उत्तराखण्ड पौड़ी गढ़वाल
गौरवान्वित पल: सेना में तैनात उत्तराखण्ड की दो सगी बहनों को मिला फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार
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national Florence Nightingale Award: मूल रूप से राज्य के पौड़ी गढ़वाल जिले के डुंडेख गांव की रहने वाली है अमिता एवं स्मिता, नर्सिंग के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं निस्वार्थ समर्पण के लिए मिला पुरस्कार…
बीते रोज राष्ट्रपति द्रोपदी मूर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह के दौरान नर्सिंग के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं निस्वार्थ समर्पण के लिए राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार 2022 एवं 2023 प्रदान किए। देश के विभिन्न राज्यों की 30 नर्सों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जिनमें उत्तराखण्ड की दो सगी बहनें भी शामिल हैं। जी हां.. मूल रूप से उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र के द्वारीखाल ब्लाक के डुंडेख गांव की रहने वाली एवं सैन्य नर्सिंग सेवा (एमएनएस) की अपर महानिदेशक (एडीजी) मेजर जनरल स्मिता देवरानी और दक्षिणी कमान मुख्यालय ब्रिगेडियर एमएनएस अमिता देवरानी को भी बीते रोज राष्ट्रपति ने इस सम्मान से नवाजा गया।
(national Florence Nightingale Award)
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बता दें कि मेजर जनरल स्मिता देवरानी को जहां यह पुरस्कार वर्ष 2022 के लिए प्रदान किया गया वहीं बिग्रेडियर अमिता देवरानी को वर्ष 2023 का राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार से नवाजा गया। बताते चलें कि वर्तमान में नई दिल्ली में सैन्य नर्सिंग सेवा के अपर महानिदेशक पद पर कार्यरत मेजर जनरल स्मिता ने वर्ष 1983 में सेना में कमीशन हासिल किया था। जबकि उनकी छोटी बहन अमिता, जो कि वर्तमान में दक्षिणी कमान मुख्यालय में बिग्रेडियर के पद पर पुणे में कार्यरत हैं, ने वर्ष 1986 में सेना की वर्दी हासिल की थी।
(national Florence Nightingale Award)
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