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Corona Test at Uttarakhand Border new Guidelines

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उत्तराखण्ड देहरादून

उत्तराखंड बॉर्डर पर अब जरूरी नहीं होगा कोरोना टेस्ट, प्रशासन ने फिर बदले नियम

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दूसरे राज्यों से उत्तराखंड आने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर,सरकार ने वापस लिया बार्डर (Uttarakhand Border) पर कोरोना की अनिवार्य जांच (Corona Test) का फैसला..

राजधानी देहरादून से एक बड़ी खबर आ रही है, अब बाहरी राज्यों से उत्तराखंड में आने वाले सभी लोगों के लिए बॉर्डर (Uttarakhand Border) पर कोरोना की जांच (Corona Test) करवाना अनिवार्य नहीं होगा। राज्य सरकार ने यह फैसला बार्डर पर लोगों द्वारा लगातार पेड कोरोना जांच के व्यापक विरोध को देखते हुए लिया है। लोगों का लगातार यही कहना था कि 2400 रूपए बहुत ज्यादा है, गरीब और जरूरतमंद लोग इतने पैसे कहां से लाएंगे, लोगों के विरोध को देखते हुए शासन-प्रशासन को भी बार्डर पर निशुल्क जांच को ही वरीयता देनी पड़ी। जिस कारण बार्डर पर यात्रियों को घंटों लाइन में खड़ा भी रहना पड़ा। राज्य सरकार द्वारा अब उन्हीं लोगों के लिए बार्डर पर कोरोना जांच अनिवार्य की गई है जो पर्यटन, फिल्म शूटिंग जैसी गतिविधियों के लिए उत्तराखण्ड में आ रहे हैं। बता दें कि राज्य सरकार की ओर से राज्य के मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने बीते दिनों एक आदेश जारी कर दूसरे राज्यों से उत्तराखंड आने वाले लोगों के लिए बार्डर पर कोरोना जांच को अनिवार्य कर दिया था, आदेश में यह भी कहा गया था कि जांच का सारा खर्चा यात्रियों को ही देना होगा।
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चार दिनों के लिए उत्तराखण्ड आने वाले लोगों के लिए बार्डर पर अनिवार्य नहीं होगा कोरोना टेस्ट कराना, गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों सहित कई अन्य लोगों को भी मिलेगी छूट:-

प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य सरकार ने दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों के लिए बार्डर पर अनिवार्य कोरोना जांच के फैसले को वापस ले लिया है। यह जानकारी देते हुए राज्य के स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने कहा कि अब गर्भवती महिलाओं, 10 साल से कम उम्र के बच्चों, बुजुर्गों, कारोबारियों, बिजनेसमैन, वीआईपी, अधिकारियों एवं न्यायाधीशों के साथ ही अतिआवश्यकीय कारणों (परिवार में किसी की मौत या बीमार होने, किसी काम से बाहर जाने के बाद वापस घर लौटने, परिजनों की देखभाल के लिए घर जाने) से उत्तराखंड आने वाले लोगों को बॉर्डर पर कोरोना की जांच कराना अनिवार्य नहीं होगा और ना ही ऐसे लोगों से बार्डर कोरोना की नेगेटिव जांच रिपोर्ट मांगी जाएगी। इसके साथ ही राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने तो यहां तक कह दिया कि दूसरे राज्यों से तीन-चार दिनों के लिए उत्तराखंड आने वाले लोगों के लिए बार्डर पर कोरोना जांच की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है। सरकार के इस फैसले से अब निश्चित ही गरीबों की जेब का बोझ कम होगा।

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