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Harsh pandey poem
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कुमाऊंनी कविता- “हरी भरी छू हमरि दुनिया….” हर्ष पाण्डेय (काव्य संकलन देवभूमि दर्शन)

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कुमाऊंनी कविता- हरी भरी छू हमरि दुनिया…..Harsh pandey poem

हरी भरी छू हमरि दुनिया
निल छू आकाश यां।
ठंडी ठंडी हाव और
ठंडो ठंडो पाणि छू यां।
रंग बिरंग फूल और
सुन्दर चखुवा छन यां।
रंगवाई पिछौड़ ओड़ि
फूलों की घाटी छू यां।
चार धामोंक आशीष और
गंगा यमुना ज्यूक प्रसाद यां।
यौ छू हमर उत्तराखंड
यौ छू हमरि देवभूमि।
रचना- हर्ष पाण्डेय
कक्षा 9
पी एम श्री केंद्रीय विद्यालय कौसानी बागेश्वर (उत्तराखण्ड)
Harsh pandey poem

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