Connect with us
Uttarakhand News: ramesh gaur who went missing 22 years ago from chaukhutiya almora reached the home

Home / अल्मोड़ा / उत्तराखंड : 22 साल पहले लापता हुआ बेटा पहुंचा पहाड़ तो खुशी से भर आई मां की आंखें

अल्मोड़ा उत्तराखण्ड

उत्तराखंड : 22 साल पहले लापता हुआ बेटा पहुंचा पहाड़ तो खुशी से भर आई मां की आंखें

1 min read

Chaukhutiya Almora News: 22 साल पहले मुंबई से घर वापसी के दौरान हुआ था लापता अब हुई घर वापस तो बेहद भावुक हुई मां

अल्मोड़ा जिले में एक मां और एक परिवार को 22 साल बाद बड़ी खुशी मिली है। यह खुशी उस लापता बेटे की है जिसको काफी खोजबीन के बाद घरवालों ने मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी।  जी हां हम बात कर रहे हैं राज्य के अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया क्षेत्र के तल्ला गेवाड़ के ग्राम पंचायत नौगांव की जहां 22 वर्ष पूर्व लापता युवक अपने गांव लौट आया। बता दें कि युवक को खोज कर घर तक पहुंचाने का कार्य मुंबई स्थित श्रद्धा नामक संस्था ने किया है। अपने बेटे को 22 साल बाद देखकर खुशी से मां की आंखें भर आई क्योंकि यह उनके बुढ़ापे का सबसे अनमोल रत्न था। वहीं युवक की घर वापसी से ग्रामीण तथा घर नाते रिश्तेदार भी बेहद खुश हैं।(Chaukhutiya Almora News)
यह भी पढ़िए: उत्तराखंड : प्रदीप मेहरा मिनर्वा अकादमी के लिए चयनित , सैन्य अफसर बनकर निकलेंगे बाहर

प्राप्त जानकारी के अनुसार चौखुटिया क्षेत्र के तल्ला गेवाड़ के ग्राम पंचायत नौगांव निवासी स्व. ख्यालीराम का बेटा रमेश गौड़ उर्फ राजू  22 साल पहले मुंबई से घर आते समय रास्ते से लापता हो गया था। राजू के बड़े भाई भुवन चंद्र गौड़ निवासी मुंबई ने कहा कि 20 साल पहले उनके भाई रमेश की मानसिक हालत ठीक नहीं थी काफी इलाज के बाद हालत में थोड़ा सुधार हुआ तो उन्होंने रमेश को किसी परिचित के साथ मुंबई से घर के लिए ट्रेन में बैठा दिया लेकिन रमेश रास्ते में ही बैग लेकर उतर गया। उस समय रमेश की उम्र 20 वर्ष थी काफी खोजबीन के बाद भी रमेश का कहीं पता नहीं लगा। भुवन चंद्र को रमेश के मुंबई की श्रद्धा संस्था में होने की जानकारी मिली तो उन्होंने संस्था से संपर्क किया जहां संस्था के द्वारा उन्हें बताया गया कि राजू उनकी संस्था से जुड़े लोगों को राजस्थान के भरतपुर में घूमता हुआ मिला था। संस्था से जुड़े हुए लोगों ने ही रमेश को श्रद्धा संस्था मुंबई तक पहुंचाया। बता दें कि रमेश अभी ज्यादा कुछ नहीं बोल पा रहा है। रमेश के लौटने के बाद परिजनों तथा गांव में खुशी का माहौल है।

Continue Reading

More in अल्मोड़ा

To Top