उत्तराखण्ड टिहरी गढ़वाल
उत्तराखंड भू कानून के समर्थन में उतरे वन मंत्री हरक रावत, कहा देर की तो खोखला हो सकता है राज्य
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सही दिशा में जा रहा है युवाओं द्वारा शसक्त भू-कानून (Uttarakhand Bhu Kanun) के लिए चलाया जा रहा जन-आंदोलन, अब वन मंत्री हरक सिंह रावत भी बोले उत्तराखंड के लिए बेहद जरूरी है भू कानून, कहीं ऐसा ना हो राज्य हो जाएं खोखला..
उत्तराखण्ड में युवाओं द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से चलाई जा रही हिमाचल प्रदेश की तरह सशक्त भू-कानून की मांग दिन-प्रतिदिन जोर पकड़ती जा रही है। यही कारण है कि अब राजनैतिक दलों के साथ ही हमारे जनप्रतिनिधि भी खुद को इस मुद्दे से ज्यादा दूर नहीं रख पा रहे हैं। युवाओं के इस जन-आंदोलन को जोर पकड़ता देख नेता भी अब इसके समर्थन में आने लगे हैं। कांग्रेस के कद्दावर नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के बाद अब राज्य के ऊर्जा एवं वन मंत्री हरक सिंह रावत ने भी युवाओं की इस मांग का समर्थन करते हुए राज्य में सशक्त भू-कानून लागू करने की वकालत की है। इस संबंध में उन्होंने खुद कहा कि उत्तराखंड के लिए एक सुसंगत भू-कानून बेहद जरूरी है। यदि इसे लागू करने में अब तनिक भी देर की गई तो हो सकता है भविष्य में राज्य खोखला ना हो जाए।
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प्राप्त जानकारी के राज्य के वन एवं ऊर्जा मंत्री हरक सिंह रावत शनिवार को भाजपा कार्यसमिति की बैठक में सम्मिलित होने के लिए टिहरी गढ़वाल पहुंचे थे। इस अवसर पर जब पत्रकारों द्वारा उनसे भू-कानून को लेकर सवाल पूछा गया तो न सिर्फ उन्होंने इसे लागू करने की वकालत की बल्कि लागू करने में देरी होने पर उत्पन्न होने वाली समस्याएं भी बताई। उन्होंने कहा कि बीते कुछ सालों में काफी परिवर्तन आ गया है जिसको देखते हुए हमें अपनी जमीनों को बचाने की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा कि भी मंत्री रहने के दौरान वह पहले भी उत्तराखंड में चकबंदी लागू करने की बात कर चुके हैं परन्तु किसी कारणवश उसे लागू नहीं करवा पाए। हरक ने कहा कि प्रदेश में उद्यान और कृषि में काम करने की अपार संभावनाएं हैं जिसके लिए जमीन बचाना बेहद जरूरी है। इसी कारण राज्य में भू-कानून लागू करने की मांग पर सरकार को विचार करना चाहिए।
