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उत्तराखंड: भारी बारिश के चलते प्रवक्ता भर्ती परीक्षा तिथि बढ़ाने की मांग, आयोग को भेजा ज्ञापन
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|UKPSC Lecturer Exam 2026 | Uttarakhand Lecturer Recruitment | Exam Date Change | Uttarakhand News| मानसून के बीच प्रवक्ता भर्ती परीक्षा के संबंध में अभ्यर्थियों ने UKPSC से तिथि बदलने और परीक्षा केंद्र बढ़ाने की मांग की
|UKPSC Lecturer Exam 2026 | Uttarakhand Lecturer Recruitment | Exam Date Change | Uttarakhand News| उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश और मानसून के दौरान बिगड़ते हालात के बीच उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) की प्रवक्ता (Lecturer) भर्ती परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ गई है। राज्य के विभिन्न जिलों से जुड़े उम्मीदवारों ने आयोग से परीक्षा तिथियों पर पुनर्विचार करने और परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में दूर-दराज़ के पर्वतीय क्षेत्रों से परीक्षा केंद्र तक सुरक्षित और समय पर पहुंचना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है।
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केवल दो परीक्षा केंद्रों पर जताई आपत्ति
(Exam Centres | UKPSC Lecturer Exam)
अभ्यर्थियों के अनुसार आयोग ने जीव विज्ञान, राजनीति विज्ञान और अंग्रेज़ी विषयों की परीक्षाओं के लिए केवल हरिद्वार और हल्द्वानी में परीक्षा केंद्र निर्धारित किए हैं। ऐसे में राज्य के कई पर्वतीय और सीमांत जिलों के उम्मीदवारों को 200 से 300 किलोमीटर तक का सफर तय करना पड़ रहा है, जो मानसून के दौरान जोखिम भरा साबित हो सकता है।
जुलाई में प्रस्तावित हैं तीन प्रमुख परीक्षाएं
(Exam Schedule 2026)
आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार प्रवक्ता संवर्ग की जीव विज्ञान की परीक्षा 12 जुलाई, राजनीति विज्ञान की 18 जुलाई तथा अंग्रेज़ी की परीक्षा 26 जुलाई 2026 को प्रस्तावित है। प्रवेश पत्र भी जारी किए जा चुके हैं। हालांकि अभ्यर्थियों का कहना है कि इन तिथियों के दौरान उत्तराखंड में भारी बारिश, भूस्खलन और सड़कें बंद होने की घटनाएं सामान्य रहती हैं, जिससे कई उम्मीदवार परीक्षा से वंचित हो सकते हैं।
भारी बारिश और सड़क बंद होने से बढ़ी चिंता
(Monsoon Alert | Landslide | Uttarakhand Weather)
अभ्यर्थियों ने आयोग को भेजे गए ज्ञापन में कहा है कि प्रदेश के कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी है। लगातार हो रही बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन हो रहे हैं और अनेक सड़कें बंद हैं। ऐसी स्थिति में लंबी दूरी तय कर परीक्षा केंद्र तक पहुंचना न केवल कठिन बल्कि जोखिम भरा भी हो सकता है। उनका कहना है कि यदि किसी अभ्यर्थी की परीक्षा प्राकृतिक आपदा के कारण छूट जाती है तो वर्षों की मेहनत पर पानी फिर सकता है।
सितंबर या अक्टूबर में परीक्षा कराने की मांग
(Exam Postponement Demand)
अभ्यर्थियों ने आयोग से आग्रह किया है कि परीक्षाओं को जुलाई की बजाय सितंबर या अक्टूबर में आयोजित करने पर विचार किया जाए, जब मानसून का प्रभाव काफी कम हो जाता है। इसके साथ ही उन्होंने परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाने और अधिक जिलों में केंद्र बनाए जाने की भी मांग की है, ताकि सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके।
दिव्यांग अभ्यर्थियों की समस्याएं भी उठाईं
(Candidates’ Demand | Equal Opportunity)
ज्ञापन में दिव्यांग अभ्यर्थियों की कठिनाइयों का भी उल्लेख किया गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में दिव्यांग उम्मीदवारों को भी लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे उन्हें अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए आयोग से परीक्षा केंद्रों के विस्तार और परीक्षा तिथियों पर पुनर्विचार करने की मांग की गई है।
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सहानुभूतिपूर्ण निर्णय की उम्मीद
(UKPSC Latest News)
अभ्यर्थियों ने कहा कि उन्होंने इस भर्ती परीक्षा के लिए वर्षों तक तैयारी की है और वे नहीं चाहते कि प्राकृतिक आपदा जैसी परिस्थितियों के कारण किसी का भविष्य प्रभावित हो। उन्होंने विश्वास जताया है कि उत्तराखंड लोक सेवा आयोग अभ्यर्थियों की वास्तविक समस्याओं और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेगा।
