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Uttarakhand teacher vacancy: उत्तराखण्ड शिक्षा व्यवस्था का हाल प्रवक्ता के 4745 पद खाली
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Uttarakhand teacher vacancy: उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी, प्रवक्ताओं के 4745 पद खाली Uttarakhand Teacher Vacancy |Uttarakhand Breaking News Hindi|
Uttarakhand teacher vacancy: Uttarakhand education system, 4745 posts lecture are vacant govt school job 2026 breaking news today latest live update : Uttarakhand Teacher Vacancy Uttarakhand Breaking News|: उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी लगातार गंभीर होती जा रही है। ताजा जानकारी के अनुसार प्रदेश के शिक्षा विभाग में प्रवक्ताओं के कुल 4745 पद खाली हैं, जिससे विद्यालयों में कहीं न कहीं पढ़ाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। यह जानकारी सूचना के अधिकार (RTI) के तहत सामने आई है, जिसने शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
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सामान्य और महिला शाखा में बड़ी संख्या में रिक्तियां (Uttarakhand Lecturer Posts Vacant)
प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, खाली पड़े कुल पदों में सामान्य शाखा के 4261 पद और महिला शाखा के 484 पद शामिल हैं। लंबे समय से इन पदों पर नियमित नियुक्तियां नहीं होने के कारण कई स्कूल सीमित शिक्षकों के सहारे संचालित हो रहे हैं, जिसका सीधा असर छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।
इन विषयों में सबसे ज्यादा शिक्षकों की कमी (Subject Wise Teacher Shortage)
शिक्षा विभाग में सबसे अधिक रिक्तियां हिंदी विषय में हैं, जहां 590 पद खाली पड़े हैं। इसके अलावा अंग्रेजी के 586, नागरिक शास्त्र के 549, अर्थशास्त्र के 543, रसायन विज्ञान के 462, भौतिक विज्ञान के 389 और जीव विज्ञान के 382 पद रिक्त हैं। वहीं संस्कृत के 301, भूगोल के 283, गणित के 266 और इतिहास के 212 पदों पर भी नियमित प्रवक्ताओं की नियुक्ति नहीं हो सकी है। समाजशास्त्र समेत अन्य विषयों में भी शिक्षकों की कमी बनी हुई है।
शिक्षकों की कमी से जूझ रहे सरकारी स्कूल (Education Crisis in Uttarakhand)
प्रदेश के कई सरकारी स्कूलों में छात्र-छात्राएं बिना नियमित शिक्षकों के पढ़ाई करने को मजबूर हैं। इसके बावजूद छात्रों ने बोर्ड परीक्षा में अच्छे परिणाम देकर अपनी मेहनत साबित की है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित शिक्षकों की नियुक्ति के बिना शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होती रहेगी।
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प्रधानाचार्यों के पद भी खाली, प्रशासनिक कामकाज प्रभावित (School Administration Issues)
शिक्षकों के साथ-साथ कई स्कूलों में प्रधानाचार्यों के पद भी रिक्त हैं, जिससे विद्यालयों के प्रशासनिक कार्यों पर असर पड़ रहा है। शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए अब इन खाली पदों पर जल्द भर्ती की मांग तेज हो रही है। उत्तराखंड में सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए शिक्षकों की नियुक्ति को प्राथमिकता देना बेहद जरूरी माना जा रहा है।
