Connect with us
Arihant Rana haldwani nainital army officer IMA dehradun
फोटो सोशल मीडिया Arihant Rana haldwani nainital

Home / उत्तराखण्ड / नैनीताल के अरिहंत सिंह राणा बने भारतीय सेना में अफसर, सैन्य परिवार से रखते हैं ताल्लुक

उत्तराखण्ड हल्द्वानी

नैनीताल के अरिहंत सिंह राणा बने भारतीय सेना में अफसर, सैन्य परिवार से रखते हैं ताल्लुक

1 min read

Arihant Rana haldwani nainital : नैनीताल के अरिहंत सिंह राणा भारतीय सेना मे बने अफसर, परिवार की परंपरा को बढ़ाएंगे आगे…

Arihant Rana haldwani nainital : उत्तराखंड के होनहार युवा आज किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है वह विभिन्न क्षेत्रों में अपनी मेहनत, लगन व प्रतिभा के दम पर सफलता के नए-नए आयामों को छू रहे हैं इसके साथ ही अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से राज्य का नाम भी रोशन कर रहे हैं। इतना ही नहीं बल्कि यहां के बहुत सारे युवा भारतीय सेना , जल सेना, नौसेना, वायु सेना में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत है जो देश की रक्षा में अपना महत्वपूर्ण योगदान तो दे ही रहे है लेकिन इसके अलावा प्रदेश के कुछ युवा यूजीसी नेट की परीक्षा उत्तीर्ण कर विशेष उपलब्धि भी हासिल कर रहे हैं जो समाज मे बदलाव लाकर अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनते जा रहे है। हम आए दिन आपको ऐसे ही होनहार युवाओं से रूबरू करवाते रहते हैं जो किसी विशिष्ट क्षेत्र में अपनी मेहनत के जरिए पहचान बना रहे है। आज हम आपको नैनीताल जिले के अरिहंत सिंह राणा से रूबरू करवाने वाले हैं जो देहरादून के IMA से पास आउट होकर भारतीय सेना का अभिन्न अंग बने हैं और अब देश सेवा के लिए परिवार की परंपरा को आगे बढाते हुए नजर आने वाले हैं।
यह भी पढ़ें- बधाई: चमोली के कुलदीप सिंह कंडारी बने असम राइफल में असिस्टेंट कमांडेंट, साकार हुआ सपना

Arihant Rana army officer IMA DEHRADUN बता दें नैनीताल जिले के हल्द्वानी शहर के अरिहंत सिंह राणा भारतीय सेना में अफसर बने हैं। दरअसल अरिहंत के पिता, दादा और नाना भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं और अब अरिहंत भारतीय सेना में शामिल होकर देश सेवा करते हुए नजर आने वाले हैं जो ऐसा करने वाले परिवार की तीसरी पीढ़ी बने है। अरिहंत भले ही सेना में अब शामिल होकर तौर तरीके सीखेंगे मगर उनके लिए सेना में जाना कोई नई बात नही होगी। अरिहंत ने बताया की सेना में शामिल होना चुनौतीपूर्ण है जिसके कारण अब उनको अपने परिवार से दूर रहना पड़ेगा क्योंकि उन्होंने अक्सर अपने पिता को देश सेवा करते हुए देखा है। अरिहंत ने अपनी स्कूलिंग जयपुर से कि इस दौरान उनके पिता की पोस्टिंग कहीं और होने के कारण उन्हें अपनी मां के साथ अकेला ही रहना पड़ा। अरिहंत बताते हैं कि वो परिवार की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए देश सेवा करना चाहते थे जिनका उन पर किसी ने भी दबाव नहीं बनाया बल्कि अरिहंत ने देश सेवा करने तथा अपने परिवार की परंपरा को आगे बढाने का फैसला स्वयं लिया है। अरिहंत की इस विशेष उपलब्धि के बाद से उन्हें लगातार बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। वहीं पूरे परिवार में खुशी का माहौल व्याप्त है।

यह भी पढ़ें- अल्मोड़ा: बगुना गांव के दीपक बिष्ट बने भारतीय सेना में अधिकारी IMA से हुए पास आउट

उत्तराखंड की सभी ताजा खबरों के लिए देवभूमि दर्शन के WHATSAPP GROUP से जुडिए।

👉👉TWITTER पर जुडिए।

Continue Reading

More in उत्तराखण्ड

To Top