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Indian Army news today: Kumaon Regiment soldier Janeshwar Prajapati of merath martyr in Shimla Himachal Pradesh.
Image : social media ( Indian Army news today)

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Indian Army news today: गश्त के दौरान कुमाऊं रेजिमेंट का जवान जनेश्वर प्रजापति शहीद

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Indian Army news today Himachal Pradesh news today kumaon regiment jawan jneswar prajapati gyaneshwar prajapati kumaon regiment soldier Martyr शिमला में सेना की गाड़ी खाई में गिरने से घायल जवान ने तोड़ा दम, रछौती में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई

Indian Army news today: Kumaon Regiment soldier Janeshwar Prajapati of merath martyr in Shimla Himachal Pradesh DevBhoomi darshan News live: हिमाचल प्रदेश के शिमला से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है जहां मां भारती की रक्षा करते हुए भारतीय सेना का एक और जवान ड्यूटी के दौरान शहीद हो गया है। शहीद जवान की पहचान जनेश्वर प्रजापति के रूप में हुई है। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मेरठ के मुंडाली थाना क्षेत्र के रछौती गांव निवासी थे और सेना की कुमाऊं रेजिमेंट की 11वीं बटालियन में तैनात थे। उनके निधन से गांव ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। करीब 15 दिन पहले हिमाचल प्रदेश के शिमला में गश्त के दौरान सेना की गाड़ी गहरी खाई में गिरने से जनेश्वर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। शिमला के सैन्य अस्पताल में उपचार के दौरान बुधवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। शुक्रवार सुबह सेना के विशेष वाहन से उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा, जहां गमगीन माहौल में राजकीय सम्मान और सैन्य गरिमा के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

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करीब 12 साल पहले सेना में भर्ती हुए थे जनेश्वर (Indian Army news today)

मेरठ के रछौती गांव निवासी जनेश्वर प्रजापति करीब 34-35 वर्ष के थे और कुमाऊं रेजिमेंट की 11वीं बटालियन में तैनात थे। उन्होंने लगभग 12 साल पहले भारतीय सेना में भर्ती होकर देश सेवा का संकल्प लिया था। परिजनों के अनुसार, करीब 15 दिन पहले शिमला में गश्त के दौरान सेना का वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा था। हादसे में जनेश्वर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें तत्काल शिमला के सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद बुधवार को उनका निधन हो गया।

तिरंगे में लिपटा ताबूत पहुंचा तो मच गई चीख-पुकार (gyaneshwar prajapati Martyr Soldier)

सभी सैन्य और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे सेना के विशेष वाहन से जनेश्वर का पार्थिव शरीर आर्मी कैंट मेरठ से उनके गांव रछौती लाया गया।तेजगढ़ी चौराहे से रछौती गांव तक उनके पार्थिव शरीर की विशाल शवयात्रा निकाली गई। इसमें हजारों की संख्या में ग्रामीण, युवा और क्षेत्र के लोग शामिल हुए। यात्रा के दौरान ‘भारत माता की जय’ और ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, जनेश्वर तेरा नाम रहेगा’ के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। जैसे ही तिरंगे में लिपटा जनेश्वर का ताबूत सेना के जवानों ने उनके परिजनों को सौंपा, माहौल करुण क्रंदन से भर गया। वृद्ध मां कृष्णा देवी अपने बेटे को देखकर बार-बार बेसुध हो गईं। पत्नी नीतू का भी रो-रोकर बुरा हाल था। पिता को खो चुके तीनों बच्चों का दर्द भी हर किसी को भावुक कर रहा था। जनेश्वर के भाई प्रदीप और मोनू समेत अन्य परिजन भी बिलखते रहे। सेना, पुलिस के जवानों और ग्रामीणों ने किसी तरह परिवार को संभाला।

नौ साल के बेटे हिमांशु ने दी पिता को मुखाग्नि (kumaon regiment martyr soldier Last Rites)

अंतिम संस्कार के लिए जनेश्वर के पार्थिव शरीर को गांव के बाहरी हिस्से में स्थित उनके पुरखों की जमीन पर ले जाया गया। गांव के युवाओं ने यहां पहले ही श्रद्धांजलि स्थल तैयार कर रखा था, जहां जनेश्वर का बड़ा पोस्टर लगाया गया था। गमगीन माहौल में उनके नौ वर्षीय बेटे हिमांशु उर्फ चींटू ने पिता को मुखाग्नि दी। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद सैकड़ों लोगों की आंखें नम हो गईं।

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गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी गई अंतिम विदाई (Indian army news today Guard of Honour)

अंतिम विदाई से पहले सेना के जवानों ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ शहीद जवान को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को सम्मानपूर्वक उनके परिजनों को सौंपा गया। सैकड़ों ग्रामीणों, सैन्य अधिकारियों और क्षेत्र के लोगों की मौजूदगी में जनेश्वर प्रजापति का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ संपन्न हुआ।गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। हर आंख नम थी और हर चेहरा गमगीन। ग्रामीणों ने जनेश्वर की शहादत को नमन करते हुए उनके साहस, कर्तव्यनिष्ठा और देश सेवा के जज्बे को याद किया। इस दुख की घड़ी में पूरा रछौती गांव शहीद परिवार के साथ खड़ा नजर आया। ग्रामीणों ने एक स्वर में जनेश्वर प्रजापति को श्रद्धांजलि देते हुए उनकी अमर शहादत को नमन किया।

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