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Pithoragarh news: पिथौरागढ़ गोल्ड मेडलिस्ट MMA फाइटर वीरेंद्र गार्ड की नौकरी करने को मजबूर
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Pithoragarh news today: गार्ड की ड्यूटी करता है पिथौरागढ़ का MMA फाइटर, 20,000 का खर्च, ₹500 दिहाडी, कई गोल्ड मेडल भी कर चुका अपने नाम
Pithoragarh News Today: chinkhyali village gold medalist MMA fighter Virendra vikky tomkyal success story security guard MMA fighter Virendra Singh Pithoragarh: पहाड़ के युवाओं का जीवन कितना ज्यादा संघर्षों भरा होता हैं, इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्हें चाहें किसी भी क्षेत्र में सफलता मिले या ना मिले लेकिन वह कभी भी मेहनत करना नहीं छोड़ते हैं। ऐसी ही कुछ संघर्षों भरी कहानी है पिथौरागढ़ जिले के वीरेंद्र सिंह की जो MMA फाइटर हैं।
हैरानी की बात तो यह है कि वह MMA फाइट में गोल्ड मेडलिस्ट रह चुके हैं। बावजूद इसके वो शादी समारोह में सिक्योरिटी गार्ड की वर्दी पहनकर गाड़ियों की पार्किंग कराते हैं। वीरेंद्र सिंह टोमक्याल का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जो काफी सुर्खियां बटोर रहा है। वहीं दूसरी ओर लोग वीरेंद्र सिंह की तारीफ करते हुए प्रश्न भी करने लगे हैं कि आखिर इतना प्रतिभाशाली युवा दिहाडी पर काम क्यों कर रहा है।
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बता दें पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी के नजदीक स्थित चिन्खाली गांव के रहने वाले 26 वर्षीय वीरेंद्र सिंह टोमक्याल पुत्र त्रिलोक सिंह इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। दरअसल वीरेंद्र सिंह के पिता त्रिलोक सिंह SSB में कार्यरत हैं और उनकी मां गृहणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद त्रिलोक सिंह ने अपने बेटे वीरेंद्र सिंह के सपनों का साथ देते हुए वीरेंद्र सिंह को पहले बॉक्सिंग कराई जिसमें वीरेंद्र सिंह ने जिला और राज्य स्तर पर गोल्ड मेडल अपने नाम किये। इतना ही नहीं बल्कि वीरेंद्र सिंह ने इसके बाद अंतरराष्ट्रीय एमएमए फाइटर अंगद बिष्ट से प्रेरित होकर प्रोफेशनल MMA में कदम रखा। वर्ष 2024 से वह देहरादून की म्युटेंट MMA अकादमी से ट्रेनिंग ले रहे हैं।
कोई भी काम नहीं होता छोटा बड़ा (pithoragarh news today)
वीरेंद्र सिंह का कहना है कि MMA महंगा खेल है ,जिसमें डाइट सप्लीमेंट ट्रेनिंग जिम फीस फाइट गियर और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने पर हर महीने ₹20,000 खर्च हो जाते हैं। पिता पर आर्थिक बोझ ना पड़े इसलिए वह अपना खुद का खर्च उठाने के लिए राजधानी देहरादून में शादी समारोह और आयोजनों में सिक्योरिटी एजेंसी के जरिए पार्किंग ड्यूटी करते हैं। इसके बदले उन्हें ₹500 प्रतिदिन मिलते हैं यहीं पैसे वह अपने ट्रेनिंग और डाइट पर खर्च करते हैं।
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वीरेंद्र सिंह चाहते हैं खिलाड़ियों को मिले बेहतर अवसर व सुविधाएं (pithoragarh news live)
वीरेंद्र बताते हैं कि उन्हें अपने काम से कोई शर्म नहीं है उनका मानना है कि मेहनत करने वाला कभी छोटा नहीं होता। वीरेंद्र चाहते हैं खिलाड़ियों को दया नहीं बल्कि बेहतर सुविधाएं और आर्थिक सहयोग मिले ताकि वो अपनी प्रतिभा को और अधिक अच्छे से निखार सकें। उनका मानना है कि सही समर्थन मिलने से उत्तराखंड के खिलाड़ी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं। वीरेंद्र का लक्ष्य भारत के लिए दुनिया के सबसे बड़े MMA मंच पर उतरना है।
वीरेंद्र सिंह कई सारी उपलब्धियां कर चुके अपने नाम ( pithoragarh MMA fighter Virendra Singh )
वीरेंद्र सिंह ने वर्ष 2025 में मेरठ के वॉरियर फाइट क्लब में गोल्ड मेडल अपने नाम किया जबकि 2025 में मुंबई की PML प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जड़ा। 2025 में दून FC प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल।नैनीताल में बॉक्सिंग जिला चैंपियन।देहरादून में राज्य स्तरीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल।अब तक 9 से अधिक MMA फाइट खेल चुके हैं।
