उत्तराखण्ड देहरादून
उत्तराखंड: सियाचिन में शहीद हवलदार जगेंद्र सिंह चौहान का पार्थिव शरीर पहुंचा घर
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Saheed Jagendra Chauhan: शहीद जगेन्द्र ने निभाया परिजनों से किया वादा, लेकिन तिरंगे में लिपटकर 25 फरवरी को ही पहुंचे घर..
मां भारती की रक्षा करते हुए सियाचिन ग्लेशियर में प्रैट्रोलिंग के दौरान अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद हवलदार जगेंद्र सिंह चौहान का पार्थिव शरीर आज सुबह उनके पैतृक आवास पर पहुंच गया है। बता दें कि हादसे से काफी समय पहले ही परिजनों से 25 फरवरी को घर आने का वादा कर चुके जगेंद्र के तिरंगे में लिपटे हुए पार्थिव शरीर को लेकर जैसे ही सेना के अधिकारी उनके आवास पर पहुंचे तो परिजनों के रूदन-क्रद्धन की शोकाकुल ध्वनि से सारा माहौल गमगीन हो गया। शहीद की पत्नी समेत अन्य परिजनों की आंखों से बहती अश्रुओं की धारा देखकर, सांत्वना देने घर पहुंचे आस-पड़ोस के लोगों की आंखें भी खुद-ब-खुद नम हो गई। बताया गया है कि परिवार के अंतिम तिथि रिवाजों के पश्चात शहीद जगेंद्र का अंतिम संस्कार हरिद्वार में पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा।
(Saheed Jagendra Chauhan)
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गौरतलब है कि मूल रूप से राज्य के टिहरी गढ़वाल जिले के थत्यूड़ ब्लॉक के भनस्वाड़ी निवासी तथा वर्तमान में देहरादून जिले के डोईवाला के कान्हरवाला, भानियावाला निवासी जगेंद्र सिंह चौहान पुत्र सेवानिवृत सूबेदार मेजर राजेंद्र सिंह चौहान भारतीय सेना की 325 लाइट ए डी बटालियन तैनात थे। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग सियाचिन ग्लेशियर में थी। जहां बीते 20 फरवरी को ड्यूटी के दौरान सियाचिन ग्लेशियर में लैंड स्लाइडिंग होने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे, तथा बीते अगले दिन उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड दिया था।
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