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Pithoragarh teacher news: पिथौरागढ़ दुष्कर्म का आरोपी शिक्षक गिरफ्तार चमोली तक पहुंचे जांच के तार
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Pithoragarh teacher news: Pithoragarh news today kanalichina breaking news today uttarakhand news live uttarakhand teacher news पिथौरागढ़ में शिक्षक की शर्मनाक करतूत का खुलासा, मोबाइल से मिले कई छात्राओं के आपत्तिजनक फोटो-वीडियो; जांच का दायरा बढ़ा
Pithoragarh teacher news: Kanalichhina Pithoragarh minor student rape case teacher arrested uttarakhand breaking news today: उत्तराखण्ड के पिथौरागढ़ जिले में नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार शिक्षक की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में आरोपी शिक्षक के मोबाइल फोन से कई छात्राओं के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो मिलने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। अब जांच केवल एक छात्रा तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं आरोपी लंबे समय से अपने पद का दुरुपयोग कर छात्राओं को निशाना तो नहीं बना रहा था। मामले ने पूरे शिक्षा जगत को शर्मशार कर दिया है। जिस शिक्षक पर बच्चों के भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी थी, उसी पर मासूम छात्राओं के विश्वास को तोड़ने के आरोप लगने से क्षेत्र में भारी आक्रोश है।
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छात्रा की तबीयत बिगड़ने पर खुला मामला (Pithoragarh Crime News Investigation)
आपको बता दें कि घटना का खुलासा तब हुआ जब कनालीछीना क्षेत्र के एक विद्यालय में अध्ययनरत नाबालिग छात्रा की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां जांच के दौरान गंभीर तथ्य सामने आए। पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार छात्रा गर्भवती थी और कुछ समय पहले गर्भपात कराने का प्रयास किया गया था। चिकित्सकीय स्थिति को देखते हुए मामले की सूचना पुलिस को दी गई। इसके बाद शुरू हुई जांच में विद्यालय के शिक्षक योगेश कुमार पांडे का नाम सामने आया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की, जिसके बाद मामले की परतें खुलनी शुरू हुईं।
मोबाइल फोन ने खोले कई राज (Pithoragarh news live Digital Evidence)
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी के मोबाइल फोन की जांच के दौरान कई छात्राओं से जुड़े आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बरामद हुए हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इनमें से कुछ छात्राएं उन शिक्षण संस्थानों की हैं, जहां आरोपी पूर्व में तैनात रह चुका है। इस तथ्य के सामने आने के बाद जांच एजेंसियों ने मामले को और गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि इन तस्वीरों और वीडियो का उपयोग कहीं छात्राओं को धमकाने, ब्लैकमेल करने या अन्य आपराधिक गतिविधियों के लिए तो नहीं किया जाता था।
चमोली तक पहुंची जांच की कड़ियां (Pithoragarh teacher case Extended Probe)
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी शिक्षक पहले चमोली जनपद में भी तैनात रह चुका है। वहां के विद्यालयों से जुड़ी कुछ छात्राओं के फोटो और वीडियो भी उसके मोबाइल में पाए गए हैं। इसी कारण अब जांच का दायरा केवल पिथौरागढ़ तक सीमित नहीं है। पुलिस विभिन्न जिलों में आरोपी की तैनाती के दौरान उसके संपर्क में आए लोगों और छात्राओं से जुड़ी जानकारियां जुटा रही है।
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सात माह की गर्भावस्था और गर्भपात का पहलू जांच के केंद्र में (Pithoragarh teacher news Forensic Investigation)
पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे के अनुसार जांच में सामने आया है कि नाबालिग छात्रा लगभग सात माह की गर्भवती थी। आरोप है कि अस्पताल पहुंचने से करीब 20 दिन पहले उसे गर्भपात संबंधी दवा दी गई थी, जिसके बाद भ्रूण गिर गया।जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि गर्भपात की दवा किसने उपलब्ध कराई, उसे दवा किसने दी और इस पूरी प्रक्रिया में किन-किन लोगों की भूमिका रही। भ्रूण को कथित रूप से कहीं दबाने की सूचना भी सामने आई है, जिसकी पुष्टि के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
अन्य लोगों की भूमिका पर भी नजर (Pithoragarh Police Action)
पुलिस को आशंका है कि इस पूरे घटनाक्रम में केवल आरोपी शिक्षक ही नहीं, बल्कि अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। इसी वजह से मामले की हर कड़ी को बारीकी से खंगाला जा रहा है। फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है और डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच भी जारी है। पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा व्यवस्था पर खड़े हुए गंभीर सवाल (uttarakhand Education System)
इस घटना ने एक बार फिर शैक्षणिक संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों और स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्यालय बच्चों के लिए सुरक्षित स्थान होने चाहिए, लेकिन यदि वहीं इस प्रकार की घटनाएं सामने आने लगें तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। जांच एजेंसियों का फोकस केवल एक अपराध की पड़ताल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि यदि इस मामले से जुड़े अन्य पीड़ित या साक्ष्य सामने आते हैं तो उन्हें भी न्याय मिल सके।
