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Mamta Aipan : हल्द्वानी की ममता जोशी की ऐपण राखियां इस रक्षाबंधन भाइयों की कलाई की बढ़ाएंगी शोभा
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|Mamta Joshi Aipan Rakhi |Pithoragarh|Uttarakhand Aipan Art, Handmade Aipan Rakhi AipanWorld| Haldwani news update| पिथौरागढ़ की ममता जोशी के हाथों से बनी ऐपण राखियां बन रहीं खास पहचान
|Mamta Joshi Aipan Rakhi |Pithoragarh|Uttarakhand Aipan Art, Handmade Aipan Rakhi AipanWorld| Haldwani news update| उत्तराखंड की पारंपरिक ऐपण कला को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के साथ-साथ दिव्यांग बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में पिथौरागढ़ की ममता जोशी सराहनीय पहल कर रही हैं। मूल रूप से पिथौरागढ़ जिले के बड़ाबे गांव की रहने वाली ममता शादी के बाद नैनीताल जिले के हल्द्वानी में रह रही हैं और वहीं से ऐपण कला को आगे बढ़ाने का काम कर रही हैं।
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देवभूमि दर्शन से बातचीत में ममता ने बताया कि उन्होंने कुछ समय पूर्व हल्द्वानी के लामाचोर स्थित सेवालय नामक दिव्यांग बच्चों की संस्था में ऐपण कला का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया। इस शिविर में उन्होंने उन बच्चों को ऐपण कला सिखाने का प्रयास किया जो सुनने और बोलने में असमर्थ हैं। उनका कहना है कि वे चाहती हैं कि ये बच्चे भविष्य में किसी पर निर्भर न रहें और अपने हुनर के दम पर सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।
दिव्यांग बच्चों ने बनाई सुंदर ऐपण राखियां
(Handmade Aipan Rakhi, Divyang Empowerment, Traditional Craft)
ममता जोशी बताती हैं कि उनके मार्गदर्शन में इन बच्चों ने हाल ही में बेहद सुंदर हाथों से बनी ऐपण राखियां तैयार कीं। बच्चों की लगन और उत्साह को देखकर वे अब उन्हें ऐपण कला की अन्य पेंटिंग और डिजाइन भी सिखा रही हैं। उनका मानना है कि यदि बच्चों को लगातार प्रशिक्षण और प्रोत्साहन मिलता रहा तो यह पहल वास्तव में सफल हो सकती है। इससे न केवल ये बच्चे आत्मनिर्भर बनेंगे, बल्कि कुमाऊं की लोक विरासत ऐपण कला का भी व्यापक प्रचार-प्रसार होगा।
मांगलिक चौकी से लेकर राखियों तक, ऐपण कला को मिल रही नई पहचान (Aipan Products, Mangalik Chowki, Aipan Painting, Uttarakhand Culture)
ममता जोशी केवल प्रशिक्षण ही नहीं दे रहीं, बल्कि ऐपण कला से जुड़े कई उत्पाद भी तैयार करती हैं। इनमें मांगलिक चौकी, ऐपण फ्रेम, फ्लावर पॉट, राखी और अन्य सजावटी वस्तुएं शामिल हैं। इन सभी उत्पादों पर वे पारंपरिक ऐपण डिजाइनों को हाथों से उकेरती हैं, जिससे हर वस्तु अनोखी और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी दिखाई देती है।
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सोशल मीडिया के जरिए देश-विदेश तक पहुंच रही ऐपण कला (AipanWorld, Social Media Business, Handmade Uttarakhand Products)
ममता अपने इन खूबसूरत उत्पादों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म AipanWorld के माध्यम से देश और विदेश तक पहुंचा रही हैं। उनकी हस्तनिर्मित ऐपण राखियां और अन्य उत्पाद लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं। रक्षाबंधन के मौके पर उनके द्वारा तैयार की गई Handmade Fabric Aipan Rakhi खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं, जिनमें उत्तराखंड की संस्कृति, प्रेम और मेहनत की झलक साफ दिखाई देती है।
ममता जोशी की यह पहल परंपरा, सामाजिक सेवा और महिला उद्यमिता का सुंदर संगम बनकर उभर रही है। वे एक ओर उत्तराखंड की लोक कला को नई पहचान दिला रही हैं, वहीं दूसरी ओर दिव्यांग बच्चों को आत्मनिर्भरता की राह दिखाकर समाज के लिए प्रेरणा का उदाहरण भी पेश कर रही हैं।
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