Highlights देवभूमि दर्शन
Jammu Kashmir cloud burst: जम्मू-कश्मीर में बादल फटा पुंछ किश्तवाड़ में 11 की मौत
1 min read
Jammu Kashmir News cloudburst news today poonch kistwar landslide flood: पुंछ-किश्तवाड़ में कुदरत का कहर, बादल फटने और भूस्खलन से 11 लोगों की मौत; मलबे से निकला 2 साल के मासूम का शव
Jammu Kashmir cloud burst: poonch kistwar landslide flood cloudburst 11 died till now DevBhoomi darshan breaking latest news today: इस वक्त की सबसे बड़ी खबर जम्मू-कश्मीर से सामने आ रही है जहां पुंछ और किश्तवाड़ जिलों में भारी बारिश के बाद प्राकृतिक आपदा ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। शनिवार देर रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश रविवार सुबह तक जारी रही, जिसके बाद कई इलाकों में अचानक बाढ़, बादल फटने और भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं। इन हादसों में अब तक 11 लोगों की मौत की सूचना है, जबकि सात लोग लापता बताए जा रहे हैं। आपदा की चपेट में आए कम से कम चार लोग घायल हैं, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं।
यह भी पढ़े :Uttarakhand news today: ब्रिटेन में कैद रामनगर के मर्चेंट नेवी कैप्टन अजय पंत की सुनवाई टली
सुरनकोट में भरभराकर गिरा दो मंजिला मकान, पांच शव बरामद (Poonch Landslide today)
पुंछ जिले की सुरनकोट तहसील प्राकृतिक आपदा से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल है। लोअर मड़ा गांव में पहाड़ी खिसकने के कारण एक दो मंजिला मकान देखते ही देखते मलबे में तब्दील हो गया। हादसे के समय घर में मौजूद मकान मालिक मोहम्मद लतीफ और उनके परिवार के सदस्य मलबे में दब गए। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन, पुलिस और भारतीय सेना की टीमें मौके पर पहुंचीं और संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। मलबा हटाने के दौरान दो वर्षीय मासूम सोफियान यासिर समेत पांच लोगों के शव निकाले जा चुके हैं। वहीं, अन्य लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान लगातार जारी है।
राजौरी में फ्लैश फ्लड ने मचाई तबाही, 250 तक वाहन बहे (Flash Flood news today)
भारी बारिश के कारण जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में नदियां और बरसाती नाले उफान पर आ गए हैं। राजौरी में शनिवार देर रात करीब तीन बजे बादल फटने जैसी स्थिति बनने के बाद अचानक फ्लैश फ्लड आ गई। धारहाल नदी का पानी न्यू बस स्टैंड बेला इलाके में घुस गया। अचानक आए तेज बहाव की चपेट में वहां खड़े करीब 200 से 250 वाहन आ गए और पानी के तेज बहाव में बह गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
किश्तवाड़ के डच्छन में बादल फटा, घरों और खेतों को नुकसान (jammu kashmir Cloudburst)
किश्तवाड़ जिले के डच्छन क्षेत्र के सुर्नू इलाके में भी बादल फटने की घटना सामने आई। इस घटना में किसी व्यक्ति की मौत या घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन भारी मात्रा में मलबा आने से कई लोगों के घर और खेत प्रभावित हुए हैं। अचानक आई प्राकृतिक आपदा ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
पुंछ में अलग-अलग हादसों ने छीनी कई जिंदगियां (jammu Heavy Rainfall)
पुंछ जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच कई अलग-अलग घटनाओं में लोगों की जान चली गई। संगलेयानी गांव में एक मकान ढहने से 18 वर्षीय युवक मलबे में दब गया और उसकी मौत हो गई। मरहोट गांव में ‘इरम’ नाम की नाबालिग लड़की उफनते नाले को पार करने की कोशिश के दौरान तेज पानी के बहाव में बह गई। हादसे में उसकी जान चली गई। वहीं, नूनाबांडी गांव में भारी बारिश के कारण एक मकान गिर गया। इस हादसे में 28 वर्षीय नाजिया कौसर की मौत हो गई। उनके पति मोहम्मद हफीज और दो से छह वर्ष की उम्र के तीन बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। सभी को इलाज के लिए राजा सुखदेव सिंह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा धुंधक लठूंग पुल के पास एक नाले से अज्ञात महिला का शव भी बरामद हुआ है। फिलहाल महिला की पहचान नहीं हो सकी है और पुलिस उसकी शिनाख्त के प्रयास में जुटी है।
यह भी पढ़े :Indian Airforce News: नारनौल के भारतीय वायुसेना के जवान भरतराज भारद्वाज की दर्दनाक मौत….
लापता लोगों की तलाश जारी, प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी (jammu kashmir cloud burst Rescue Operation)
प्राकृतिक आपदा के बाद प्रशासन ने नियंत्रण कक्ष स्थापित कर दिया है। राहत एवं बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार अभियान चला रहे हैं। लापता लोगों की तलाश के साथ ही संवेदनशील इलाकों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के आसपास जाने और संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में आवाजाही से बचने की अपील की है। लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान भी भारी बारिश की संभावना जताई है।लगातार बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन की चुनौती अभी खत्म नहीं हुई है। राहत टीमों के सामने जहां लापता लोगों को सुरक्षित खोजने की जिम्मेदारी है, वहीं प्रभावित परिवारों तक मदद पहुंचाना भी प्राथमिकता बनी हुई है।
