Connect with us
Free trial auto pay: Free trial subscription for ₹1-2 and auto pay every month is cheating you cyber fraud alert
सांकेतिक फोटो Free trial auto pay

Home / Highlights / Free trial auto pay: फ्री ट्रायल 1-2 ₹ में सब्सक्रिप्शन और ऑटो पे से हर महीने लग रहा चूना

Highlights Technology

Free trial auto pay: फ्री ट्रायल 1-2 ₹ में सब्सक्रिप्शन और ऑटो पे से हर महीने लग रहा चूना

1 min read

Free trial auto pay: Free trial subscription for ₹1-2 and auto pay every month is cheating you cyber fraud alert: साइबर अलर्ट: ‘फ्री ट्रायल’ का लालच बन रहा जेब पर भारी, एक क्लिक से हर महीने कट रहे पैसे

Free trial auto pay: Free trial subscription for ₹1-2 and auto pay every month is cheating you cyber fraud alert: मोबाइल एप्स की दुनिया में फ्री ट्रायल और मात्र एक रुपये में मिलने वाली सर्विस का ऑफर अब कई लोगों के लिए परेशानी का कारण बनता जा रहा है। दरअसल सोशल मीडिया फेसबुक आदि में जिस तरह आधी अधूरी कहानी दिखाकर लोगों की आगे क्या वाली उत्सुकता को जागृत कर उन्हें पहले फ्री ट्रायल और फिर 1-2 रूपए में सब्सक्रिप्शन का लालच देकर किस तरह साइबर ठगी के जाल में फंसाया जा रहा है। यह खबर उसी की दास्तां बयां करती है।

उत्तराखण्ड सहित देश भर में बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जहां यूजर ने सिर्फ ट्रायल के लिए ‘आई एग्री’ पर क्लिक किया और बाद में बिना जानकारी के हर महीने बैंक खाते से पैसे कटने लगे। हैरानी की बात यह है कि एप डिलीट करने के बाद भी कटौती जारी रहती है, क्योंकि असली अनुमति पेमेंट सिस्टम या बैंक स्तर पर सक्रिय रहती है।

कैसे फंसते हैं लोग इस ट्रैप में

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आकर्षक विज्ञापनों के जरिए यूजर्स को 3 से 7 दिन के फ्री ट्रायल या एक रुपये की सब्सक्रिप्शन का ऑफर दिया जाता है। जल्दबाजी में अधिकतर लोग शर्तें पढ़े बिना सहमति दे देते हैं। इसी दौरान कंपनियां ऑटो-डेबिट या रिकरिंग पेमेंट की अनुमति हासिल कर लेती हैं। ट्रायल खत्म होते ही खाते से तय राशि अपने आप कटनी शुरू हो जाती है और कई बार यूजर को इसकी जानकारी भी देर से मिलती है।

पढ़े-लिखे लोग भी बन रहे शिकार

साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक यह जाल इतना तकनीकी है कि जागरूक और शिक्षित लोग भी इसमें फंस जाते हैं। कई मामलों में यूजर्स को लगता है कि एप हटाने से सब खत्म हो जाएगा, जबकि सब्सक्रिप्शन गूगल प्ले, ऐप स्टोर, यूपीआई ऑटो-पे या बैंक के ई-मैंडेट सिस्टम में सक्रिय बना रहता है।

कुछ वास्तविक उदाहरण

एक युवक ने फोटो एडिटिंग एप का तीन दिन का फ्री ट्रायल लिया। ट्रायल समाप्त होने के बाद बिना किसी अलग अनुमति के हर महीने 899 रुपये कटने लगे। एप हटाने के बाद भी कटौती जारी रही। इसी तरह कुछ महिलाओं ने एक योगा एप पर एक रुपये का ऑफर चुना। कुछ दिनों बाद खाते से सालाना मेंबरशिप के नाम पर 4500 रुपये निकल गए। बैंक और साइबर हेल्पलाइन से संपर्क के बावजूद रकम वापस नहीं मिल सकी।

बैंक और साइबर सिस्टम की चुनौती

पीड़ित जब बैंक पहुंचते हैं तो अधिकतर मामलों में इसे ‘ऑथराइज्ड ट्रांजेक्शन’ बताकर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की जाती है। वहीं साइबर शिकायतों में भी कई बार इसे यूजर की तकनीकी लापरवाही मान लिया जाता है, जिससे लोगों को तुरंत राहत नहीं मिल पाती।

विशेषज्ञों की सलाह: ऐसे बचें नुकसान से

  • साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि सबसे पहले बैंक स्टेटमेंट जांचें और देखें कि पैसे किस माध्यम से कट रहे हैं।
  • यूपीआई एप्स में जाकर ऑटो-पे या मैनडेट चेक करें।
    यूपीआई ऐप्स पर ऑटो-पे मैनेज में क्लिक करें।
  • वहां आपको 2 आप्शन दिखाई देंगे pause और delete.
  • यहां डिलिट पर‌ क्लिक करें और फिर अपना यूपीआई ट्रांजैक्शन पिन डालें। इस तरह आप आटो पे डिएक्टिवेट कर सकते हैं।
  • घबराए नहीं यहां यूपीआई ट्रांजैक्शन पिन डालने पर आपके पैसे नहीं कटेंगे बल्कि आपको आटो पे डिएक्टिवेट होने का संदेश प्राप्त होगा। इसके अलावा निम्न तरीके भी अपनाए जा सकते हैं।
  • संबंधित एप में जाकर सब्सक्रिप्शन तुरंत कैंसिल करें।
  • नेट बैंकिंग से रिकरिंग पेमेंट या स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन बंद करें।
  • जरूरत पड़ने पर कार्ड की इंटरनेशनल या ऑटो-पे सुविधा अस्थायी रूप से रोक दें।
  • ठगी का संदेह हो तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें और राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
  • अगर कटौती बंद न हो तो कार्ड ब्लॉक कर नया कार्ड जारी करवाना बेहतर विकल्प माना जाता है।

डिजिटल सुविधा या छिपा हुआ जाल?

डिजिटल सेवाओं ने जिंदगी आसान जरूर बनाई है, लेकिन छोटी सी लापरवाही सीधे जेब पर असर डाल सकती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि किसी भी एप पर ‘आई एग्री’ दबाने से पहले उसकी शर्तें पढ़ना अब जरूरी आदत बन चुकी है। एक क्लिक की जल्दबाजी कई महीनों तक आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है — और यही इस नए साइबर ट्रेंड की सबसे बड़ी सच्चाई है।
यह भी पढ़ें- SBI FD Scheme 2026: ₹2 लाख जमा और पाएं ₹85,049 तक का गारंटीड रिटर्न, जानें पूरा कैलकुलेशन

👉👉उत्तराखंड की सभी ताजा खबरों के लिए देवभूमि दर्शन के WHATSAPP CHANNEL को Follow कीजिए on

👉👉TWITTER पर जुडिए।

Continue Reading

More in Highlights

To Top