटो ( Uttarakhand school news today)

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Uttarakhand school news today: बच्चों पर नहीं पड़ेगा बस्ते का बोझ स्कूल बैग का वजन तय

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Uttarakhand school news today: Uttarakhand school news today अब हल्के होंगे बच्चों के बस्ते, तय मानकों से ज्यादा वजन रखने वाले स्कूलों पर होगी कार्रवाई

Uttarakhand school news today: Children will not be burdened school bags weight breaking news live update: Uttarakhand school breaking news live स्कूल जाने वाले बच्चों के भारी बस्तों को लेकर लंबे समय से उठ रही चिंताओं के बीच अब केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। लगातार बढ़ते कमर दर्द, गर्दन में खिंचाव और रीढ़ संबंधी समस्याओं को देखते हुए स्कूल बैग नीति को दोबारा प्रभावी तरीके से लागू करने के निर्देश जारी किए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत अब विद्यार्थियों के शरीर के वजन के मुकाबले स्कूल बैग का भार सीमित रखा जाएगा और नियमों की अनदेखी करने वाले विद्यालयों पर कार्रवाई भी की जा सकती है।

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स्कूल बैग को लेकर फिर सख्त हुई सरकार ( uttarakhand School Bag Policy)

हालांकि स्कूल बैग नीति वर्ष 2020 में ही लागू कर दी गई थी, लेकिन कई निजी विद्यालयों में इसका पालन पूरी तरह नहीं हो रहा था। यही वजह है कि केंद्र सरकार ने राज्यों को दोबारा निर्देश भेजते हुए कहा है कि नीति का जमीनी स्तर पर सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए।

निर्देशों के अनुसार अब बच्चों के बस्ते का वजन उनके कुल शारीरिक वजन का लगभग 10 प्रतिशत ही होना चाहिए। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को अनावश्यक बोझ से बचाना और उनके शारीरिक विकास को सुरक्षित रखना है।

भारी बस्तों से बढ़ रहीं स्वास्थ्य समस्याएं (uttarakhand breaking news today Student Health)

विशेषज्ञों के अनुसार जरूरत से ज्यादा भारी स्कूल बैग बच्चों की सेहत पर सीधा असर डाल रहे हैं। लगातार वजन उठाने से बच्चों के कंधों और कमर की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ रहा है। कई मामलों में शरीर आगे की ओर झुकने लगता है, जिससे रीढ़ की हड्डी पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। डॉक्टरों का मानना है कि कम उम्र में शरीर पर लगातार असंतुलित दबाव भविष्य में गंभीर हड्डी और मांसपेशियों से जुड़ी परेशानियों का कारण बन सकता है। यही वजह है कि सरकार अब इस मामले को केवल सलाह तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसे सख्ती से लागू कराने की तैयारी में है।

कक्षाओं के अनुसार तय किया गया बैग का वजन (uttarakhand School news live Guidelines)

नई व्यवस्था में अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए बस्ते का अधिकतम वजन तय किया गया है।पूर्व प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों के लिए “नो बैग” व्यवस्था लागू रहेगी।
कक्षा एक और दो के विद्यार्थियों के बैग का वजन लगभग 1.6 से 2.2 किलोग्राम तक सीमित रहेगा।
तीसरी से पांचवीं और छठी-सातवीं कक्षा तक यह सीमा करीब 2.5 किलोग्राम तय की गई है।
आठवीं से दसवीं तक के विद्यार्थियों के लिए अधिकतम वजन चार से साढ़े चार किलोग्राम तक रहेगा, जबकि 11वीं और 12वीं के छात्रों के बैग का भार पांच किलोग्राम से अधिक नहीं होना चाहिए।

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निरीक्षण के बाद होगी कार्रवाई (uttarakhand school bag news Education Department)

नैनीताल के मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल ने बताया कि निजी विद्यालयों के साथ इस विषय पर कई बैठकें की जा चुकी हैं। स्कूलों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बच्चों पर अनावश्यक किताबों और कॉपियों का दबाव न डाला जाए। उन्होंने कहा कि जल्द ही निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा और जहां भी शिकायत मिलेगी वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

वहीं समग्र शिक्षा के अपर राज्य परियोजना निदेशक डॉ. मुकुल सती ने कहा कि यह आदेश पहले भी जारी किया जा चुका है, लेकिन अब जिलों के शिक्षा अधिकारियों को इसे पूरी सख्ती के साथ लागू कराने की जिम्मेदारी दी गई है। यदि कोई विद्यालय नियमों की अनदेखी करता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

अभिभावकों को भी सतर्क रहने की जरूरत (uttarakhand school bag weight Parents Awareness)

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि केवल स्कूल ही नहीं, अभिभावकों की भी जिम्मेदारी है कि वे बच्चों के बैग की नियमित जांच करें और यह सुनिश्चित करें कि उनमें केवल जरूरी किताबें ही हों। डिजिटल शिक्षा और टाइम-टेबल आधारित व्यवस्था को बढ़ावा देकर भी बच्चों के बस्ते का बोझ कम किया जा सकता है। सरकार के इस कदम से उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में बच्चों को भारी बस्तों से राहत मिलेगी और उनका शारीरिक विकास बेहतर तरीके से हो सकेगा।

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