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Sikkim Tunnel Incident: Uttarakhand chamoli pipalkoti Engineer Praveen Negi died in NHPC Teesta Stage-6 Tunnel

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Sikkim tunnel incident: सिक्किम टनल हादसा में चमोली के होनहार इंजीनियर प्रवीन नेगी की मौत

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|Sikkim Tunnel Incident | Uttarakhand News Live | Praveen Negi | Sikkim Tunnel Blast | Tunnel Landslide Incident | NHPC Teesta Stage-6|  सिक्किम टनल हादसे में उत्तराखंड के इंजीनियर प्रवीन नेगी की भी मौत, 72 घंटे बाद सभी 25 शव बरामद; गुनियाला गांव में मातम

|Sikkim Tunnel Incident | Uttarakhand News Live | Praveen Negi | Sikkim Tunnel Blast | Tunnel Landslide Incident | NHPC Teesta Stage-6| सिक्किम के नामची जिले में एनएचपीसी की निर्माणाधीन तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की सुरंग में हुए भीषण हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस दर्दनाक घटना में उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी क्षेत्र के गुनियाला गांव निवासी युवा इंजीनियर प्रवीन नेगी की भी मौत हो गई। हादसे के बाद से गांव में शोक का माहौल है और परिवार गहरे सदमे में है। प्रवीन नेगी अपने सरल स्वभाव, मिलनसार व्यवहार और मेहनत के लिए जाने जाते थे। उनकी असमय मौत से न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

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करियर की शुरुआत उत्तराखंड से, देश की कई परियोजनाओं में दिया योगदान (Praveen Negi Career)

प्रवीन नेगी ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत एचसीसी की मायापुर-पीपलकोटी परियोजना से की थी। इसके बाद उन्होंने रेलवे और विभिन्न निर्माण परियोजनाओं में अपनी सेवाएं दीं। हाल के वर्षों में वे सिक्किम में एनएचपीसी की तीस्ता स्टेज-6 जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे।

कैसे हुआ हादसा? सुरंग में फैली जहरीली गैस और मचा कोहराम (Sikkim Tunnel Collapse)

जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब एक बजे के बाद नामची जिले में निर्माणाधीन सुरंग के भीतर अचानक हादसा हुआ। उस समय सुरंग के अंदर कुल 25 श्रमिक और कर्मचारी मौजूद थे। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, चट्टानों के भीतर जमा संदिग्ध मीथेन गैस अचानक बाहर निकलने से विस्फोट जैसी स्थिति बनी। इसके बाद सुरंग के भीतर जहरीला धुआं और गैस तेजी से फैल गई, जिससे अंदर मौजूद लोग बाहर नहीं निकल सके। धुएं और गैस के कारण राहत एवं बचाव कार्य भी बेहद कठिन हो गया।

72 घंटे तक चला रेस्क्यू, आखिरकार सभी 25 शव बरामद (Sikkim Tunnel Rescue Operation)

हादसे के तुरंत बाद बड़े स्तर पर बचाव अभियान शुरू किया गया। सुरंग के ADIT-III हिस्से में फंसे लोगों की तलाश के लिए कई एजेंसियों की टीमें लगातार जुटी रहीं। बचाव अभियान को और मजबूत करने के लिए ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) की विशेष रेस्क्यू टीम भी नामची पहुंची और अन्य विशेषज्ञों के साथ मिलकर अभियान चलाया। लगातार करीब 72 घंटे तक चले सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरंग से सभी 25 शव बरामद कर लिए गए। बचाव दल के सदस्य के.के. रॉय ने इसकी पुष्टि की। प्रारंभ में कुछ शवों की पहचान हुई थी, जबकि बाद में सभी मृतकों के शव बाहर निकालकर पहचान की प्रक्रिया पूरी की गई।

उत्तराखंड समेत कई राज्यों के लोगों ने गंवाई जान (Victims Identification)

इस हादसे में उत्तराखंड के इंजीनियर प्रवीन नेगी के अलावा झारखंड, पश्चिम बंगाल, पंजाब, असम और सिक्किम के कई श्रमिकों की भी मौत हुई। झारखंड के मृतकों में हजारीबाग के जागेश्वर ठाकुर, खूंटी जिले के कृष्णा साहू और विकास कंडुलना, तथा पश्चिम सिंहभूम के मसीह बारजो शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के चार श्रमिकों सहित अन्य राज्यों के श्रमिक भी इस हादसे का शिकार बने।

सरकार ने किया आर्थिक सहायता का ऐलान (Government Compensation)

हादसे के बाद सिक्किम सरकार, नामची जिला प्रशासन और एनएचपीसी लगातार राहत कार्यों की निगरानी करते रहे। एनएचपीसी ने मृतकों के प्रत्येक निकटतम परिजन को 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मृतकों के निकटतम परिजन को 2 लाख रुपये तथा प्रत्येक घायल को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया।

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सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल (Tunnel Safety Concerns)

इस हादसे के बाद निर्माणाधीन सुरंगों में सुरक्षा मानकों, गैस मॉनिटरिंग सिस्टम और आपातकालीन बचाव व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक जानकारी में मीथेन गैस के रिसाव और उसके बाद विस्फोट जैसी स्थिति बनने की बात सामने आई है। ऐसे में विशेषज्ञ अब भविष्य में इस तरह की घटनाओं की रोकथाम के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं।

गुनियाला गांव में पसरा मातम (Chamoli News)

चमोली जिले के गुनियाला गांव में प्रवीन नेगी की मौत की खबर पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में शोक छा गया। ग्रामीणों के अनुसार, प्रवीन एक मेहनती, प्रतिभाशाली और विनम्र युवा इंजीनियर थे, जिन्होंने अपनी मेहनत के दम पर पहचान बनाई थी। उनके निधन से परिवार ने अपना होनहार बेटा खो दिया, जबकि उत्तराखंड ने एक योग्य युवा इंजीनियर।

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