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Uttarakhand kanwar mela 2026: उत्तराखण्ड 30 जुलाई से चलेगी 6 कांवड़िया स्पेशल ट्रेन
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uttarakhand news today haridwar breaking news live haridwar news today कांवड़ियों के लिए रेलवे का बड़ा इंतजाम, 30 जुलाई से चलेंगी 6 स्पेशल ट्रेनें; 4 ट्रेनों का हरिद्वार तक बढ़ाया गया रूट, 6265 LED लाइटों से जगमग होंगे यात्रा मार्ग
Uttarakhand Kanwar Mela 2026: haridwar kanwar yatra 6 Kanwariya special trains to run from starting July 30. Uttarakhand breaking news live today: सावन के पवित्र महीने में गंगाजल लेने हरिद्वार पहुंचने वाले शिवभक्त कांवड़ियों के लिए रेलवे और प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने छह विशेष मेला स्पेशल ट्रेनों के संचालन का फैसला लिया है। इसके अलावा चार ट्रेनों का संचालन भी हरिद्वार स्टेशन तक बढ़ाया गया है। यह विशेष व्यवस्था 30 जुलाई से 14 अगस्त तक लागू रहेगी। रेलवे के साथ ही ऊर्जा निगम ने भी कांवड़ यात्रा मार्गों को रोशन करने की तैयारी शुरू कर दी है। हरिद्वार और रुड़की मंडल के प्रमुख कांवड़ मार्गों पर 1.20 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से कुल 6265 एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी। वहीं, कांवड़ मेले से जुड़े विभिन्न कार्यों के लिए शासन की ओर से करीब 6.30 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
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30 जुलाई से शुरू होगा ट्रेनों का विशेष संचालन (Kanwar Mela Special Trains)
मुरादाबाद मंडल रेल प्रशासन के अनुसार, कांवड़ियों की सुविधा के लिए छह विशेष मेला स्पेशल अनारक्षित ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इन ट्रेनों के जरिए हरिद्वार आने और यहां से वापस लौटने वाले श्रद्धालुओं को अतिरिक्त परिवहन सुविधा मिल सकेगी. सीनियर डीसीएम महेश यादव ने बताया कि ट्रेन संख्या 74022 और 74023 दिल्ली-शामली-दिल्ली डीएमयू का संचालन हरिद्वार स्टेशन तक विस्तारित किया गया है। ट्रेन संख्या 74022 का संचालन 30 जुलाई से 13 अगस्त तक दिल्ली से और 74023 का संचालन 31 जुलाई से 14 अगस्त तक हरिद्वार से प्रतिदिन किया जाएगा।
इसी तरह दिल्ली-सहारनपुर-दिल्ली मेमू का संचालन भी हरिद्वार तक बढ़ाया गया है। यह ट्रेन भी 30 जुलाई से 13 अगस्त तक दिल्ली से तथा 31 जुलाई से 14 अगस्त तक हरिद्वार से रोजाना संचालित होगी। इसके अलावा हरिद्वार-दिल्ली शाहदरा-हरिद्वार अनारक्षित मेला स्पेशल ट्रेन का संचालन 30 जुलाई से 13 अगस्त तक किया जाएगा। हरिद्वार से गुजरने वाली ट्रेन संख्या 04315 और 04316 योग नगरी ऋषिकेश-दिल्ली शाहदरा-योग नगरी ऋषिकेश सहित अन्य ट्रेनों के संचालन की भी व्यवस्था की गई है।
रिटर्न यात्रा के लिए भी मिलेगी सुविधा (uttarakhand kanwar mela Railway Arrangement)
रेलवे के इस विशेष संचालन का उद्देश्य कांवड़ियों की एकतरफा आवाजाही के साथ वापसी के दौरान होने वाली भीड़ को भी नियंत्रित करना है। हरिद्वार में गंगाजल लेने के बाद शिवभक्तों की बड़ी संख्या अपने-अपने गंतव्य की ओर लौटती है। ऐसे में अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन से यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
कांवड़ मार्गों पर 6265 एलईडी लाइटें लगेंगी (uttarakhand kanwar special train LED Street Lights)
कांवड़ यात्रा के दौरान रात में पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए ऊर्जा निगम ने अस्थायी पथ प्रकाश की व्यापक योजना तैयार की है। हरिद्वार और रुड़की मंडल के प्रमुख मार्गों पर कुल 6265 एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी। इस कार्य पर करीब 120.60 लाख रुपये खर्च होंगे। हरिद्वार मंडल में 1855 और रुड़की मंडल में 4410 एलईडी लाइटें स्थापित की जाएंगी। अधिकारियों का कहना है कि यात्रा शुरू होने से पहले प्रमुख कांवड़ मार्गों को रोशनी से लैस करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे रात के समय श्रद्धालुओं की आवाजाही सुरक्षित हो सके और दुर्घटनाओं की आशंका कम की जा सके।
हरिद्वार मंडल में इन मार्गों पर होगी रोशनी (Haridwar Kanwar Route)
ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता प्रदीप चौधरी के अनुसार, हरिद्वार मंडल में 45.20 लाख रुपये की लागत से सीसीआर टावर से धनौरी तक 1152 एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी। इसके अलावा साधना चौक, बैरागी कैंप, शनिदेव चौक, पायलट बाबा आश्रम और मातृ सदन मार्ग पर 114 एलईडी लाइटें लगेंगी। काली मंदिर, चंडीघाट पुल, चंडी पुल पार्किंग, तिरछा पुल, चिड़ियापुर, रसियाबड़, कोटद्वार रोड और कोतवाली बॉर्डर तक 434 एलईडी लाइटों की व्यवस्था की जाएगी। पंतदीप पार्किंग से पावन धाम तक चार एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी, जबकि पूरे कांवड़ यात्रा मार्ग पर अतिरिक्त 151 एलईडी लाइटें भी स्थापित की जाएंगी।
रुड़की मंडल में 4410 लाइटों से रोशन होंगे प्रमुख मार्ग (haridwar kanwar mela 2026 Roorkee Kanwar Route)
रुड़की मंडल में 75.40 लाख रुपये की लागत से 4410 एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी। इनमें दौलतपुर से मोहम्मदपुर तक 1941, क्रिस्टल वर्ल्ड से सोनाली पुल तक 470 और धनौरी से सोनाली पुल तक 470 एलईडी लाइटें शामिल हैं। इसके अलावा धनौरी से काली नदी बायपास होते हुए भगवानपुर तक 1529 एलईडी लाइटों से मार्ग को रोशन किया जाएगा। यह व्यवस्था उन रास्तों पर विशेष रूप से की जा रही है, जहां कांवड़ियों की आवाजाही अधिक रहती है। ऊर्जा निगम के अधिकारियों के मुताबिक अस्थायी पथ प्रकाश लगाने का काम तेजी से चल रहा है। प्रशासन का मानना है कि रात में पर्याप्त रोशनी होने से श्रद्धालुओं की आवाजाही सुरक्षित होगी, यातायात व्यवस्था बेहतर रहेगी और हादसों की आशंका को कम किया जा सकेगा।
कांवड़ मेले के लिए 6.30 करोड़ रुपये जारी (uttarakhand breaking news live today Kanwar Mela Budget)
कांवड़ मेले की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए शासन की ओर से विभिन्न कार्यों के लिए करीब 6.30 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर संबंधित विभाग मेला व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में जुटे हैं। प्रशासन की कोशिश है कि 30 जुलाई से शुरू होने वाले कांवड़ मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और यात्रा मार्गों पर मूलभूत सुविधाएं समय से तैयार रहें।
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व्यापारियों ने अतिक्रमण हटाने और पैदल मार्ग बनाने की मांग उठाई (Haridwar Market Management)
उधर, हरिद्वार में प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष डॉ. विशाल गर्ग ने भीमगोडा, भूपतवाला और खड़खड़ी इकाई के पदाधिकारियों तथा व्यापारियों के साथ बैठक कर कांवड़ मेले की व्यवस्थाओं पर चर्चा की। बैठक में व्यापारियों ने मेले के दौरान आने वाली संभावित समस्याओं और अपनी मांगों से उन्हें अवगत कराया। इस दौरान डॉ. विशाल गर्ग को भाजपा के प्रचार एवं साहित्य विभाग का प्रदेश सहसंयोजक बनाए जाने पर व्यापारियों ने उनका स्वागत करते हुए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं और सुझावों को शासन एवं प्रशासन के सामने प्रभावी ढंग से रखा जाएगा और उनके समाधान का प्रयास किया जाएगा।
व्यापार मंडल ने प्रशासन से मांग की कि कांवड़ मेला शुरू होने से पहले प्रमुख बाजारों, संपर्क मार्गों और कांवड़ यात्रा पथ से अस्थायी अतिक्रमण हटाया जाए। साथ ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पर्याप्त पैदल मार्ग सुनिश्चित किए जाएं, ताकि कांवड़ियों और स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। रेलवे की अतिरिक्त ट्रेनों, विस्तारित रेल सेवाओं और कांवड़ मार्गों पर रोशनी की व्यवस्था के साथ प्रशासन अब मेले की अन्य तैयारियों को भी तेजी से पूरा करने में जुटा है। ऐसे में 30 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुगम आवाजाही सुनिश्चित करना प्रशासन के सामने सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है।
