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उत्तराखण्ड टिहरी गढ़वाल

उत्तराखण्ड :बैरियर से किया सील, पहाड़ में प्रवासियों को तभी मिलेगी एंट्री जब करेंगे क्वारंटीन

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 अभी तक अन्य राज्यों से 45000 से ज्यादा लोग कर चुके है घर वापसी  , क्या उस अनुपात मैं है क्वारंटीन (Quarantine)??

सरकार लॉकडाउन के चलते देश के विभिन्न राज्यों से उत्तराखण्ड प्रवासियों को घर तो भेज रही है लेकिन इसके साथ ही अब समस्या आती है।क्वारंटीन की जैसे की अभी तक प्रदेश में अन्य राज्यों से 45000 से ज्यादा लोग घर वापसी कर चुके है जिसके लिए राज्य सरकार दवारा सीधे ग्राम प्रधान वो तहसीलों को निर्देश जारी किए है । जिसके अंतर्गत 14 दिनों के क्वारंटाइन नियमो का पालन करना ही होगा। इसके तहत प्रवासियों को नजदीकी सस्थान, विद्यालय और अन्य भवनों में क्वारंटाइन (Quarantine)  किया जा रहा है। इसी बीच एक खबर टिहरी गढ़वाल से है जहाँ नई टिहरी के सेमा गांव में बाहर से आ रहे लोगों को क्वारंटीन करने को ग्राम प्रधान व अन्य सदस्य पहरा दे रहे है। इतना ही नहीं कई ग्राम पंचायतों ने तो गांव की सीमा में बैरियर लगाकर सील कर दिया है और बाहर से आ रहे लोगों को पंचायत घरों , स्कूल, इत्यादि जगहों में क्वारंटीन कर रहे हैं। क्वारंटाइन सेंटर में सभी व्यवस्थाओं का पालन कराने के लिए सभी जिलाधिकारयो को भी आदेश दिए गए है।




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जिस अनुपात में आ रहे है प्रवासी उस हिसाब से होम क्वारंटीन Quarantine) होने वालों का औसत कम

बाहरी राज्यों से बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तराखंड लौट रहे हैं।  बता दे की केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार कोरोना प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले लोगों में यदि कोई संदिग्ध लक्षण नहीं दिखाई देता है, उसके बाद भी सुरक्षा की दृष्टि से 14 दिन होम क्वारंटीन में रहना ही है। लेकिन जिस प्रकार के आंकड़े अभी तक मिले है इनमें से होम क्वारंटीन (Quarantine) होने वाले लोगों की संख्या कम है। बताते चले की अभी तक प्रदेश में लगभग 14 हजार लोग  क्वारंटाइन किए गए है जो अन्य राज्यों से आए है, ऐसे में अब ग्राम प्रधानों ने भी शख्त रुख दिखाना सुरु कर दिया है की “घर वापसी तो पहले गुजरना होगा क्वारंटाइन पीरियड से”। गांव के प्रधान का ये भी कहना है कुछ लोग क्वारंटीन से भाग रहे है जिसके चलते उन्हें ये मोर्चा संभालना पड़ रहा है।



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