उत्तराखण्ड बुलेटिन
आखिर उत्तराखंड को 17 साल बाद मिल ही गया होटल अलकनंदा
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हरिद्वार :आखिर 17 सालो की जद्दोजहद के बाद उत्तराखण्ड को मिल ही गया होटल अलकनंदा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच परिसंपतियों का बंटवारा शुरू हो गया है। इसी के तहत सोमवार को होटल अलकनंदा उत्तराखंड को मिल गया है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ऋषिकेश में आयोजित एक कार्यक्रम में होटल अलकनंदा प्रदेश को मिलने की पुष्टि की। हालांकि इसका कोई आदेश हरिद्वार के पर्यटन अधिकारी के पास नहीं पहुंचा है।सोमवार को परमार्थ निकेतन पहुंचे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह उन्होंने यूपी के अधीन 36 नहरें भी उत्तराखंड को मिलने की बात कही। कहा कि हरिद्वार-ऋषिकेश चीला वैकल्पिक बीन नदी में लगभग 19 करोड़ की लागत से पुल भी बनाया जाएगा। रावत ने कहा कि प्रदेश में 10 महीने में 98 प्रतिशत तक भ्रष्टाचार कम हो गया है। बताया कि उनके और मुख्यमंत्री योगी के सहयोग से उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश की परिसंपत्ति विवाद हल करने का काम शुरू हो गया है। इसके तहत उत्तराखंड को अभी 36 नहरें और हरिद्वार स्थित होटल अलकनंदा मिल गया है।
राज्य गठन के समय उत्तराखंड में मौजूद संपत्तियों का स्वामित्व उत्तराखंड को दे दिया गया था। लेकिन होटल अलकनंदा पर यूपी ने अपना स्वामित्व नहीं छोड़ा था। इसको केंद्र में चुनौती दी गई। केंद्र ने उत्तराखंड के पक्ष में फैसला किया। केंद्र के फैसले को यूपी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मसले पर सख्त टिप्पणी करते हुए दोनों राज्यों को आपस में इस मसले को सुलझाने के निर्देश दिए थे। बीते वर्ष चुनाव के बाद ही यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की मुलाकात हुई थी। जिसके बाद बाद दोनों राज्यों के मुख्य सचिव की बैठक हुई। बैठक में होटल अलकनंदा उत्तराखंड सरकार को सौंपने पर दोनों राज्यों के बीच सहमति बनी थी।

Bharat Pandey
January 17, 2018 at 5:02 am
Grtt news for our uttarakhand