Connect with us
Uttarakhand marriage registration ucc
सांकेतिक फोटो: Uttarakhand Marriage Registration UCC

Home / उत्तराखण्ड / उत्तराखंड: अनिवार्य रूप से करवाना होगा शादी का पंजीकरण नहीं तो लगेगा जुर्माना जानें प्रकिया..

उत्तराखण्ड उत्तराखण्ड बुलेटिन

उत्तराखंड: अनिवार्य रूप से करवाना होगा शादी का पंजीकरण नहीं तो लगेगा जुर्माना जानें प्रकिया..

1 min read

Uttarakhand Marriage Registration UCC: 2010 के बाद हुई है शादी तो पंजीकरण करवाना ना भूलें, वरना भरना पड़ सकता है जुर्माना, जानें पूरी प्रक्रिया…..

Uttarakhand Marriage Registration UCC Act 2010: उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू हो चुका है जिसके तहत कई नियम कानून में बदलाव किया गया है विशेष कर विवाह से संबंधित कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव हुआ है जिसके चलते अब 26 मार्च 2010 के बाद विवाह करने वालों के लिए पंजीकरण अनिवार्य रूप से रखा गया है इसके अलावा जो लोग पहले पंजीकरण करवा चुके हैं उन्हें दोबारा पंजीकरण करवाने की आवश्यकता नहीं होगी। दरअसल शादी के पंजीकरण का अनिवार्य उद्देश्य कानूनी विवादों को सुलझाना और पारिवारिक समस्याओं को कम करना है ताकि इसके जरिए महिलाओं और बच्चों के अधिकारों का हनन न किया जा सके। बताते चले शादी के पंजीकरण से यह सुनिश्चित होता है कि विवाह कानूनी रूप से मान्य है और कोई भी पक्ष अपनी जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हट सकता है।

यह भी पढ़ें- Uttarakhand UCC: वसीयत के लिए नहीं काटने होंगे दफ्तरों के चक्कर, 3 मिनट मे पूरा होगा काम

बता दें उत्तराखंड में बीते सोमवार को यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू हो चुका है जिसके तहत विवाह से संबंधित तमाम नियम कानून को बदला गया है जिसके तहत 26 मार्च 2010 के बाद हुए विवाहित लोगों को पंजीकरण अनिवार्य रूप से करवाना होगा। दरअसल जो लोग पहले इसका पंजीकरण करवा चुके हैं उन्हें दोबारा पंजीकरण करवाने की जरूरत नहीं होगी लेकिन जिन्होंने पंजीकरण नहीं करवाया है उन्हें 6 महीने के भीतर पंजीकरण करवाना होगा नहीं तो उनसे ₹10000 का जुर्माना वसूला जाएगा इतना ही नहीं बल्कि गलत तथ्य देने वालों पर ₹25000 का जुर्माना लगेगा। इसके लिए यूनिफॉर्म सिविल कोड में स्पष्ट किया गया है कि विवाह करने वालों में से स्त्री या पुरुष दोनों में से कोई भी एक राज्य का निवासी होगा तो उसका पंजीकरण अनिवार्य रखा गया है। ucc में प्रावधान किया गया है कि कोई भी पुरुष तभी शादी कर सकता है जब उसकी न्यूनतम आयु 21 वर्ष होगी तथा महिला की आयु 18 वर्ष होगी। इसके अलावा गलत पंजीकरण करवाने पर जुर्माना तो लगेगा ही इसके साथ ही दोषियों को तीन महीने की जेल भी होगी । जो सब रजिस्ट्रार पंजीकरण प्रक्रिया विच्छेद पर 15 दिन के भीतर कोई एक्शन नहीं लेता है तो उस पर भी 25000 रुपए का जुर्माना लग सकता है।

यह भी पढ़ें- Uttarakhand UCC: उत्तराखण्ड यूनिफॉर्म सिविल कोड अवैध संतान भी होगी सम्पति की हकदार

ऐसे करें पंजीकरण (Uttarakhand marriage Registration Online UCC portal)

उत्तराखंड सरकार की ओर से ऑनलाइन पोर्टल जारी किया गया है जिसमें किसी को भी अपनी शादी का रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए सरकार की आधिकारिक वेबसाइट Ucc. Uk. Gov. In पर पंजीकरण करना होगा। जिसके लिए सबसे पहले वेबसाइट पर जाकर अकाउंट बनाना होगा इतना ही नहीं बल्कि इसमें शादी करने वालों को अपने जरूरी दस्तावेज जमा करने के साथ ही पंजीकरण फीस भी चुकानी होगी जिसके तहत रजिस्ट्रेशन हो जाएगा तथा सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाएगा। ठीक इसी तरह से लिव इन मे रहने वालो का रजिस्ट्रेशन भी किया जा सकेगा। बताते चलें UCC के तहत उत्तराखंड में शादी के रजिस्ट्रेशन के लिए कट ऑफ डेट 27 मार्च 2010 रखी गई है। जिसके चलते इसके बाद हुई सभी शादियों का रजिस्ट्रेशन करवाना मान्य रखा गया है जिसके लिए 6 महीने का समय दिया गया है।
ऑफलाइन पंजीकरण प्रक्रिया:(marriage registration offline Uttarakhand) UCC के लागू होने पर अब पति पत्नी को मिलकर एक फॉर्म भरना होगा जिसे उन्हें विवाह की तिथि से 60 दिन के भीतर सब रजिस्ट्रार के सामने प्रस्तुत करना होगा। जिसकी महत्वपूर्ण शर्त यह है कि पति-पत्नी में से कोई भी एक राज्य का निवासी होना चाहिए। इसके अलावा वर्ष 2010 के पहले के दंपति के लिए भी यहीं औपचारिकताएं मान्य रखी गई है जिन्हें पूरा करना आवश्यक रखा गया है।

उत्तराखंड की सभी ताजा खबरों के लिए देवभूमि दर्शन के WHATSAPP GROUP से जुडिए।

👉👉TWITTER पर जुडिए।

;

Continue Reading

More in उत्तराखण्ड

To Top