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Uttarakhand: बदरीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान गिरफ्तार
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|Badrinath Temple Donation Case|Rajendra Chauhan Arrested in Badrinath Temple Donation Theft Case| बदरीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच तेज, पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान दूसरी गिरफ्तारी के रूप में गिरफ्तार
|Badrinath Temple Donation Case|Rajendra Chauhan Arrested in Badrinath Temple Donation Theft Case| बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ी के मामले में जांच कर रही एसआईटी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में यह दूसरी गिरफ्तारी है। इससे पहले बदरी-केदार मंदिर समिति के कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को पुलिस पहले ही हिरासत में लेकर जेल भेज चुकी है। अब जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
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पूछताछ के बाद हुई गिरफ्तारी (SIT Investigation)
जानकारी के अनुसार, एसआईटी ने राजेंद्र चौहान को पूछताछ के लिए जोशीमठ से बदरीनाथ बुलाया था। कई घंटों तक चली गहन पूछताछ के दौरान जांच टीम को ऐसे तथ्य मिले, जिनके आधार पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का मानना है कि चढ़ावे की राशि में कथित हेराफेरी के मामले में उनकी भूमिका भी जांच के दायरे में आई है।
बताया जा रहा है कि राजेंद्र चौहान 30 जून को ही अपने पद से सेवानिवृत्त हुए थे। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उन्हें शनिवार को न्यायालय में पेश करेगी।
पुलिस ने गिरफ्तारी की पुष्टि की (Police Action)
बदरीनाथ थाना प्रभारी महादेव उनियाल ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि पूर्व टेंपल अधिकारी से विस्तृत पूछताछ के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा कि आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को शनिवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
सीसीटीवी फुटेज से बढ़ा जांच का दायरा (CCTV Evidence)
जांच के दौरान एसआईटी को मिले सीसीटीवी फुटेज में कुछ अन्य संदिग्ध लोगों की मौजूदगी भी सामने आने की बात कही जा रही है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी लोगों पर कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल जांच एजेंसियां सभी उपलब्ध साक्ष्यों और दस्तावेजों की गहन जांच कर रही हैं।
भैरव सेना के खुलासे के बाद सामने आया मामला (Donation Scam Allegation)
इस पूरे मामले की शुरुआत 3 जुलाई को हुई, जब भैरव सेना के संस्थापक संदीप खत्री ने बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की राशि में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया था कि बदरी-केदार मंदिर समिति का एक कर्मचारी मंदिर में आने वाले दान की रकम में हेराफेरी कर रहा है। इस संबंध में उन्होंने मंदिर समिति को लिखित शिकायत भी भेजी थी, जिसके बाद मामला सार्वजनिक हुआ।
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मंदिर समिति और सरकार ने बनाई जांच समितियां (High Level Committee)
आरोप सामने आने के बाद बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मामले की जांच के आदेश दिए और चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया। इसके बाद राज्य सरकार ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति बनाई।
इसी दौरान पुलिस ने भी मुकदमा दर्ज कर स्वतंत्र जांच शुरू की। जांच के शुरुआती चरण में बदरी-केदार मंदिर समिति के कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार किया गया था। अब 17 जुलाई को पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान की गिरफ्तारी के साथ इस मामले में दूसरी बड़ी कार्रवाई हुई है।
जांच पर सबकी नजर (Badrinath Case Update)
चढ़ावे की राशि से जुड़े इस चर्चित मामले में एसआईटी लगातार साक्ष्य जुटा रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर किन-किन लोगों की भूमिका सामने आती है और क्या इस मामले में आगे और गिरफ्तारियां होती हैं।
