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Deepak Bisht IMA dehradun almora army officer
फोटो देवभूमि दर्शन Deepak Bisht IMA dehradun

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अल्मोड़ा: बगुना गांव के दीपक बिष्ट बने भारतीय सेना में अधिकारी IMA से हुए पास आउट

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Deepak Bisht IMA dehradun : अल्मोड़ा के दीपक बिष्ट बने थल सेना के अधिकारी, IMA से हुए पास आउट, बढ़ाया पूरे क्षेत्र का मान….

Deepak Bisht IMA dehradun: उत्तराखंड के होनहार युवा आज शिक्षा के क्षेत्र से लेकर खेलकूद के क्षेत्र समेत अन्य सभी क्षेत्रों में भी अपना विशेष योगदान दे रहे हैं। जो बेहद सराहनीय और प्रशंसा के काबिल है। इसके साथ ही प्रदेश के युवा अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण के बलबूते पर आईटीबीपी, सीडीएस समेत अन्य सैन्य सेवाओं ( जल सेना, थल सेना, वायु सेना) के उच्च पदों पर आसीन होकर अपने परिजनों का मान बढ़ा रहे है। जिनकी काबिलियत पर पूरे प्रदेश को गर्व होता है। इतना ही नहीं बल्कि ऐसे होनहार युवा अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन रहे हैं। हम आए दिन आपको ऐसे ही होनहार युवाओं से रूबरू करवाते रहते हैं जिन्होंने किसी विशेष उपलब्धि को हासिल किया हो। आज हम आपको अल्मोड़ा जिले के दीपक बिष्ट से रूबरू करवाने वाले हैं जिनका चयन थल सेना के लिए हुआ है।

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Deepak Bisht Ranikhet almora army officer: बता दें बीते शनिवार को देहरादून जिले में स्थित भारतीय सैन्य अकादमी के कैडेट्सो की पासिंग आउट परेड थी इस दौरान IMA से कई सारे कैडेट पास आउट होकर भारतीय सेना का अभिन्न अंग बने है। जिसमें अल्मोड़ा जिले के रानीखेत क्षेत्र के बग्वालीपोखर के बगुना गांव के निवासी दीपक बिष्ट तीनों सेनाओं के लिए चयनित हुए लेकिन उन्होंने भारतीय थल सेना में जाने का निर्णय लिया है। दरअसल गीता बिष्ट व राजेंद्र बिष्ट के बेटे दीपक बचपन से ही मेधावी छात्र रहे हैं जिन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा महतगांव स्थित प्रिंस पब्लिक स्कूल से उत्तीर्ण की है जबकि उन्होंने आगे की शिक्षा दिल्ली के राजकीय प्रतिभा विकास विद्यालय सूरजमल विहार से पूर्ण की है। दीपक की मेहनत और लग्न का नतीजा है कि आज उनका चयन तीनों सेनाओं के लिए हुआ है लेकिन उन्होंने थल सेना मे अपनी सेवाएं देने का निर्णय लिया है। बताते चले दीपक के पिता दिल्ली में एक ढाबे का संचालन करते हैं। दीपक ने ट्यूशन पढ़ाकर भी अपने परिजनों का हाथ बटाया लेकिन जब आज बेटा अफसर बना तो मां की आंखें झलक उठी। इतना ही नहीं दीपक ने विद्यार्थी जीवन में गरीब बच्चों को शिक्षा देने के लिए Edushala NGO के माध्यम से बच्चों को पढ़ाने का कार्य भी किया है। दीपक का परिवार वर्तमान में दिल्ली में रहता है। दीपक ने अपने परिवार से मिली सेवा भावना और पहाड से गहरे लगाव को प्राथमिकता देते हुए भारतीय सेना में अपनी सेवाएं देने का सपना पूरा किया है। दीपक की इस विशेष उपलब्धि के बाद से उन्हें लगातार बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

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