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Chamoli online gaming news today: चमोली ऑनलाइन गेमिंग से छूटी पढ़ाई, अब परीक्षा का डर घर से भागा छात्र
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Uttarakhand Karnaprayag Chamoli online gaming news today: students miss their class, now fear of exams run away from home: ऑनलाइन गेम की लत ने छठी के छात्र को घर से भगाया, हरिद्वार से सकुशल बरामद
Uttarakhand Karnaprayag Chamoli online gaming news today: students miss their class, now fear of exams run away from home: आजकल के इस डिजिटल दौर में बच्चों की बदलती आदतों पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक चिंताजनक खबर उत्तराखण्ड के चमोली जिले के कर्णप्रयाग से सामने आ रही है जहां छठी कक्षा का एक छात्र ऑनलाइन गेमिंग की लत में इतना उलझ गया कि पढ़ाई से दूरी बन गई और परीक्षा के डर से वह घर छोड़कर हरिद्वार पहुंच गया।
हालांकि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे सकुशल बरामद कर लिया, लेकिन अभी भी कुछ सवाल ऐसे हैं जो अभिभावकों को सोचने पर विवश कर रहे हैं। जिसमें सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि क्या बच्चों में बढ़ती मोबाइल, सोशल मीडिया या ऑनलाइन गेमिंग की लत में उनका बचपन कहीं खो तो नहीं रहा है, उनकी पढ़ाई और मानसिक स्थिति प्रभावित तो नहीं हो रही?
अभी तक मिल रही जानकारी के मुताबिक चमोली जिले में बीते 13 फरवरी को परिजनों ने कोतवाली कर्णप्रयाग में अपने 14 वर्षीय बेटे के लापता होने की सूचना दी। मामला दर्ज होते ही पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रभारी निरीक्षक राकेश चंद्र भट्ट के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई, जिसने परिजनों और दोस्तों से पूछताछ के साथ तकनीकी सहायता भी ली। सर्विलांस सेल की मदद से छात्र की लोकेशन हरिद्वार रेलवे स्टेशन के आसपास मिली। पुलिस टीम वहां पहुंची और रविवार को उसे बस अड्डे के पास ढूंढ निकाला।
पूछताछ में सामने आया कि छात्र दिसंबर से स्कूल नहीं जा रहा था। वह घर वालों के डर से रोज यूनिफॉर्म पहनकर स्कूल के निकलता, लेकिन स्कूल पहुंचने के बजाय एकांत स्थान पर समय बिताता और मोबाइल पर गेम खेलता। अब वार्षिक परीक्षा नजदीक आने पर असफल होने की आशंका से घबराकर बीते 12 फरवरी को वह घर-बार छोड़कर हरिद्वार चला गया।
यह घटना अभिभावकों के लिए चेतावनी है। पुलिस अधीक्षक सुरजीत पंवार ने कहा कि डिजिटल युग में बच्चों की गतिविधियों पर सजग निगरानी जरूरी है। ऑनलाइन गेमिंग तेजी से गंभीर लत का रूप ले रही है, जिसका असर पढ़ाई और मानसिक स्थिति दोनों पर पड़ता है।
उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि बच्चों के साथ नियमित संवाद बनाए रखें, स्क्रीन समय सीमित करें और उन्हें खेल-कूद व रचनात्मक गतिविधियों में व्यस्त रखें। घर में सकारात्मक माहौल और मोबाइल उपयोग में संतुलन ही ऐसी परिस्थितियों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। इसके साथ ही उन्हें आउटडोर या इनडोर खेलों के प्रति प्रोत्साहित कर व्यस्त रखें और पुरानी बातें, कहानी, किस्से सुनाकर उनका मनोरंजन करें
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