UTTARAKHAND NEWS देहरादून
Uttarakhand UPNL news today: उत्तराखण्ड उपनल नियमितीकरण समान वेतन पर फंसा पेंच
1 min read
Uttarakhand UPNL news today uttarakhand breaking news live uttarakhand latest news today uttarakhand UPNL employee salary uttarakhand contract worker: समान वेतन की उम्मीद में अटकी उपनल कर्मचारियों की राह, नियमों और अनुबंध प्रक्रिया में उलझा मामला (Equal Pay for UPNL Employees)
Uttarakhand UPNL news today: UPNL contract samvida employee regulation policy rules govt latest update uttarakhand breaking news today: उत्तराखंड के सरकारी विभागों में उपनल के माध्यम से वर्षों से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को समान वेतन का लाभ मिलने की उम्मीद फिलहाल विभागीय नियमों और अनुबंध प्रक्रिया के बीच अटकती नजर आ रही है। हाईकोर्ट के आदेश के आधार पर समान वेतन दिए जाने की प्रक्रिया शुरू हुए साढ़े तीन महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन स्वास्थ्य, शिक्षा और कोषागार को छोड़कर अधिकांश विभाग अब तक अनुबंध प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए हैं। इसका सीधा असर कर्मचारियों के मानदेय और उन्हें मिलने वाले संभावित लाभ पर पड़ रहा है। कई विभागों में प्रक्रिया स्पष्ट न होने के कारण कर्मचारियों का मानदेय तक अटक गया है, जबकि दूसरी ओर उपनल के जरिए भुगतान पाने वाले कर्मियों के मानदेय से एजेंसी कमीशन और जीएसटी के नाम पर कुल 20.50 प्रतिशत तक की कटौती जारी है। ऐसे में कर्मचारियों के बीच यह चिंता भी बढ़ रही है कि समान वेतन लागू होने के बाद मिलने वाले एरियर में भी उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई थी समान वेतन की कवायद (uttarakhand UPNL High Court Order)
समान कार्य के लिए समान वेतन का मामला उत्तराखंड में लंबे समय से चर्चा में रहा है। हाईकोर्ट के 12 नवंबर 2018 के आदेश के आधार पर उपनल के माध्यम से सरकारी विभागों में तैनात ऐसे कर्मचारियों को, जिन्होंने दस वर्ष की नियमित सेवा पूरी कर ली है, समान वेतन देने की व्यवस्था की जानी है। राज्य सरकार ने बीती एक अप्रैल को समान वेतन के लिए 15 अक्टूबर 2024 को कटऑफ डेट निर्धारित की थी। इसके तहत इस तारीख तक दस वर्ष की निरंतर सेवा पूरी करने वाले पात्र उपनल कर्मचारियों को लाभ दिया जाना है। हालांकि, प्रक्रिया आगे बढ़ने के बावजूद महिला एवं बाल कल्याण विभाग, वन विभाग, स्वास्थ्य, शिक्षा, उच्च शिक्षा, यूपीसीएल समेत कई विभागों में कर्मचारियों को अभी तक इसका लाभ नहीं मिल सका है।
कई विभागों में अनुबंध प्रक्रिया अब भी अधूरी (uttarakhand UPNL News Today Contract Process)
समान वेतन के लिए उपनल कर्मचारियों को विभागीय अनुबंध के दायरे में लाने की प्रक्रिया कई विभागों में अब तक पूरी नहीं हो सकी है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में कर्मचारियों को समान वेतन का लाभ मिलने में देरी हो रही है। महिला एवं बाल कल्याण विभाग ने अब अपने यहां उपनल के माध्यम से कार्यरत उन कर्मचारियों का ब्योरा मांगना शुरू किया है, जिन्होंने निर्धारित कटऑफ डेट तक दस वर्ष की निरंतर सेवा पूरी कर ली है। कर्मचारियों का विवरण मिलने के बाद अनुबंध की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और इसके बाद ही पात्र कर्मचारियों को समान वेतन का लाभ मिल सकेगा। यूपीसीएल में भी कर्मचारियों के विभागीय अनुबंध को लेकर बोर्ड बैठक की मंजूरी का इंतजार बताया जा रहा है। यानी हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद विभिन्न विभागों में अलग-अलग स्तर पर औपचारिकताएं पूरी होने की प्रक्रिया जारी है।
तीन महीने से कई कर्मचारियों का मानदेय अटका (uttarakhand UPNL news live Salary Delay)
समान कार्य के लिए समान वेतन को लेकर विभागों में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं होने का असर कर्मचारियों के नियमित भुगतान पर भी पड़ा है। बताया जा रहा है कि कई विभागों में उपनल कर्मचारियों को पिछले करीब तीन महीने से मानदेय नहीं मिल पाया है। वहीं, जिन विभागों में अब भी उपनल के माध्यम से मानदेय का भुगतान किया जा रहा है, वहां एजेंसी कमीशन और जीएसटी के तौर पर कुल 20.50 प्रतिशत तक की कटौती की जा रही है। कर्मचारियों की चिंता यह है कि भविष्य में जब समान वेतन लागू होने के बाद पिछली अवधि का एरियर मिलेगा, तब भी कटौती के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
दस साल की सेवा के बावजूद सामने आ रही ये अड़चनें (uttarakhand UPNL News live Service Continuity)
समान वेतन की प्रक्रिया में सबसे बड़ी पेचीदगियों में से एक कर्मचारियों की सेवा निरंतरता को लेकर है। कई विभागों में ऐसे उपनल कर्मचारी हैं, जिन्होंने दस वर्ष या उससे अधिक समय तक सेवाएं दी हैं, लेकिन उनके सेवाकाल के बीच कुछ वर्षों में विभाग ने उन्हें अपनी संविदा व्यवस्था के तहत नियुक्त किया था। विभागीय स्तर पर कुछ मामलों में इस अवधि को उपनल के माध्यम से लगातार सेवा का हिस्सा नहीं माना जा रहा है। इसका परिणाम यह है कि लंबे समय से काम कर रहे कुछ कर्मचारी भी समान वेतन की पात्रता से बाहर हो सकते हैं।
अलग-अलग विभागों में काम करने वालों को भी लाभ का इंतजार (uttarakhand UPNL employee salary Departmental Service)
कुछ कर्मचारी ऐसे भी हैं, जिन्होंने अपने सेवाकाल के दौरान अलग-अलग सरकारी विभागों में उपनल के माध्यम से सेवाएं दी हैं। कर्मचारियों का कहना है कि कई मामलों में संबंधित विभाग केवल अपने यहां दी गई सेवा अवधि को आधार मान रहे हैं, जबकि इससे पहले किसी अन्य विभाग में की गई सेवा को शामिल नहीं किया जा रहा। इस व्यवस्था के कारण ऐसे कर्मचारियों के लिए दस वर्ष की निरंतर सेवा की गणना चुनौती बन गई है। कर्मचारियों का पक्ष है कि सेवा अवधि को समग्र रूप से देखा जाना चाहिए, ताकि अलग-अलग विभागों में काम करने वाले पात्र कर्मचारियों को भी समान वेतन का लाभ मिल सके।
न्यूनतम वेतन को लेकर विभागों में असमंजस (uttarakhand UPNL Minimum Wage)
समान वेतन लागू करने के दौरान एक और महत्वपूर्ण सवाल न्यूनतम वेतन की गणना को लेकर सामने आ रहा है। कई विभाग यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि कर्मचारियों को उपनल की निर्धारित श्रेणियों के आधार पर न्यूनतम वेतन दिया जाए या संबंधित विभाग में पद के लिए निर्धारित न्यूनतम वेतनमान को आधार बनाया जाए। बताया जा रहा है कि शासन के समान वेतन संबंधी आदेश में दोनों तरह के प्रावधानों का उल्लेख होने के कारण विभागों के सामने स्थिति को लेकर असमंजस बना हुआ है। इस वजह से भी अनुबंध और भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ने में कठिनाई आ रही है।
नियमितीकरण के दावे को लेकर कर्मचारियों में नई आशंका (uttarakhand UPNL equal pay Regularization Concern)
समान वेतन के लिए उपनल से अलग विभागीय अनुबंध की प्रक्रिया में आने वाले कर्मचारियों की सेवा शर्तों में एक महत्वपूर्ण प्रावधान जोड़ा गया है। इसके तहत कर्मचारियों को भविष्य में नियमितीकरण का दावा करने का अधिकार नहीं होने की बात कही जा रही है। यही शर्त अब कर्मचारियों के बीच चिंता का कारण बन रही है। उन्हें आशंका है कि यदि वे समान वेतन पाने के लिए नए अनुबंध में शामिल होते हैं तो भविष्य में नियमितीकरण का दावा करने का रास्ता बंद हो सकता है। ऐसे में कर्मचारी समान वेतन और भविष्य की सेवा सुरक्षा के बीच उलझे हुए हैं।
नियमों के बीच फंसी प्रक्रिया, कर्मचारियों को जल्द समाधान का इंतजार (uttarakhand UPNL Employee Rights)
हाईकोर्ट के आदेश के बाद समान वेतन की उम्मीद जगी थी, लेकिन विभागीय स्तर पर सेवा निरंतरता, न्यूनतम वेतन, अनुबंध, बोर्ड की मंजूरी और नियमितीकरण जैसी शर्तों ने पूरी प्रक्रिया को जटिल बना दिया है। नतीजा यह है कि पात्रता रखने वाले कई कर्मचारी अब भी अपने अधिकार के इंतजार में हैं। कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि प्रक्रिया में देरी के साथ उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। ऐसे में अब नजर इस बात पर है कि सरकार और संबंधित विभाग इन अड़चनों को दूर कर समान वेतन की प्रक्रिया को कितनी तेजी से पूरा करते हैं, ताकि वर्षों से सेवाएं दे रहे उपनल कर्मचारियों को उनके अधिकार का लाभ मिल सके।
यह भी पढ़ें- Nainital News Today: अब नहीं बजा सकेंगे नैनीताल मॉल रोड पर हार्न 1 अगस्त से लगेगा बैन
👉👉उत्तराखंड की सभी ताजा खबरों के लिए देवभूमि दर्शन के WHATSAPP CHANNEL को Follow कीजिए on
👉👉TWITTER पर जुडिए।
