Connect with us
Bhavya Dhyani flying Officer
फोटो सोशल मीडिया

Home / उत्तराखण्ड / बधाई: कोटद्वार के भव्य ध्यानी बने भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बढ़ाया परिजनों का मान…

उत्तराखण्ड पौड़ी गढ़वाल

बधाई: कोटद्वार के भव्य ध्यानी बने भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बढ़ाया परिजनों का मान…

1 min read

Bhavya Dhyani flying Officer: 3 बार असफल होने के बावजूद भव्य ने नहीं मानी हार, अपने चौथे प्रयास में बने फ्लाइंग आफिसर….

Bhavya Dhyani flying Officer: उत्तराखंड के युवा हमेशा से भारतीय सेना में जाने के लिए लालायित रहते हैं। यहां के युवा अपनी मेहनत एवं लग्न के बल पर भारतीय सेना में उच्च पदों पर तैनात होकर उत्तराखंड का नाम रोशन कर रहे हैं। आज हम आपको उत्तराखंड के एक और ऐसे होना हर बेटे के रूबरू कराने जा रहे हैं जिन्होंने अपने परिवार तथा क्षेत्र का नाम रोशन किया है जी हां हम बात कर रहे हैं पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार क्षेत्र के भव्य ब्रविम ध्यानी की। जो भारतीय सेना में फ्लाइंग ऑफिसर बन गए हैं। बता दें कि भव्य ब्रविम ध्यानी ने यह सफलता अपने चौथे प्रयास में हासिल की है। भव्य की इस सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है वहीं घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। बताते चलें कि भव्य ब्रविम ध्यानी मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल जिले के ग्राम भौन, विकास खंड नैनीडांडा, तहसील धुमाकोट के निवासी हैं तथा वर्तमान में उनका परिवार कोटद्वार पदमपुर सुखरौ में रहता है।

यह भी पढ़िए :बधाई: चम्पावत के अरविंद बने फ्लाइंग ऑफिसर बहन मनीषा के बाद अब भाई ने भी पहनी सैन्य वर्दी

Kotdwar news today: भव्य ब्रविम का सपना बचपन से ही सेना में अफसर बनने का था इसलिए तीन बार असफल होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और अपने चौथे प्रयास में डिफेंस ऑफिसर बन गए।भव्य की 12वीं तक की शिक्षा सेंट जोसफ कॉन्वेंट स्कूल कोटद्वार से पूर्ण हुई है। इसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उनका चयन भारतीय सेवा में फ्लाइंग ऑफिसर के पद पर हो गया बीते 15 जून को भव्य ध्यानी ने भारतीय वायुसेना अकादमी हैदराबाद से प्रशिक्षण प्राप्त कर पासिंग आउट परेड में शामिल होकर भारतीय सेना में फ्लाइंग अफसर बन गए। भव्य की पासिंग आउट परेड में उनके माता पिता के साथ बड़ी बहन डा. क्षितिजा मोहन ध्यानी भी शामिल हुई।भव्य ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी माता बबीता ध्यानी-पिता शिक्षक राकेश मोहन ध्यानी तथा अपने शिक्षकों को दिया है।

खबरों के लिए देवभूमि दर्शन के WHATSAPP GROUP से जुडिए।

👉👉TWITTER पर जुडिए।

Continue Reading

More in उत्तराखण्ड

To Top