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Uttarakhand news: CRPF soldier sukhbir singh bisht died in Gurgaon hospital injured in uri attack

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उत्तराखण्ड पौड़ी गढ़वाल

उत्तराखंड के जवान का निधन उरी हमले मे पेट मे लगी थी गोली, सैन्य सम्मान के साथ हुई अंत्येष्टि

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पंचतत्व में विलीन हुआ राज्य का एक और वीर सपूत, सीआरपीएफ (CRPF) में तैनात होकर कर रहे थे मां भारती की सेवा, उरी हमले (URI ATTACK) में पेट में गोलियां लगने से गम्भीर रूप से हुए थे घायल, सैन्य सम्मान के साथ हुई अंत्येष्टि..

सीआरपीएफ (CRPF) में तैनात राज्य के वीर सपूत सुखबीर सिंह के निधन की खबर आ रही है। बताया गया है कि जवान राज्य के पौड़ी गढ़वाल जिले के रहने वाले थे और सितम्बर 2016 में उरी में हुए आतंकी हमले (URI ATTACK) में गम्भीर रूप से घायल हो गए थे। इस आतंकी हमले में उनके पेट पर गोलियां लगी थीं। हालांकि उपचार के बाद एक बार तो वे ठीक हो ग‌ए थे और उन्होंने ड्यूटी भी ज्वाइन कर ली थी परन्तु तीन माह पूर्व उनके पेट में फिर से दर्द होने लगा। जिस पर सीआरपीएफ के अधिकारियों ने उन्हें सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया जहां लम्बे उपचार के बाद परिजनों ने उन्हें एक सप्ताह पूर्व गुड़गांव के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां बीते रविवार देर रात को वह जिंदगी और मौत की यह जंग हार गए और उपचार के दौरान ही उन्होंने दम तोड दिया। उनके निधन की खबर से जहां परिवार में कोहराम मच गया वहीं पूरे क्षेत्र में भी शोक की लहर दौड़ गई। बीते सोमवार को परिजनों के अंतिम दर्शनों के बाद जवान का अंतिम संस्कार गंगा के गौहरी घाट पर पूरे सैन्य के साथ किया गया और इसके साथ ही वे पंचतत्व में विलीन हो गए।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार मूल रूप से राज्य के पौड़ी गढ़वाल जिले के यमकेश्वर ब्लॉक के मल्ला बणास गांव निवासी सुखबीर सिंह बिष्ट पुत्र चतर सिंह बिष्ट सीआरपीएफ में तैनात थे। बताया गया है कि बीते 18 सितंबर 2016 को उरी में हुए आतंकी हमले में पेट में गोलियां लगने से वह गम्भीर रूप से घायल हो गए थे। घायल सुखबीर को सीआरपीएफ के अधिकारियों द्वारा रामपुरा के सैनिक अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां लम्बे समय तक उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार होने के बाद उन्होंने ड्यूटी ज्वाइन कर ली थी। परंतु तीन माह पूर्व उनके पेट में उसी स्थान पर फिर से दर्द होने लगा जहां हमले के दौरान गोलियां लगी थीं। जिस पर सीआरपीएफ के अधिकारियों ने एक बार फिर से उन्हें सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया। जहां लम्बे समय तक उपचार के बाद भी उनकी हालत नाज़ुक बनी हुई थी। जिस कारण परिजनों ने उन्हें एक सप्ताह पूर्व गुड़गांव के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था जहां बीते रविवार को उन्होंने अंतिम सांस ली।

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