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Pithoragarh news today: Five members of a family in critical condition after wild mushroom curry in Dharchula Pithoragarh.
Image : सांकेतिक फोटो ( Pithoragarh news today)

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Pithoragarh news today: पिथौरागढ़ जंगली मशरूम की सब्जी खाने से परिवार के 5 लोग गंभीर

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Pithoragarh News Today Pithoragarh breaking news live wild musroom racipe : जंगली मशरूम की सब्जी खाने से एक ही परिवार के पांच लोग बीमार, हालत गंभीर; जिला अस्पताल में भर्ती

Pithoragarh news today: Five members of a family in critical condition after wild mushroom curry in Dharchula Pithoragarh.: मानसून की बारिश के साथ जंगलों और खेतों के आसपास उगने वाले जंगली मशरूम का सेवन एक बार फिर लोगों के लिए खतरा बनता नजर आ रहा है। पूरा मामला उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले का है जहां धारचूला विकासखंड के जम्कू गांव में जंगली मशरूम की सब्जी खाने के बाद एक ही परिवार के पांच लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सभी को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) धारचूला ले जाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। फिलहाल पांचों का इलाज जिला अस्पताल पिथौरागढ़ में चल रहा है और उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

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मशरूम की सब्जी खाने के कुछ देर बाद बिगड़ी तबीयत (Wild Mushroom Poisoning)

जानकारी के अनुसार, जम्कू निवासी 58 वर्षीय विमला देवी के 15 वर्षीय बेटे कृष्णा ने जंगल से जंगली मशरूम लाकर घर में दिया था। बीते रविवार रात विमला देवी ने मशरूम की सब्जी बनाई और परिवार के सदस्यों के साथ भोजन किया। इसी दौरान पांखू निवासी जैमती देवी भी अपनी बहन विमला देवी से मिलने उनके घर पहुंची थीं। विमला देवी के आठ वर्षीय भतीजे और 14 वर्षीय भतीजी ने भी उसी घर में भोजन किया। इसके बाद विमला देवी, उनकी बहन जैमती देवी, बेटा कृष्णा, भतीजा कार्तिक और भतीजी मोनिका ने जंगली मशरूम की सब्जी खाई। भोजन करने के कुछ ही समय बाद पांचों की तबीयत बिगड़ने लगी। सभी पेट दर्द से परेशान होने लगे, जिसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने उन्हें तत्काल सीएचसी धारचूला पहुंचाया।

गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर, जिला अस्पताल में चल रहा इलाज (Dharchula. News today Health Update)

सीएचसी में चिकित्सकों ने पांचों की हालत को गंभीर देखते हुए उन्हें तत्काल हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद सभी बीमारों को जिला अस्पताल पिथौरागढ़ लाया गया, जहां उनका उपचार शुरू किया गया। जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. डीपी सिंह ने बताया कि जंगली मशरूम खाने से बीमार जम्कू गांव के एक ही परिवार के पांच सदस्यों का उपचार चल रहा है। सभी मरीज चिकित्सकों की निगरानी में हैं।

पति और बड़ा बेटा घर से बाहर होने के कारण बचे (musroom farming Family Members)

घटना के दौरान विमला देवी के पति प्रेम राम और बड़े बेटे राहुल घर पर नहीं थे। दोनों राजमिस्त्री का काम करते हैं और अक्सर रोजगार के सिलसिले में घर से बाहर रहते हैं। रविवार को भी दोनों काम के कारण घर से बाहर थे, इसलिए उन्होंने जंगली मशरूम की सब्जी नहीं खाई और सुरक्षित रहे।

पिछले साल जहरीले मशरूम से लोकगायक की बहन और नानी की हुई थी मौत (ganesh martoliya uttarakhand singer Mushroom Poisoning Deaths)

पिथौरागढ़ जिले में जंगली मशरूम के सेवन से लोगों के बीमार होने का यह पहला मामला नहीं है। पिछले वर्ष जुलाई में मुनस्यारी के धापा गांव में जंगली मशरूम खाने के बाद लोकगायक गणेश मर्तोलिया की 18 वर्षीय बहन और 70 वर्षीय नानी की तबीयत बिगड़ गई थी। दोनों को पहले सीएचसी, फिर जिला अस्पताल और उसके बाद हायर सेंटर रेफर किया गया था। उपचार के लिए उन्हें हल्द्वानी के एसटीएच ले जाया गया, लेकिन दोनों की जान नहीं बचाई जा सकी थी।

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एक दशक में जहरीले मशरूम ने ली सात लोगों की जान (Poisonous Mushroom uttarakhand news)

जिले में पिछले करीब एक दशक के दौरान जंगलों में उगने वाले जहरीले मशरूम के सेवन से सात लोगों की मौत हो चुकी है। बरसात के मौसम में जंगल और खेतों के आसपास उगने वाले मशरूम को कई लोग सब्जी बनाने के लिए घर ले आते हैं। समस्या तब गंभीर हो जाती है, जब इसकी पहचान किए बिना जहरीले मशरूम का सेवन कर लिया जाता है। वर्ष 2016 में देवलथल तहसील के बमडोली गांव में जहरीला मशरूम खाने से दो बच्चों की मौत हुई थी। इसके अगले वर्ष 2017 में धारचूला के बालिंग गांव में एक नेपाली मजदूर की जान चली गई, जबकि छह अन्य लोग बीमार पड़ गए थे। वर्ष 2018 में गणाई गंगोली के पोखरी गांव और डीडीहाट में भी जंगली मशरूम खाने से दो लोगों की मौत हुई थी।जम्कू गांव की ताजा घटना ने एक बार फिर मानसून के दौरान जंगली मशरूम के सेवन को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के बाद प्राकृतिक रूप से उगने वाले मशरूम को बिना सही पहचान और विशेषज्ञ जानकारी के भोजन में शामिल करना गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

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