Connect with us
Kangana Ranaut kumauni Pichora

Home / उत्तराखण्ड / कुमाऊंनी परिधान में नजर आई वालीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत, पहनी पारम्परिक रंगीली पिछौड़ी….

उत्तराखण्ड पिथौरागढ़

कुमाऊंनी परिधान में नजर आई वालीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत, पहनी पारम्परिक रंगीली पिछौड़ी….

1 min read

Kangana Ranaut kumauni Pichora:- भाजपा के पिथौरागढ़ जिला महामंत्री राकेश देवलाल ने बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत को भेंट स्वरूप प्रदान की पारम्परिक कुमाऊंनी रंगीली पिछौड़ी..

Kangana Ranaut kumauni Pichora इन दिनों देश के अलग-अलग राज्यों में चुनाव का माहौल बना हुआ है ऐसे में भारतीय जनता पार्टी ने हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत को मैदान में उतारा है जिसके साथ ही कंगना की राजनीतिक पारी शुरू हो चुकी है। बता दें उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के भाजपा जिला महामंत्री राकेश देवलाल को हिमाचल प्रदेश के मंडी से चुनाव लड़ रही बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत के चुनाव प्रबंधन का दायित्व दिया गया है और साथ ही उन्हें मंडी संसदीय सीट का चुनाव प्रभारी भी बनाया गया है जिसके लिए वह 29 अप्रैल को ही हिमाचल प्रदेश के मंडी के लिए रवाना हो गए थे।
यह भी पढ़ें- अमीरों की शादी की रस्में बनी गरीबों के जी का जंजाल, दिखावे के चक्कर में क‌ई गुना बढ़ गया शादी का खर्च….

प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के भाजपा जिला महामंत्री राकेश देवलाल ने बीते सोमवार को हिमाचल प्रदेश के मंडी में बॉलीवुड अभिनेत्री (भाजपा प्रत्याशी) कंगना रनौत को भेंट स्वरूप कुमाऊंनी परिधान रंगीली पिछोड़ी प्रदान की जिसके बाद कंगना ने कुमाऊं के लोगों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि चुनाव के बाद वह देवभूमि उत्तराखंड के दर्शन करने के लिए अवश्य आयेंगी।
यह भी पढ़ें- उत्तराखण्ड मूल की मशहूर अदाकारा रूप दुर्गापाल ने सुनाया जब एक सुपरहिट पहाड़ी गीत..

कुमाऊंनी महिलाओं की शान रंगीली पिछोड़ी:-

दरअसल उत्तराखंड अपनी अनूठी संस्कृति के लिए पूरे विश्वभर में प्रसिद्ध है यहाँ की संस्कृति देश-विदेश के लोगों के साथ-साथ बॉलीवुड की अभिनेत्रियों को भी बेहद पसंद आती है। ऐसी कुछ पारंपरिक परिधान रंगोली पिछोडि भी है जो कुमाऊं की महिलाओ द्वारा सदियों से शुभ अवसर के मौकों पर प्रयोग मे लाई जाती है। बता दे पिछोड़ी को देवी की चुनरी के समान पवित्र माना जाता है जिसे कुमाऊं के लोगों द्वारा अन्य महिलाओं को भेंट स्वरूप भी प्रदान किया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि पिछोड़ि में पीला और लाल रंग इसलिए होता है क्योंकि पीला रंग प्रसन्नता और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। तो वही लाल रंग जीवन की खुशहाली का प्रतीक होता है।

यह भी पढ़ें- उत्तराखंड: कुमाऊं विवाह की परंपरा है बेहद अनुठी जानिए इससे जुड़े कुछ रोचक तथ्य

उत्तराखंड की सभी ताजा खबरों के लिए देवभूमि दर्शन के WHATSAPP GROUP से जुडिए।

👉👉TWITTER पर जुडिए।

Continue Reading

More in उत्तराखण्ड

To Top