उत्तराखण्ड देहरादून
Uttarakhand: उत्तराखंड शहीदों के परिजनों को बड़ी सौगात, बसों में करेंगे मुफ्त यात्रा
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Uttarakhand Martyr Free bus Service : रोडवेज बसों में फ्री यात्रा कर सकेंगे शहीदों के परिजन, सैनिक कल्याण मंत्री ने दिए अधिकारियों को निर्देश….
Uttarakhand Martyr free bus Service : उत्तराखंड सरकार ने शहीदों के परिजनों के हितों को ध्यान में रखते हुए रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा कराने की सुविधा देने का अहम निर्णय लिया है। दरअसल सैनिक कल्याण मंत्री ने इस योजना को लागू करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। इस पहल का उद्देश्य शहीदों के परिवारों को सम्मान देना और उनकी यात्रा की सुविधा में सहयोग करना है। जिसका लाभ शहीदों के माता-पिता पत्नी बच्चे और अन्य नजदीकी परिजन उठा सकेंगे।
बता दें उत्तराखंड के कई सारे सैनिकों ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों को न्योछावर किया है। ऐसे मे उनके परिजनों का ध्यान रखना सरकार की अहम जिम्मेदारी बनती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए बीते सोमवार को सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कैंप कार्यालय में सैनिक कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक की बैठक के दौरान उन्होंने समस्त अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि परिवहन निगम की बसों में शहीद सैनिकों के परिजनों के लिए निशुल्क यात्रा की सुविधा की जाए इसके लिए उन्होंने प्रस्ताव तैयार कर शासन को सौंपा। इसके अलावा शहीद सम्मान यात्रा के बाद बलिदान देने वाले सैनिकों की अपडेट सूची तुरंत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इतना ही नहीं बल्कि इस बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा शहीद सैनिकों को दी जाने वाली 50 लाख रुपए की राशि पर भी चर्चा हुई।
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जिसमें अधिकारियों ने बताया कि सेवारत सैनिकों , पूर्व सैनिकों , विधवाओं आश्रितों को सेना, अर्द्ध सैनिक बलों एवं पुलिस भर्ती के लिए प्रशिक्षण के दौरान दी जाने वाली भोजन राशि को 80 से बढ़ाकर 225 रुपए किया गया है। इतना ही नहीं बल्कि बैठक के दौरान चमोली जिले मे तीन लांसनायक शौर्य चक्र विजेता रघुवीर सिंह, सिपाही सूरज सिंह तोपाल, महावीर चक्र विजेता सिपाही अनुसूया प्रसाद के नाम के द्वार का निर्माण करने के निर्देश दिए है। जबकि उत्तरकाशी में सुंदर सिंह, अल्मोड़ा में सिपाही दिनेश सिंह बिष्ट, टिहरी जिले में नायक प्रवीन सिंह और रुद्रप्रयाग के हवलदार देवेंद्र सिंह के नाम से शहीद द्वार का निर्माण किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि वीरता पदक 30 सैनिकों को परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा के पास जारी कर दिए गए हैं।
