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Rishikesh Karnaprayag rail railway line track project

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उत्तराखण्ड: ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना में 750 करोड़ की लागत से जल्द बिछेगा रेलवे ट्रैक

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Rishikesh Karnprayag railway track project : ऋषिकेश- कर्णप्रयाग रेलवे लाइन पर 750 करोड़ की लागत से बिछेगा ट्रैक, जल्द कार्य होगा शुरू…….

Rishikesh Karnprayag railway track project : गौरतलब हो कि उत्तराखंड में ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक रेलवे परियोजना का कार्य तेजी से चल रहा है जिसका उद्देश्य ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक रेलवे संपर्क स्थापित करना है ताकि पहाड़ी क्षेत्रों में परिवहन को सुलभ बनाया जा सके। इस परियोजना के तहत रेलवे ट्रैक निर्माण, सुरंग निर्माण और पुलों का निर्माण किया जाना है। इसी बीच भारतीय रेलवे का उपक्रम इरकॉन इंटरनेशनल जल्द ही 750 करोड़ की लागत से रेलवे लाइन पर ट्रैक बिछाने का कार्य शुरू करेगा।

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Rishikesh – Karnaprayag Railway Project बता दें ऋषिकेश – कर्णप्रयाग रेलवे लाइन परियोजना के कार्य ने तेज गति पकड़ी है जिसके चलते 125 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन पर 16 सुरंग होने के बावजूद इनके खुदान का करीब 75 फ़ीसदी से अधिक कार्य पूरा हो चुका है जिसके कारण वर्ष 2025 के अंत तक सभी सुरंगों का खुदान पूर्ण होने का लक्ष्य रखा गया है। दरअसल 125 किलोमीटर दूरी वाली इस रेलवे लाइन का 105 मीटर हिस्सा सुरंगों से होकर गुजरेगा जिसमें शेष 20 किलोमीटर में पुल और रेलवे स्टेशन होंगे। इसके लिए 750 करोड़ की लागत से ट्रैक बिछाने का कार्य शुरू हो चुका है। जिसके लिए रेलवे विकास निगम ने टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर ली है और अधिकारियों का कहना है कि 2026 के अंत तक ट्रैक बिछाने का कार्य कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

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ये रहेंगे 13 स्टेशन जिसमें 16 सुरेंगे भी है शामिल
ऋषिकेश – कर्णप्रयाग रेलवे लाइन पर कुल 13 स्टेशन रखे गए है। जिनमें योगनगरी ऋषिकेश समेत शिवपुरी, ब्यासी, देवप्रयाग, जनासू, मलेथा, श्रीनगर, धारीदेवी, तिलनी, घोलतीर, गौचर व सिंवई (कर्णप्रयाग) स्टेशन शामिल हैं। स्टेशन निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया आगामी अगस्त तक पूरी होने की संभावना है। वहीं इस रेलवे लाइन का 84 फीसदी हिस्सा सुरंग के अंदर से गुजरेगा जिसके लिए रेल लाइन पर 16 मुख्य और 12 सहायक सुरंगे बनाई जा रही हैं जो सहायक सुरंगे हाईवे से जोड़ी जा रही हैं ताकि आपातकाल में निकास का कार्य हो सके। पूरी लाइन पर 16 पुल शामिल हैं जिनमें चंद्रभागा, लक्ष्मोली व श्रीनगर में पुल निर्माण का कार्य पूर्ण हो चुका है। शेष 13 पुलों का निर्माण कार्य भी 70 फीसदी से अधिक पूर्ण हो चुका है।

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