UTTARAKHAND NEWS पौड़ी गढ़वाल
Srinagar news today: श्रीनगर की निधि बहुगुणा ने गर्भवती महिला की दुर्लभ सर्जरी कर बचाई जिंदगी
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Uttarakhand news today uttarakhand health policy health insurance policy doctor nidhi bahuguna Srinagar base hospital news today श्रीनगर की बेटी डॉ. निधि बहुगुणा ने किया कमाल, गर्भवती महिला की दुर्लभ सर्जरी कर मां और गर्भस्थ शिशु दोनों की बचाई जान
Srinagar news today: hnb base hospital gynecologist Nidhi Bahuguna saved pregnant woman by rare surgery. Uttarakhand breaking news live: उत्तराखंड के हेमवती नंदन बहुगुणा बेस अस्पताल, श्रीनगर में चिकित्सकों की टीम ने एक ऐसी जटिल और दुर्लभ सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है, जिसने चिकित्सा क्षेत्र में नई मिसाल कायम कर दी है। तीन माह की गर्भवती महिला के पेट में अंडेदानी के समीप बनी दो बड़ी सिस्ट को बिना गर्भस्थ शिशु को कोई नुकसान पहुंचाए सफलतापूर्वक निकाल लिया गया। इस उपलब्धि की सबसे खास बात यह रही कि ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. निधि बहुगुणा श्रीनगर की ही बेटी हैं, जो अब अपने गृहक्षेत्र में रहकर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रही हैं।
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पेट दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंची थी महिला (Srinagar hospital Pregnancy Surgery)
चमोली जिले के जोशीमठ क्षेत्र निवासी 25 वर्षीय सोनी देवी, जो तीन माह की गर्भवती थीं, लगातार पेट दर्द की शिकायत के बाद बेस अस्पताल श्रीनगर पहुंचीं। चिकित्सकों ने अल्ट्रासाउंड सहित अन्य जांच कराई, जिसमें बच्चेदानी के पास 13 सेंटीमीटर और 9 सेंटीमीटर आकार की दो बड़ी सिस्ट (गांठ) पाई गईं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इनमें से एक सिस्ट हाइडेटिड सिस्ट थी, जो अंडेदानी (ओवरी) के समीप विकसित हुई थी। चिकित्सकों के अनुसार इस प्रकार की सिस्ट का गर्भावस्था के दौरान इस स्थान पर मिलना अत्यंत दुर्लभ और चिकित्सकीय दृष्टि से चुनौतीपूर्ण स्थिति मानी जाती है।
विशेषज्ञ टीम ने संभाली जिम्मेदारी (Srinagar Hydatid Cyst Treatment)
मामले की गंभीरता को देखते हुए गायनी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नेहा दोसाद के निर्देशन में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. निधि बहुगुणा तथा सर्जरी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. लक्ष्मण यादव ने विस्तृत चिकित्सकीय मूल्यांकन के बाद ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। गर्भावस्था के दौरान इतनी बड़ी सिस्ट को निकालना बेहद जोखिमभरा माना जाता है, क्योंकि ऑपरेशन के दौरान मां और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने पूरी सावधानी और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी को सफलतापूर्वक पूरा किया।
दोनों सिस्ट निकालीं, शिशु पूरी तरह सुरक्षित (uttarakhand hospital news Successful Operation)
सर्जरी के दौरान चिकित्सकों ने दोनों सिस्ट को सफलतापूर्वक निकाल दिया। ऑपरेशन की सबसे बड़ी सफलता यह रही कि पूरे उपचार के दौरान गर्भस्थ शिशु को किसी प्रकार की क्षति नहीं पहुंची। ऑपरेशन के बाद किए गए अल्ट्रासाउंड में शिशु की धड़कन सहित सभी आवश्यक पैरामीटर पूरी तरह सामान्य पाए गए, जिससे चिकित्सकीय टीम और परिजनों ने राहत की सांस ली।
भविष्य की मातृत्व क्षमता भी रही सुरक्षित (Srinagar Garhwal base hospital Ovarian Reconstruction)
डॉ. निधि बहुगुणा ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान दोनों अंडेदानियों को सुरक्षित रखा गया। जिस अंडेदानी पर सिस्ट का प्रभाव पड़ा था, उसका सफल ओवेरियन रिकंस्ट्रक्शन भी किया गया।इस प्रक्रिया से न केवल वर्तमान गर्भावस्था सुरक्षित रही, बल्कि महिला की भविष्य में मां बनने की क्षमता भी पूरी तरह संरक्षित रखी जा सकी।
एनेस्थीसिया टीम का भी रहा अहम योगदान (Srinagar base hospital Medical Team)
इस जटिल ऑपरेशन को सफल बनाने में एनेस्थीसिया विभाग की डॉ. वंदना शर्मा, डॉ. कीर्तना, डॉ. रोहित, पियूष और रोहित ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी विभागों के समन्वय और टीमवर्क की बदौलत यह चुनौतीपूर्ण सर्जरी बिना किसी जटिलता के पूरी हो सकी।सफल उपचार के बाद महिला और उसके परिजनों ने पूरी चिकित्सकीय टीम का आभार व्यक्त करते हुए अस्पताल प्रशासन की सराहना की।
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श्रीनगर की बेटी ने बढ़ाया क्षेत्र का मान (Dr Nidhi Bahuguna)
इस उपलब्धि ने इसलिए भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया क्योंकि डॉ. निधि बहुगुणा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा श्रीनगर में ही प्राप्त की और अब विशेषज्ञ चिकित्सक बनने के बाद अपने ही क्षेत्र के लोगों की सेवा कर रही हैं। डॉ. निधि का मानना है कि पहाड़ के मरीजों को गंभीर और विशेषज्ञ उपचार के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन न करना पड़े, इसके लिए स्थानीय अस्पतालों में उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होना बेहद जरूरी है।
प्राचार्य ने दी पूरी टीम को बधाई (HNB Base Hospital Srinagar Garhwal)
हेमवती नंदन बहुगुणा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. आशुतोष सयाना ने इस सफल सर्जरी पर पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि गर्भावस्था के दौरान इतनी दुर्लभ और जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक पूरा करना चिकित्सकों की विशेषज्ञता, अनुभव, समर्पण और उत्कृष्ट टीमवर्क का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि मां और गर्भस्थ शिशु दोनों को सुरक्षित रखना पूरे संस्थान के लिए गर्व का विषय है। यह सफलता पहाड़ में उपलब्ध विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को भी दर्शाती है और भविष्य में गंभीर मरीजों के लिए बड़ी उम्मीद लेकर आई है।
