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Uttarakhand Census 2026: 25 अप्रैल से शुरू होगी भवन गणना, घर-घर पूछे जाएंगे ये 33 सवाल
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Uttarakhand Census 2026: Building census to begin on April 25, know all 33 questions to be asked janganana jangarna जनगणना 2026: 25 अप्रैल से होगी भवन गणना, पूछे जाएंगे घर की छत से लेकर थाली तक के सवाल
Uttarakhand Census 2026: Building census to begin on April 25, know all 33 questions to be asked janganana jangarna उत्तराखण्ड में अगली जनगणना की तैयारियां तेज हो गई हैं और इस बार गणनाकर्मी जब आपके दरवाजे पर दस्तक देंगे तो केवल घर में रहने वालों की संख्या ही नहीं पूछेंगे, बल्कि फर्श से लेकर छत तक और रसोई से लेकर डिजिटल सुविधाओं तक हर पहलू दर्ज करेंगे। गृह मंत्रालय ने मकान गणना के लिए 33 सवालों की अधिसूचना जारी कर दी है। उत्तराखंड में यह प्रक्रिया 25 अप्रैल से 24 मई के बीच प्रस्तावित है।
इस संबंध में जनगणना निदेशालय ने इसके लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम तय कर दिए हैं। 19 से 28 फरवरी के बीच जिलावार प्रशिक्षण सत्र आयोजित होंगे, जिनमें चार्ज अधिकारी, सहायक चार्ज अधिकारी, तकनीकी सहायक और सेंसस क्लर्क शामिल होंगे। प्रशिक्षण के दौरान नए प्रावधानों और सीएमएमएस पोर्टल की कार्यप्रणाली से अवगत कराया जाएगा। निदेशक जनगणना ईवा आशीष श्रीवास्तव के अनुसार मकान गणना के दौरान ली जाने वाली सभी सूचनाएं पूरी तरह गोपनीय रहेंगी और किसी भी स्तर पर साझा नहीं की जाएंगी।
मकान गणना के दौरान पूछे जाने वाले सवाल
1. भवन संख्या (नगर/स्थानीय प्राधिकरण/जनगणना नंबर)
2. मकान का फर्श किस सामग्री से बना है (मिट्टी, सीमेंट, टाइल्स, पत्थर आदि)
3. मकान की दीवार किस सामग्री की है (मिट्टी, सीमेंट आदि)
4. मकान की छत किस सामग्री से बनी है (मिट्टी, सीमेंट आदि)
5. मकान का उपयोग (आवासीय/व्यावसायिक/अन्य)
6. मकान की स्थिति (अच्छी, कच्ची छत, पक्की छत आदि)
7. परिवार में रहने वालों की कुल संख्या
8. परिवार का मुखिया और उसका लिंग
9. परिवार मुखिया का सामाजिक वर्ग (अनुसूचित जाति, जनजाति या अन्य)
10. मकान स्वामित्व की स्थिति (मालिक या किराएदार)
11. परिवार में उपलब्ध कमरे की संख्या (वन रूम, टू रूम, थ्री रूम आदि)
12. परिवार में विवाहित दंपतियों की संख्या
13. पेयजल का मुख्य स्रोत (टैप वाटर, ट्यूबवेल, हैंडपंप या अन्य)
14. पेयजल की उपलब्धता
15. प्रकाश का मुख्य स्रोत (बिजली, सोलर, केरोसिन आदि)
16. शौचालय की उपलब्धता
17. शौचालय का प्रकार
18. गंदे पानी की निकासी (खुली, ढकी नाली या कोई नहीं)
19. बाथरूम की उपलब्धता
20. रसोईघर की स्थिति और ईंधन (एलपीजी/पीएनजी/अन्य)
21. परिवार द्वारा मुख्य रूप से उपयोग किया जाने वाला अनाज
22. रेडियो या ट्रांजिस्टर की उपलब्धता
23. टेलीविजन की उपलब्धता
24. इंटरनेट सुविधा की उपलब्धता
25. लैपटॉप/कंप्यूटर की उपलब्धता
26. टेलीफोन/मोबाइल/स्मार्टफोन की उपलब्धता
27. साइकिल की उपलब्धता
28. स्कूटर/मोटरसाइकिल की उपलब्धता
29. कार/जीप/वैन की उपलब्धता
30. परिवार के सदस्य की ऑनलाइन उपस्थिति (इंटरनेट उपयोग की जानकारी)
31. मोबाइल नंबर (जनगणना संबंधी सूचना के लिए)
32. घर में बुनियादी सुविधाओं का स्तर (साफ-सफाई, रखरखाव आदि)
33. अन्य महत्वपूर्ण जानकारी जो परिवार के जीवन स्तर का प्रतिनिधित्व करती हो
स्वयं भी भर सकेंगे विवरण
नौ अप्रैल से 24 अप्रैल तक नागरिक जनगणना पोर्टल पर अपनी जानकारी स्वयं भी भर सकेंगे। इसके बाद फील्ड गणना का कार्य शुरू होगा।
जनगणना का इतिहास और वर्तमान
आपको बता दें कि भारत में संगठित जनगणना की शुरुआत 1872 में हुई थी और पहली पूर्ण जनगणना 1881 में संपन्न हुई। वर्ष 2011 तक यह प्रक्रिया 15 बार पूरी की जा चुकी है। 1949 से इसकी जिम्मेदारी गृह मंत्रालय के अधीन महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त के पास है। हर दस वर्ष में होने वाली यह प्रक्रिया 2021 में प्रस्तावित थी, लेकिन कोविड-19 के कारण स्थगित कर दी गई थी। इस बार 16वीं बार होने वाली भवन गणना की यह प्रक्रिया केवल आंकड़ों का संकलन नहीं होगी, बल्कि राज्य में बुनियादी सुविधाओं, डिजिटल पहुंच और जीवन स्तर की वास्तविक तस्वीर सामने लाएगी। प्रशासन का मानना है कि सटीक आंकड़े भविष्य की नीतियों और योजनाओं के लिए आधार बनेंगे।
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