उत्तराखण्ड Uttarakhand Police
अपराधियों को पकड़ने के लिए उत्तराखण्ड पुलिस तैयार करेगी कमांडो, दी जाएगी विशेष ट्रेनिंग
1 min read
Uttarakhand police: उत्तराखंड पुलिस के जवानों को दी जाएगी विशेष ट्रेनिंग, पीएसी की तरह पुलिस में भी तैयार किए जाएंगे कमांडो..
उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस कर्मियों के साथ हुई घटना से हर कोई स्तब्ध है। कुख्यात अपराधी विकास दुबे को पकड़ने गए पुलिस के आठ जवानों की शहादत से न केवल आम जनता दुखी हैं बल्कि देश के विभिन्न राज्यों की पुलिस भी हैरान हैं। इस घटना से सबक लेते हुए उत्तराखण्ड पुलिस (Uttarakhand police) ऐसे आरोपियों को पकड़ने के लिए अब अपने पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षित करने जा रही है। बताया गया है कि इसके लिए पुलिस कर्मियों को कमांडो स्तर की ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि कानपुर जैसी कोई घटना भविष्य में देवभूमि उत्तराखंड में ना घटित हो पाए। इसी सम्बंध में उत्तराखंड पुलिस के महानिदेशक अनिल के रतूड़ी ने आईजी ट्रेनिंग को निर्देशित करते हुए कहा है कि कुख्यात अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस विभाग में कमांडो तैयार किए जाएं। इसके लिए थाना स्तर से पुलिस कर्मियों का चयन कर उन्हें जल्द से जल्द कमांडो ट्रेनिंग से प्रशिक्षित किया जाए।
यह भी पढ़ें- उत्तराखण्ड : युवकों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मी से की हाथापाई और फाड़ दी वर्दी
हर थाने से दो या तीन जवानों को दिया जाएगा प्रशिक्षण, डीजीपी ने जल्द ट्रैनिंग शुरू करवाने के दिए आदेश:-
प्राप्त जानकारी के अनुसार कुख्यात अपराधियों को पकड़ने के लिए अब उत्तराखण्ड पुलिस अपने कुछ जवानों को कमांडो स्तर की ट्रेनिंग देने जा रही है। उत्तराखंड पुलिस ने यह ऐलान कानपुर में हुई उस दुखद घटना के बाद किया है जिसमें आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए थे। बीते शनिवार को उत्तराखंड पुलिस (Uttarakhand police) के डीजीपी अनिल के रतूड़ी ने पुलिस के आला अधिकारियों की विडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से बैठक ली। बैठक में उन्होंने कानपुर प्रकरण का जिक्र करते हुए उन्होंने सभी जिलों के एसएसपी और एसपी से अपराधियों को पकड़ने के लिए दी जाने वाली दबिश में विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने पीएसी में होने वाली कमांडो स्तर की ट्रेनिंग को उत्तराखंड पुलिस के कुछ जवानों को भी देने का आदेश दिया। इतना ही नहीं बैठक में पुलिस महानिदेशक ने यह भी कहा कि हर थाने में दो या तीन पुलिसकर्मियों को चयनित कर कमांडो प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि दबिश के दौरान अप्रत्याशित घटना होने पर वह न सिर्फ बदमाशों का मुकाबला कर सके, बल्कि अपने साथी जवानों के प्राणो की रक्षा भी कर सकें।
