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Chamoli news: चमोली भालू ने किया हमला, पेड़ की ओट में दुबकी मिली घायल महिला, किया एयरलिफ्ट
Chamoli bear attack news: भालू के हमले से रामेश्वरी देवी घायल, कड़ाके की ठंड में जंगल मे काटी पूरी रात , खौफनाक काली रात के बाद हुआ सवेरा, चट्टान से लगे पेड़ से बच गई जान….
Chamoli bear attack injured woman Rameshwari Devi found under tree pokhari gopeshwar uttarakhand latest news today : उत्तराखंड में लगातार गुलदार के बाद अब भालू के हमले घातक साबित होते जा रहे हैं। अभी तक भालू के हमले से कई सारे लोगों की जान जा चुकी है जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। ऐसी ही कुछ दुखद खबर चमोली जिले से सामने आ रही है, जहां पर भालू ने महिला पर घातक हमला किया है। हालांकि विषम परिस्थितियों के बावजूद महिला ने हिम्मत नहीं हारी जिसके चलते उनकी जान बच गई। महिला चारापत्ती लेने के लिए जंगल गई थी जो भालू के डर से जंगल मे ही छिप गई थी। महिला के परिजनों को लगा की महिला जंगली जानवर का शिकार हो चुकी है।
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अभी तक मिली जानकारी के अनुसार चमोली जिले के गोपेश्वर के पोखरी विकासखंड की गांव पाव की निवासी 50 वर्षीय रामेश्वरी देवी बुधवार की सुबह चारापत्ती लेने के लिए जंगल गई थी। इसके बाद रामेश्वरी देवी काफी वक्त गुजर जाने के बाद वापस घर नहीं लौटी तो उनके परिजनों को चिंता सताने लगी। जिसके बाद रामेश्वरी देवी के परिजनों ने इस घटना की जानकारी पुलिस प्रशासन की टीम को दी, वहीं सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और वन विभाग की टीम के साथ रामेश्वरी देवी की खोजबीन शुरू की गई। खोजबीन के दौरान रामेश्वरी देवी का रस्सी और दरांती तथा दुपट्टा बरामद हुआ। इस दौरान वहां पर रामेश्वरी के खून के धब्बे भी पड़े हुए थे जिससे लोग मान बैठे थे कि रामेश्वरी देवी को जंगली जानवर ने हमला कर मार डाला है।
माँ को खोजने जंगल निकला बेटा, माँ ने ली राहत की सांस ( chamoli bear attack Rameshwari Devi)
रामेश्वरी देवी के सबसे छोटे बेटे अजय ने बताया कि गुरुवार की सुबह साथियों को लेकर उन्होंने जंगल में अपनी मां की तलाश शुरू की। इस दौरान बेटे की आवाज जैसे ही रामेश्वरी के कानों में पड़ी तो उन्होंने भी अपने बेटे को पुकारना शुरू किया। तभी अजय ने देखा कि कुछ दूरी पर गजे डुंग्रा तोक मे चट्टान से लगे एक पेड़ के सहारे उनकी मां अटकी हुई है ,जिनके चेहरे और शरीर पर गहरे जख्म थे। रामेश्वरी ने अजय को बताया कि घास काटते समय भालू ने उन पर हमला किया। उन्होंने दरांती के सहारे बचने की कोशिश की लेकिन वो इसमे असफल रही।
रामेश्वरी देवी ने भालू के चंगुल से छूटकर बचाई अपनी जान ( chamoli pokhari paav village news update)
भालू ने रामेश्वरी देवी को लहूलुहान कर घसीटना शुरू किया। लेकिन इस बीच रामेश्वरी देवी में ना जाने कहां से इतनी हिम्मत आई की वो भालू के चंगुल से छूटकर खाई की ओर भाग गई। रामेश्वरी देवी की हालत गंभीर थी कि वह बेहोश हो गई। कड़ाके की ठंड की रात में जब रामेश्वरी देवी को होश आया तो उन्होंने देखा की खाई में पेड़ के सहारे वह अटकी हुई है।
जरा सी चूक होने पर रामेश्वरी देवी गिर सकती थी गहरी खाई मे ( Chamoli bear attack news)
रामेश्वरी देवी ने बताया कि जब उन्होंने सुबह अपने बेटे की आवाज सुनी तो उनकी जान में जान आई और उन्होंने राहत की सांस ली। जरा सी चूक होने पर रामेश्वरी देवी गहरी खाई में समा सकती थी लेकिन चट्टान से लगे पेड़ ने उनकी जान बचा ली। बताते चले भालू ने रामेश्वरी देवी का चेहरा पूरी तरह से नोचा है। ग्रामीणों की मदद से रामेश्वरी देवी का रेस्क्यू कर उन्हें एयरलिफ्ट कर एम्स ऋषिकेश में उपचार के लिए भर्ती किया गया है।
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