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Champawat guldar attack today: leopard attack on suresh Pandey simlta village daughter kiran Pandey saved life
Image : social media ( Champawat guldar attack today)

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Champawat guldar attack: चम्पावत गुलदार ने किया हमला तो ढाल बनी बेटी बचाई पिता की जान

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Champawat News Today uttarakhand breaking news live Champawat guldar leopard tiger attack today चंपावत में पिता पर झपटा गुलदार, बेटी ने दिखाई अद्भुत बहादुरी; पिता को बचाकर कमरे में बंद किया, वन विभाग ने किया रेस्क्यू

Champawat guldar attack today: leopard attack on suresh Pandey simlta village daughter kiran Pandey saved his life Champawat breaking news uttarakhand live: उत्तराखण्ड के चंपावत जिले से गुलदार के हमले की एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहां जिला मुख्यालय से करीब आठ किलोमीटर दूर सिमल्टा गांव में शुक्रवार रात उस समय हड़कंप मच गया, जब एक गुलदार अचानक एक ग्रामीण के घर में घुस गया और कमरे में मौजूद व्यक्ति पर हमला कर दिया। खतरे को सामने देखकर जहां घर में चीख-पुकार मच गई, वहीं उनकी बेटी किरण पांडेय ने बिना घबराए असाधारण साहस दिखाया। उन्होंने गुलदार के हमले में घायल अपने पिता को किसी तरह कमरे से बाहर निकाला और फिर बाहर से दरवाजा बंद कर खूंखार वन्यजीव को उसी कमरे में कैद कर दिया। बाद में वन विभाग की टीम ने एक घंटे से अधिक की मशक्कत के बाद गुलदार को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।

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कुत्ते का पीछा करते हुए घर में घुसा गुलदार (Champawat Leopard Attack today)

घटना शुक्रवार रात करीब नौ बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, एक गुलदार कुत्ते का पीछा करते-करते सिमल्टा गांव निवासी सुरेश चंद्र पांडेय के घर में जा घुसा। उस समय सुरेश पांडेय भोजन करने के बाद कमरे में टीवी देख रहे थे।अचानक कमरे के भीतर गुलदार को देखकर सुरेश पांडेय के होश उड़ गए। उन्होंने शोर मचाया तो गुलदार ने उन पर हमला कर दिया। हमले में वह घायल हो गए और घर के भीतर चीख-पुकार मच गई।

पिता की चीख सुन दौड़ी बेटी, गुलदार के सामने नहीं मानी हार (champawat guldar attack Brave Daughter)

पिता पर खतरा मंडराता देख उनकी बेटी किरण पांडेय तुरंत मौके पर पहुंचीं। किरण इन दिनों मायके आई हुई थीं। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना साहस दिखाया और किसी तरह पिता को गुलदार के चंगुल से बाहर निकाल लिया।इसके बाद किरण ने सूझबूझ का परिचय देते हुए कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया। इस तरह गुलदार कमरे के भीतर ही कैद हो गया और वह दोबारा किसी व्यक्ति पर हमला नहीं कर सका। संकट की घड़ी में किरण की बहादुरी की पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है।

वन विभाग ने एक घंटे से ज्यादा की मशक्कत के बाद किया रेस्क्यू (champawat news today Forest Department Rescue)

घर में गुलदार के घुसने की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर जुट गए। लोगों ने तत्काल वन विभाग को जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कमरे में बंद गुलदार को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया। टीम ने एक घंटे से अधिक समय तक प्रयास करने के बाद गुलदार को सुरक्षित पकड़ लिया और पिंजरे में कैद कर लिया। बाद में उसे रेंज मुख्यालय लाया गया। वन विभाग की ओर से उसे रेस्क्यू सेंटर भेजने की तैयारी की जा रही है। डिप्टी रेंजर चतुर सिंह मेहरा ने बताया कि गुलदार के हमले में सुरेश चंद्र पांडेय घायल हुए हैं। उन्हें उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत खतरे से बाहर है।

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गांव में दहशत, वन्यजीवों की बढ़ती आवाजाही से चिंतित ग्रामीण (uttarakhand Human-Wildlife Conflict)

गुलदार के घर में घुसने और ग्रामीण पर हमला करने की घटना के बाद सिमल्टा गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार वन्यजीवों की आवाजाही बढ़ रही है, जिससे लोगों के बीच डर बना हुआ है और शाम ढलने के बाद घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में निगरानी और गश्त बढ़ाने के साथ वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखने की मांग की है। वहीं, वन विभाग की टीम ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। इस पूरी घटना में सबसे खास बात किरण पांडेय का साहस रहा। जिस समय एक खूंखार गुलदार ने उनके पिता पर हमला किया, उस वक्त उन्होंने घबराने के बजाय हिम्मत और सूझबूझ से काम लिया। पहले पिता की जान बचाई और फिर गुलदार को कमरे में बंद कर दिया। उनकी बहादुरी ने न केवल एक परिवार को बड़ी अनहोनी से बचाया, बल्कि पूरे क्षेत्र में उनके साहस की मिसाल कायम कर दी है।

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