UPSC CIVIL SERVICES EXAM RESULT बागेश्वर
बागेश्वर के रोमित भट्ट ने बिना किसी कोचिंग के UPSC में हासिल की 390वीं रैंक पिता है फार्मेसिस्ट
1 min read
Romit Bhatt UPSC exam result: रोमित ने दो बार असफल होने के बावजूद नहीं मानी हार, कड़ी मेहनत से तीसरे प्रयास में हासिल किया मुकाम…
Romit Bhatt UPSC exam result
राज्य के होनहार युवा आज किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। बीते दिनों घोषित हुए सिविल सेवा परीक्षा 2023 के परीक्षा परिणामों में भी राज्य के अनेक होनहार युवाओं ने सफलता अर्जित की है। अपनी काबिलियत के दम पर सफलता का डंका बजाने वाले वाले राज्य के इन होनहार युवाओं से हम आपको लगातार रूबरू करा रहे हैं। इसी कड़ी में आज हम आपको राज्य के एक और ऐसे ही होनहार युवा से रूबरू कराने जा रहे हैं जिन्होंने बिना किसी कोचिंग संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2023 उत्तीर्ण कर ली है। जी हां… हम बात कर रहे हैं मूल रूप से राज्य के बागेश्वर जिले के रहने वाले रोमित भट्ट की, जिन्होंने दो बार असफलता का स्वाद चखने के बावजूद हार न मानकर सिविल सेवा परीक्षा के परिणामों में ऑल इंडिया 390वीं रैंक हासिल की है। रोमित की इस अभूतपूर्व उपलब्धि से जहां उनके परिवार में हर्षोल्लास का माहौल है वहीं उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
यह भी पढ़ें- बधाई: चमोली के रघुनाथ सिंह ने उत्तीर्ण की UPSC परीक्षा, गांव के सरकारी स्कूल से की है पढ़ाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार मूल रूप से राज्य के बागेश्वर जिले के गरुड़ बैजनाथ क्षेत्र के ग्राम गरसेर निवासी रोमित भट्ट का परिवार वर्षों से राज्य के चम्पावत जिले के टनकपुर में रहता है। उनके पिता महेश भट्ट बतौर फार्मेसी अधिकारी, उप जिला अस्पताल टनकपुर में कार्यरत हैं जबकि उनकी मां प्रतिमा देवी एक कुशल गृहणी हैं। बता दें कि रोमित ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा एबीसी अल्मामेटर पब्लिक स्कूल चम्पावत से प्राप्त करने के उपरांत सेंट फ्रांसिस स्कूल से हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की। तदोपरांत वह उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली चले गए और गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज नई दिल्ली से स्नातक एवं इग्नू से परास्नातक की डिग्री हासिल की। जिसके साथ ही वह सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी भी करते रहे। इससे पूर्व उन्होंने दो बार सिविल सेवा की परीक्षा दी परंतु दोनों ही प्रयासों में उन्होंने साक्षात्कार परीक्षा में असफलता का सामना करना पड़ा। बावजूद इसके उन्होंने हार नहीं मानी और अपने दृढ़ निश्चय से तीसरे प्रयास में बिना किसी कोचिंग के सेल्फ स्टडी के दम पर यह अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है।
उत्तराखंड की सभी ताजा खबरों के लिए देवभूमि दर्शन के WHATSAPP GROUP से जुडिए।
👉👉TWITTER पर जुडिए।
