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उत्तराखंड: करंट की चपेट में आने से आईटीबीपी जवान की मौत, सैन्य सम्मान से हुई अंत्येष्टि
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Uttarakhand: आईटीबीपी (ITBP) के जवान के आकस्मिक निधन की खबर से परिवार में कोहराम, शोकाकुल परिजनों की आंखों से नहीं थम रहे आंसू, गमहीन माहौल में पूरे सैन्य सम्मान के साथ हुआ जवान का अंतिम संस्कार, सेवानिवृत्त सैनिक पिता ने दी चिता को मुखाग्नि…
राज्य (Uttarakhand) के देहरादून जिले से दुखद खबर सामने आ रही है जहां आईटीबीपी (ITBP) में तैनात राज्य के एक वीर सपूत का करंट लगने से आकस्मिक निधन हो गया। उनके आकस्मिक निधन की सूचना से जहां परिवार में कोहराम मच गया वहीं पूरे क्षेत्र में भी शोक की लहर दौड़ गई। बताया गया है कि जवान राज्य के ऊधमसिंह नगर जिले के रहने वाले थे। बीते रोज जैसे ही उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा तो शोकाकुल परिजनों का दुःख आंसूओं के रूप में बहने लगा। तिरंगे में लिपटे हुए जवान के पार्थिव शरीर को देखकर परिजन रोने-बिलखने लगे। शोकाकुल परिजनों को इस तरह रोते-बिलखते देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गई। परिजनों के अंतिम दर्शनों के बाद गमहीन माहौल में जवान का अंतिम संस्कार बनबसा स्थित शारदा तट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया। जहां उनके पिता ने बेटे की चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान उमड़े विशाल जनसमूह ने मां भारती के इस वीर सपूत को नम आंखों से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार मूल रूप से राज्य के ऊधमसिंह नगर जिले के खटीमा तहसील के बिचपुरी चकरपुर निवासी वीरेंद्र चंद उर्फ अनिल पुत्र रमेश चंद देउपा भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में कार्यरत थे। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग आईटीबीपी की 23वीं बटालियन में राज्य के देहरादून जिले में थी। बताया गया है कि बीते शुक्रवार को पीटी करते समय उन्हें अचानक करंट लग गया, जिससे वह बेसुध हो गए। जिस पर आईटीबीपी के अधिकारियों ने उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया जहां उपचार के दौरान वह जिंदगी और मौत की यह जंग हार गए। शनिवार को जैसे ही वीरेंद्र का पार्थिव शरीर उनके पैतृक आवास पर पहुंचा तो शोकाकुल परिजन शव से लिपटकर रोने बिलखने लगे। बता दें कि वीरेंद्र के पिता रमेश चंद भी पूर्व सैनिक हैं और उसका बड़ा भाई सुनील चंद भी सेना में है। वर्ष 2014 में आईटीबीपी में भर्ती होने वाले वीरेंद्र का विवाह वर्ष 2017 में बनबसा चूनाभट्टा निवासी नेहा से हुआ था।
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