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Uttarakhand Ramnagar Captain Ajay Pant Arrested in UK Over Russian Oil Sanctions Case, Family Seeks Justice
Image : social media ( Russian Oil Sanctions)

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Uttarakhand news: ब्रिटेन में उत्तराखंड के जहाज कप्तान अजय पंत गिरफ्तार, लंबी सजा का खतरा

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Uttarakhand Ramnagar Captain Ajay Pant Arrested in UK Over Russian Oil Sanctions Case, Family Seeks Justice: ब्रिटेन में फंसे उत्तराखंड के कप्तान अजय पंत, रूसी तेल विवाद में गिरफ्तारी के बाद परिवार ने लगाई न्याय की गुहार

Uttarakhand Ramnagar Captain Ajay Pant Arrested in UK Over Russian Oil Sanctions Case, Family Seeks Justice:  उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर निवासी और अंतरराष्ट्रीय मालवाहक जहाज के कप्तान अजय पंत इन दिनों एक बड़े अंतरराष्ट्रीय कानूनी विवाद के केंद्र में हैं। ब्रिटेन की नेशनल क्राइम एजेंसी (NCA) ने उन पर रूस के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंधों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। गिरफ्तारी के बाद उनका परिवार भारत सरकार से मदद और कानूनी सहयोग की मांग कर रहा है। इस मामले ने उत्तराखंड से लेकर केंद्र सरकार तक का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

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इंग्लिश चैनल में रोका गया तेल टैंकर (Oil Tanker Interception)

जानकारी के अनुसार 38 वर्षीय अजय पंत एमवी स्मिर्टोस (MV Smyrtos) नामक तेल टैंकर के कप्तान थे। यह जहाज 4 जून को रूस के उस्त-लूगा टर्मिनल से करीब 1,01,400 टन उराल क्रूड ऑयल लेकर भारत के गुजरात स्थित सिक्का बंदरगाह की ओर रवाना हुआ था।

14 जून को जब जहाज इंग्लिश चैनल से गुजर रहा था, तब ब्रिटिश सुरक्षा एजेंसियों ने विशेष अभियान चलाकर उसे रोक लिया। बताया गया कि रॉयल मरीन कमांडो हेलीकॉप्टर के जरिए जहाज पर उतरे और पूरे टैंकर को अपने नियंत्रण में ले लिया।

रूस प्रतिबंध उल्लंघन का आरोप (Russia Sanctions Case)

ब्रिटेन की नेशनल क्राइम एजेंसी का दावा है कि यह जहाज रूस की तथाकथित “शैडो फ्लीट” का हिस्सा था। पश्चिमी देशों के अनुसार इस नेटवर्क का इस्तेमाल रूस पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों को दरकिनार कर तेल परिवहन के लिए किया जाता है।

एजेंसी ने कप्तान अजय पंत पर रूस (Sanctions) Regulations 2019 के नियम 46Z9B के उल्लंघन का आरोप लगाया है। जांच एजेंसी का कहना है कि प्रतिबंधित रूसी तेल या उससे जुड़े उत्पादों की प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष आपूर्ति में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।

कोर्ट में पेशी के बाद न्यायिक हिरासत (Court Proceedings)

गिरफ्तारी के बाद अजय पंत को साउथेम्प्टन मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई को बोर्नमाउथ क्राउन कोर्ट में होगी।

ब्रिटिश कानून के अनुसार यदि आरोप साबित हो जाते हैं तो उन्हें अधिकतम 10 वर्ष तक की सजा का सामना करना पड़ सकता है।

पत्नी ऋतु पंत ने बताई परिवार की पीड़ा (Family Appeal)

कप्तान अजय पंत की पत्नी ऋतु पंत ने अपने पति का बचाव करते हुए कहा कि वे पिछले लगभग 15 वर्षों से समुद्री क्षेत्र में कार्यरत हैं और उनका सेवा रिकॉर्ड पूरी तरह साफ रहा है। उनके अनुसार अजय केवल कंपनी के निर्देशों का पालन कर रहे थे और किसी प्रतिबंध उल्लंघन से उनका व्यक्तिगत संबंध नहीं है।

ऋतु पंत ने बताया कि गिरफ्तारी की जानकारी परिवार को सबसे पहले सोशल मीडिया और ब्रिटिश मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से मिली थी।

सोशल मीडिया पोस्ट में छलका दर्द (Emotional Statement)

ऋतु पंत ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश में कहा कि वह अकेले इस पूरे मामले को संभाल रही हैं। उन्होंने बताया कि अजय के पिता वृद्ध हो चुके हैं और सक्रिय रूप से मामले को आगे बढ़ाने की स्थिति में नहीं हैं।

उन्होंने लिखा कि यह केवल उनके परिवार की लड़ाई नहीं है, बल्कि हिरासत में लिए गए हर नाविक के पीछे एक ऐसा परिवार है जो चुपचाप पीड़ा झेल रहा है। कहीं बच्चे अपने पिता का इंतजार कर रहे हैं तो कहीं माता-पिता अपने बेटे की सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं।

उन्होंने सरकार और संबंधित अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और भेदभाव रहित समीक्षा करने की मांग करते हुए जल्द हस्तक्षेप की अपील की है।

उत्तराखंड सरकार भी हुई सक्रिय (Government Intervention)

मामले के सामने आने के बाद उत्तराखंड सरकार ने भी पहल शुरू कर दी है। राज्य के गृह सचिव शैलेश बगोली ने बताया कि विदेश मंत्रालय को पत्र भेजकर आवश्यक सहयोग मांगा गया है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली स्थित उत्तराखंड के क्षेत्रीय आयुक्त लगातार केंद्रीय अधिकारियों के संपर्क में हैं। साथ ही ब्रिटेन में भारतीय उच्चायोग को अजय पंत से कॉन्सुलर एक्सेस भी प्रदान कर दिया गया है, जिससे उन्हें आवश्यक राजनयिक सहायता मिल सके।

जहाज पर अभी भी मौजूद हैं चालक दल के सदस्य (Crew Members Update)

फिलहाल एमवी स्मिर्टोस टैंकर ब्रिटेन के वेमाउथ तट के निकट निगरानी में खड़ा है। जहाज पर मौजूद 24 चालक दल के सदस्य, जिनमें भारतीय और जॉर्जियाई नागरिक शामिल हैं, अभी भी जहाज पर मौजूद हैं और जांच एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहे हैं।

रामनगर पहुंची मीडिया टीम (Ramnagar Residence Visit)

मामले की जानकारी जुटाने के लिए मीडिया टीम अजय पंत के रामनगर स्थित आवास पर भी पहुंची। हालांकि उस समय उनके माता-पिता घर पर नहीं मिले। घर पर मौजूद लोगों ने बताया कि परिवार के सदस्य किसी जरूरी कार्य से बाहर गए हुए थे।

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एसडीएम ने क्या कहा? (Official Statement)

रामनगर के उपजिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रशासन को इस प्रकरण की जानकारी है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में एक एजेंसी द्वारा संपर्क भी किया गया था। उनके अनुसार यह मामला मुख्य रूप से एम्बेसी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाली प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है।

पूरे देश की नजरें इस मामले पर (International Legal Dispute)

रूसी तेल परिवहन, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और ब्रिटिश कार्रवाई से जुड़े इस संवेदनशील मामले पर अब पूरे देश और उत्तराखंड की नजरें टिकी हुई हैं। परिवार को उम्मीद है कि भारत सरकार के हस्तक्षेप और कानूनी सहायता से कप्तान अजय पंत को न्याय मिलेगा और वे जल्द सुरक्षित अपने घर रामनगर लौट सकेंगे।

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