उत्तराखण्ड पिथौरागढ़
Pithoragarh jaundice Water Pollution: पिथौरागढ़ में पीलिया से 16 वर्षीय छात्रा की हुई मौत पूरे क्षेत्र में तेजी से फैला प्रकोप
1 min read
Pithoragarh jaundice Water Pollution: लगातार बढ़ती जा रही है पीलिया ग्रस्त रोगियों की संख्या, वर्तमान में 31 मरीज जिला अस्पताल में भर्ती, बीते तीन माह में छात्रा सहित तीन लोगों की हो चुकी है मौत….
मौसम में लगातार हो रहे बदलाव से जहां इन दिनों समूचे प्रदेश में वायरल फीवर, खांसी, सर्दी का प्रकोप फैला हुआ है वहीं सीमांत जिले पिथौरागढ़ में इसके साथ ही लोग पीलिया से भी ग्रसित हो रहे हैं। इसी संबंध में अब एक दुखद खबर सामने आ रही है बताया गया है कि जिले की रहने वाली एक 16 वर्षीय छात्रा की पीलिया से मौत हो गई है। हालांकि यह पिथौरागढ़ जिले में पीलिया से होने वाली पहली मौत नहीं है। इससे पहले बीते तीन महीने के भीतर ही दो और लोग भी पीलिया से ग्रसित होकर मौत के मुंह में समा चुके हैं।
(Pithoragarh jaundice Water Pollution)
यह भी पढ़ें- अल्मोड़ा: मां की बरसी में घर आया था फौजी युवक लेकिन खुद की चली गई जिंदगी क्षेत्र में शोक की लहर
प्राप्त जानकारी के अनुसार मूल रूप से राज्य के पिथौरागढ़ जिले के कुमौड़ क्षेत्र की रहने वाली 16 वर्षीय सारिका महर, बीते कई दिनों से पीलिया से पीड़ित थी। परिजनों ने पहले तो घर में रहकर ही उसका उपचार किया, डाक्टर को दिखाकर दवाई आदि खिलाई परंतु उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही थी, जिस पर बीते दिनों परिजनों ने उसको जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। हालांकि इसके बावजूद भी उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ, जिस पर चिकित्सकों ने उसे हल्द्वानी रेफर कर दिया।
जहां भी उसकी सेहत में कोई सुधार ना होता देखकर परिजनों द्वारा उसे राममूर्ति अस्पताल भोजीपुरा ले जाया गया जहां उपचार के दौरान सारिका ने दम तोड दिया। इस खबर से जहां मृतका के परिवार में कोहराम मचा हुआ है वहीं समूचे क्षेत्र में भी हड़कंप मचा हुआ है। बताया गया है कि मृतका महर्षि विद्या मंदिर की 11 की छात्रा थी। सारिका के निधन पर विद्यालय में शोकसभा कर उसकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। विद्यालय के प्रधानाचार्य, अध्यापकों एवं छात्रों ने भी इस घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।
मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जहां एक ओर शहर में लगातार बढ़ रहे पीलिया ग्रस्त मरीजों की संख्या से लोगों में भय का माहौल है वहीं शासन प्रशासन ने भी आम जनमानस से सावधानी बरतने की अपील करते हुए पीलिया से बचाव हेतु अपनाएं जाने वाले आवश्यक कदमों की सूची को प्रचारित प्रसारित करने का काम शुरू कर दिया है। इस संबंध में चिकित्सकों का कहना है कि वर्तमान में जिला अस्पताल में पीलिया रोग से ग्रस्त 31 मरीज भर्ती हुए हैं, जिनमें अधिकतर पांच से 30 वर्ष के है। बकौल डाक्टर बुर्जुगों में पीलिया की शिकायत अपेक्षाकृत काफी कम देखने को मिल रही है। उधर दूसरी ओर आम जनमानस द्वारा शहर में बढ़ते पीलिया का कारण प्रदूषित जल बताया गया है। चिकित्सकों ने भी इस बात से इंकार ना करते हुए आम जनता को पानी उबालकर पीने की सलाह दी है।

उत्तराखंड की सभी ताजा खबरों के लिए देवभूमि दर्शन के WHATSAPP GROUP से जुडिए।
उत्तराखंड की सभी ताजा खबरों के लिए देवभूमि दर्शन के TELEGRAM GROUP से जुडिए।
👉👉TWITTER पर जुडिए।
