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Uttarakhand VBG Ram G Yojana: Workers to Get 15 to 25% Higher Wages instead of Manrega

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UTTARAKHAND NEWS देवभूमि दर्शन

Uttarakhand news: उत्तराखंड में VBG RAM G योजना लागू, मजदूरों को मिलेगा ज्यादा भुगतान

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Uttarakhand VBG RAM G Yojana Uttarakhand News:उत्तराखंड में लागू हुई वीबी-जी राम-जी योजना, ग्रामीण मजदूरों की मजदूरी में 15 से 25% तक बढ़ोतरी

|Uttarakhand VBG RAM G Yojana| Uttarakhand News| Employment Scheme News| उत्तराखंड समेत पूरे देश में 1 जुलाई से विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी योजना (वीबी-जी राम-जी) लागू हो गई है। नई व्यवस्था लागू होने के साथ ही केंद्र सरकार ने ग्रामीण मजदूरों के लिए संशोधित मजदूरी दरें भी जारी कर दी हैं। इस बदलाव से उत्तराखंड के लाखों श्रमिकों को सीधा लाभ मिलेगा। प्रदेश में मनरेगा से जुड़े करीब 7.58 लाख श्रमिक इस योजना के दायरे में हैं, जिनमें से लगभग 92 प्रतिशत श्रमिकों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है।

क्या अब मनरेगा बंद हो गया है?(MANREGA)

क्या अब मनरेगा बंद हो गया है? क्या गांवों में मजदूरों को पहले से ज्यादा काम और ज्यादा फायदा मिलेगा? केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार को लेकर एक बड़ा बदलाव किया है, जिसके तहत अब महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना यानी मनरेगा की जगह नया कानून लागू होने जा रहा है। इसका नाम है — विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण अधिनियम 2025, यानी VB-G RAM – G यह नया कानून 1 जुलाई 2026 से लागू हो गया है और इसके साथ ही 2005 से चल रही मनरेगा योजना खत्म हो गई है। सबसे बड़ी बात यह है कि अब गांव के परिवारों को 100 दिन नहीं बल्कि 125 दिन रोजगार की गारंटी मिलेगी।

यानी मजदूरों को पहले से ज्यादा काम और कमाई का मौका मिलेगा। सरकार ने साफ किया है कि मौजूदा मनरेगा जॉब कार्ड तब तक चलते रहेंगे, जब तक नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी नहीं हो जाते, लेकिन इसके लिए ई-केवाईसी जरूरी होगी। नए कानून के तहत अगर किसी ग्रामीण परिवार ने काम मांगा तो 15 दिनों के भीतर रोजगार देना अनिवार्य होगा, और मजदूरी सीधे बैंक या डाकघर खाते में भेजी जाएगी। मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक या ज्यादा से ज्यादा दो हफ्ते के भीतर करना होगा।

अगर भुगतान में 15 दिन से ज्यादा देरी हुई तो मजदूरों को मुआवजा मिलेगा, वहीं समय पर काम नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता भी दिया जाएगा। पहले 30 दिनों तक तय मजदूरी का कम से कम एक चौथाई और बाद में आधा भत्ता मिलेगा। अच्छी बात यह है कि 1 जुलाई तक चल रहे सभी मनरेगा के काम बंद नहीं होंगे, बल्कि उन्हें नए सिस्टम के तहत पूरा कराया जाएगा ताकि अधूरे काम न छूटें।

 

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पूरे देश में लागू हुई नई रोजगार योजना (VBG Ram G Scheme)

वीबी-जी राम-जी योजना अब देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रभावी हो गई है। इस योजना के तहत यह तय किया गया है कि किसी भी राज्य में ग्रामीण मजदूरों को 300 रुपये प्रतिदिन से कम मजदूरी नहीं मिलेगी। इससे उन राज्यों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, जहां अब तक मजदूरी की दर 300 रुपये से कम थी।

उत्तराखंड के मजदूरों को मिलेगा बड़ा फायदा (Uttarakhand Labour Wage Hike)

नई योजना लागू होने के बाद उत्तराखंड के ग्रामीण श्रमिकों की दैनिक मजदूरी में 15 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। इससे राज्य के हजारों परिवारों की आय में इजाफा होने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि बढ़ी हुई मजदूरी ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका को मजबूत करने में मदद करेगी।

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300 रुपये से कम नहीं होगी दैनिक मजदूरी (Minimum Daily Wage)

केंद्र सरकार की नई अधिसूचना के अनुसार अब देशभर में ग्रामीण मजदूरों के लिए 300 रुपये प्रतिदिन की न्यूनतम मजदूरी तय कर दी गई है। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर औसत दैनिक मजदूरी करीब 299 रुपये से बढ़कर 327 रुपये से अधिक हो जाएगी। यह पहली बार है जब पूरे देश के लिए न्यूनतम आधार मजदूरी 300 रुपये निर्धारित की गई है।

उत्तराखंड में पहले कितनी थी मजदूरी? (Uttarakhand MGNREGA Wage)

नई योजना लागू होने से पहले उत्तराखंड में मनरेगा के तहत मजदूरों को 252 रुपये प्रतिदिन मजदूरी मिलती थी। अब वीबी-जी राम-जी योजना लागू होने के बाद प्रदेश में दैनिक मजदूरी 300 रुपये से अधिक हो गई है। इससे राज्य के श्रमिकों को पहले के मुकाबले अधिक आर्थिक लाभ मिलेगा।

ई-केवाईसी भी लगभग पूरी (MGNREGA eKYC Uttarakhand)

सरकार के अनुसार उत्तराखंड में मनरेगा से जुड़े करीब 7.58 लाख श्रमिकों में से 92 फीसदी श्रमिकों की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इससे नई योजना का लाभ पात्र मजदूरों तक बिना किसी बाधा के पहुंचाने में आसानी होगी। सरकार का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ मजदूरी का भुगतान समय पर सुनिश्चित करना है।

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