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Babita pandey missing tracker: दायरा बुग्याल से लापता बबीता पांडे मामला 2 पर अपहरण का मुकदमा
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Babita Pandey missing tracker: Babita pandey missing case babita pandey ramnagar dayara bugyal Uttarkashi दयारा बुग्याल में लापता महिला ट्रेकर का पांचवें दिन भी नहीं मिला सुराग, साथ गए दो युवकों पर अपहरण का मुकदमा दर्ज
Babita Pandey missing tracker: Case of kidnapping ramnagar nainital Babita Pandey missing from Dayara Bugyal Uttarkashi Uttarakhand breaking news today: उत्तराखण्ड के उत्तरकाशी जिले के विश्व प्रसिद्ध दयारा बुग्याल ट्रेक से जुड़ा मामला अब और अधिक गंभीर होता जा रहा है। पांच दिन बीत जाने के बाद भी लापता महिला ट्रेकर बबीता पांडे का कोई पता नहीं चल पाया है। एक ओर जहां एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस और वन विभाग की टीमें दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार खोज अभियान चला रही हैं, वहीं दूसरी ओर जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य भी सामने आए हैं। पुलिस ने अब महिला के साथ ट्रेक पर गए दो युवकों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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नैनीताल के रामनगर की रहने वाली थी बबीता (Dayara Bugyal Missing Trekker)
जानकारी के अनुसार नैनीताल जिले के रामनगर निवासी बबिता पांडे नामक महिला अपने दो पुरुष साथियों के साथ दयारा बुग्याल ट्रेक पर गई थी। तीनों ने ट्रेकिंग के दौरान गोई कैंप क्षेत्र में रात्रि विश्राम किया था। बताया जा रहा है कि इसके बाद महिला रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई।शनिवार को उसके साथियों ने वन विभाग को घटना की सूचना दी, जिसके बाद विभिन्न एजेंसियों ने संयुक्त रूप से खोज अभियान शुरू किया। हालांकि लगातार कई दिनों की तलाश के बावजूद महिला का कोई सुराग नहीं मिल सका है। खराब मौसम, घने जंगल और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र बचाव दलों के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं।
अपहरण का मुकदमा (Kidnapping Case Registered)
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया। इस दौरान लापता महिला के परिजन भी उत्तरकाशी पहुंचे और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज देखकर महिला की पहचान की पुष्टि की। उत्तरकाशी पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय ने बताया कि अब तक सामने आए तथ्यों और जांच के आधार पर महिला के साथ ट्रेक पर गए हरमनप्रीत सिंह और हरमनपाल सिंह के खिलाफ अपहरण की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है।
दस्तावेज निकले फर्जी (Fake Trekking Documents)
जांच के दौरान ट्रेकिंग अनुमति प्रक्रिया में भी गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। ट्रेकिंग से संबंधित ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज विवरण और अपलोड किए गए दस्तावेजों में बड़ा अंतर पाया गया है। पोर्टल पर जिस महिला का नाम बबिता पांडे, उम्र 30 वर्ष और निवासी नैनीताल दर्ज है, उसके साथ अपलोड किए गए आधार कार्ड में किसी अन्य महिला का नाम आराधना द्विवेदी पाया गया। इसी प्रकार एक अन्य ट्रेकर के नाम और पहचान संबंधी दस्तावेजों में भी विसंगतियां सामने आई हैं।
जांच में यह भी पाया गया कि पोर्टल पर प्रदर्शित जानकारी और अपलोड दस्तावेजों में मेल नहीं है। इतना ही नहीं, फिटनेस प्रमाणपत्र की वैधता और दस्तावेजों की सत्यता को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
टूरिज्म पोर्टल से सामने आई सच्चाई (Tourism Portal Investigation)
मामले ने ट्रेकिंग अनुमति प्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला पर्यटन विकास अधिकारी केके जोशी के अनुसार ट्रेकिंग अनुमति के लिए “एक्सप्लोर उत्तरकाशी” नामक सिंगल विंडो पोर्टल का उपयोग किया जाता है। आवेदक ऑनलाइन दस्तावेज अपलोड कर निर्धारित शुल्क जमा करते हैं, जिसके बाद अनुमति पत्र स्वतः जारी हो जाता है। प्रारंभिक जांच में यह बात भी सामने आई है कि ट्रेकिंग एजेंसी द्वारा वन विभाग को उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों और पोर्टल पर मौजूद विवरण में अंतर है। कुछ ट्रेकर्स के नाम बदलकर दर्ज किए जाने की आशंका भी जताई जा रही है।
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तलाश जारी (Search Operation Continues)
लापता महिला की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है। खोज दल गोई कैंप, दयारा बुग्याल और आसपास के जंगलों व पैदल मार्गों की गहन तलाशी ले रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि महिला की खोज और पूरे घटनाक्रम की जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी। फिलहाल यह मामला केवल एक लापता ट्रेकर तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि ट्रेकिंग सुरक्षा व्यवस्था, अनुमति प्रक्रिया और दस्तावेज सत्यापन प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। महिला का सुराग मिलने और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
