UTTARAKHAND NEWS नैनीताल
Uttarakhand news: उपनल नियमितीकरण मामला हाईकोर्ट की उत्तराखंड सरकार को फटकार सचिव तलब
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Uttarakhand breaking news today uttarakhand highcourt news today uttarakhand UPNL news today UPNL latest news today upnl employee regular Policy उपनल कर्मचारियों के मामले में हाईकोर्ट सख्त, आदेश का पालन न होने पर संबंधित सचिव को किया तलब
Uttarakhand UPNL News Today: High Court reprimands Uttarakhand govt UPNL regularization summons the Secretary: उत्तराखंड में वर्षों से विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत उपनल (उत्तराखण्ड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड) संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण और चयनित वेतनमान के मुद्दे पर उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के प्रति कड़ा रुख अपनाया है। न्यायालय ने पूर्व में दिए गए आदेशों का अब तक पालन नहीं किए जाने पर नाराजगी जताते हुए संबंधित सचिव को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट ने सचिव को किया तलब (uttarakhand UPNL News Today Contempt Petition)
बुधवार, 9 जुलाई को हुई सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने अवमानना याचिका पर सुनवाई की। अदालत ने पाया कि पूर्व में दिए गए निर्देशों के बावजूद सरकार की ओर से आदेशों का अनुपालन नहीं किया गया है। इस पर कोर्ट ने संबंधित सचिव को आगामी 15 जुलाई (बुधवार) को न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है।
सरकार ने मांगा और समय (uttarakhand Government Stand UPNL regulation)
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए वर्तमान नियमावली में संशोधन आवश्यक है। सरकार ने इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया। हालांकि अदालत इस दलील से संतुष्ट नहीं हुई। न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि पूर्व के आदेशों पर आज तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जो प्रथम दृष्टया अदालत की अवमानना की श्रेणी में आता है। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि सरकार हर सुनवाई में केवल समय मांगती रही है, जबकि आदेशों के पालन की दिशा में कोई प्रभावी कदम दिखाई नहीं देता।
संघ ने कोर्ट के सामने रखी नई शिकायत (uttarakhand UPNL Employees)
उपनल कर्मचारी संघ की ओर से अदालत को बताया गया कि कर्मचारियों पर ‘समान कार्य-समान वेतन’ संबंधी लाभ देने के बदले बांड भरने का दबाव बनाया जा रहा है। संघ ने इसे कर्मचारियों के अधिकारों के विपरीत बताते हुए न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग की।
एक साल से लंबित है अवमानना याचिका (uttarakhand UPNL Regularization Case)
उपनल कर्मचारी संघ ने लगभग एक वर्ष पहले हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की थी। संघ का आरोप है कि तब से सरकार लगातार अतिरिक्त समय मांगती रही है, लेकिन आदेशों का पालन करने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इस कारण प्रदेशभर के हजारों उपनल कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
2018 से चल रहा है पूरा विवाद (uttarakhand High Court Order)
मामले की पृष्ठभूमि भी काफी लंबी है। कर्मचारी संघ के अनुसार वर्ष 2018 में उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उपनल संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण के पक्ष में आदेश दिया था। इसके बाद राज्य सरकार इस फैसले को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय पहुंची। संघ का कहना है कि 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने भी कर्मचारियों के पक्ष में निर्णय सुनाते हुए सरकार को राहत नहीं दी। इसके बावजूद आज तक आदेशों का पूर्ण पालन नहीं किया गया।
22 हजार कर्मचारियों का भविष्य अधर में (uttarakhand Employment Issue)
उपनल कर्मचारी संघ का दावा है कि सरकार की ओर से लगातार देरी किए जाने के कारण प्रदेश के करीब 22 हजार उपनल संविदा कर्मचारी अब भी अनिश्चितता की स्थिति में हैं। नियमितीकरण, चयनित वेतनमान और अन्य सेवा लाभों से जुड़े मुद्दे अब तक लंबित हैं, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है। अब सभी की निगाहें 15 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां संबंधित सचिव को स्वयं हाईकोर्ट के समक्ष उपस्थित होकर आदेशों के अनुपालन की स्थिति स्पष्ट करनी होगी। इस सुनवाई को उपनल कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित विवाद में अहम माना जा रहा है।
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